Shivraj On Budhni Action: बुधनी में बुलडोजर कार्रवाई पर भड़के शिवराज, अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

Nisha Shah
4 घंटे पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Aditya Verma
5 घंटे पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Sonu rai
6 घंटे पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Nisha Shah
7 घंटे पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Navya Nair
8 घंटे पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Navya Nair
9 घंटे पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Saanvi Pandey
11 घंटे पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Vivaan Gupta
11 घंटे पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
बुधनी में वन विभाग की कार्रवाई पर शिवराज सिंह चौहान नाराज
मध्य प्रदेश के बुधनी क्षेत्र के कोसमी गांव में वन विभाग की कार्रवाई को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नाराजगी जताई है। रविवार को उन्होंने कार्रवाई से प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। आरोप है कि इस दौरान गरीब परिवारों के घरों पर बुलडोजर चलाया गया, मक्का और तुअर की फसलें नष्ट की गईं तथा सिंचाई और पेयजल के लिए इस्तेमाल होने वाले कुएं को मिट्टी से भर दिया गया। शिवराज सिंह चौहान ने मौके से ही राज्य के मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल को फोन कर मामले पर आपत्ति जताई और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए वह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी चर्चा करेंगे।
मुख्यमंत्री को बदनाम करने की साजिश बताया
शिवराज सिंह चौहान ने कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें यह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को बदनाम करने की साजिश लगती है। उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को भी पूरे मामले की जानकारी दी। शिवराज के मुताबिक, इन परिवारों की परेशानियों और उनकी फसलों को हुए नुकसान की जानकारी मुख्यमंत्री तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ अधिकारियों की कार्रवाई से सरकार और पार्टी की छवि प्रभावित हो सकती है। हालांकि, कार्रवाई के पीछे की मंशा को लेकर लगाया गया आरोप शिवराज सिंह चौहान का बयान है।
प्रभावित परिवारों के लिए आवास और भोजन की व्यवस्था का आश्वासन
प्रभावित परिवारों से मुलाकात के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने वन विभाग और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की अनुपस्थिति पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के घर तोड़े गए हैं, उनके लिए नए घर बनवाने का प्रयास किया जाएगा। जब तक स्थायी व्यवस्था नहीं होती, तब तक उनके रहने और खाने की अस्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात भी कही। शिवराज ने अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और मामले में उचित कार्रवाई करने की मांग की। प्रभावित परिवारों को हुए नुकसान और उनकी तत्काल जरूरतों का आकलन अब इस मामले का अहम हिस्सा होगा।
सीहोर के DFO को हटाया गया
मामले के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीहोर के वन मंडल अधिकारी मगन सिंह डाबर को पद से हटाने का फैसला किया। रिपोर्ट के अनुसार, उनकी जगह अर्चना पटेल को नया DFO नियुक्त किया गया है। बुधनी क्षेत्र में बरेला समुदाय के आदिवासी परिवारों के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने कड़ी आपत्ति जताई थी। DFO को हटाए जाने के बाद मामले में प्रशासनिक कार्रवाई हुई है, जबकि जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका और प्रभावित परिवारों को राहत देने के आगे के कदमों पर नजर रहेगी।
जमीन पर लंबे समय से रह रहे परिवारों का मुद्दा
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उन्होंने पहले भी अनुरोध किया था कि जमीन पर वर्षों से रह रहे इन परिवारों को परेशान न किया जाए। उन्होंने प्रभावित लोगों की आजीविका, फसलों और भविष्य पर कार्रवाई के असर को लेकर चिंता जताई। इस मामले में एक ओर वन विभाग की कार्रवाई और जमीन से जुड़े नियमों का पहलू है, तो दूसरी ओर प्रभावित परिवारों के आवास, पेयजल और आजीविका की सुरक्षा का सवाल है। आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि प्रशासन मामले की जांच कैसे करता है और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास तथा राहत के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।








