India First Victim Rights Centre: देश का पहला Victim Rights Centre पटना में

देश का पहला Victim Rights Centre पटना में
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Krishna Yadav

Krishna Yadav

4 घंटे पहले

Bharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.

Krishna Yadav

Krishna Yadav

5 घंटे पहले

Hamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.

Anil Sen

Anil Sen

5 घंटे पहले

Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

Arjun Singh

Arjun Singh

7 घंटे पहले

Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

Payal jadon

Payal jadon

7 घंटे पहले

Is niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.

Tanya Bajaj

Tanya Bajaj

9 घंटे पहले

Bharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.

Dev Kapoor

Dev Kapoor

10 घंटे पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Aarohi Chaudhary

Aarohi Chaudhary

11 घंटे पहले

India ki progress dekh ke dil khush ho gaya!

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भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत 26 सितंबर 2026 को पटना में देश के पहले Victim Rights Centre का उद्घाटन करेंगे। यह केंद्र बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण यानी BSLSA के परिसर में शुरू किया जा रहा है। इसका उद्देश्य अपराध के पीड़ितों को कानूनी अधिकारों और सहायता से जुड़ी सेवाएं एक ही जगह उपलब्ध कराना है। केंद्र को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया जा रहा है और इसके जरिए पीड़ितों को अलग-अलग सरकारी कार्यालयों और एजेंसियों के चक्कर लगाने की जरूरत कम करने का प्रयास किया जाएगा।


एक ही जगह मिलेगी कई तरह की सहायता
Victim Rights Centre को सिंगल विंडो व्यवस्था के रूप में विकसित किया गया है। यहां पीड़ित के मामले का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा और उसे एक Victim Case Number दिया जाएगा। केंद्र पीड़ित की कानूनी, चिकित्सकीय, आर्थिक, मनोवैज्ञानिक, सुरक्षा और पुनर्वास संबंधी जरूरतों का आकलन करेगा। इसके बाद संबंधित विभागों और संस्थाओं के साथ समन्वय कर सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इसका उद्देश्य यह भी है कि पीड़ित को अपनी पूरी घटना अलग-अलग अधिकारियों के सामने बार-बार बताने की परेशानी न हो।


FIR से अपील तक कानूनी मदद का प्रावधान
केंद्र के माध्यम से पीड़ितों को FIR दर्ज कराने के चरण से लेकर जमानत, ट्रायल, सजा और अपील तक कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा मुआवजे से संबंधित आवेदन, आपातकालीन चिकित्सा सहायता और गवाह सुरक्षा जैसी जरूरतों में भी संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर काउंसलिंग, मनोवैज्ञानिक सहायता और कोर्ट में साथ देने की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे पीड़ितों को न्यायिक प्रक्रिया के दौरान आवश्यक सहायता एक व्यवस्थित तरीके से मिल सकेगी।

 

हर मामले के लिए तय होगी समयसीमा
Victim Rights Centre में मामलों की निगरानी के लिए तय समयसीमा का प्रावधान रखा गया है। रिपोर्ट के अनुसार जरूरत पड़ने पर 48 घंटे के भीतर पैनल वकील नियुक्त करने की व्यवस्था होगी और काउंसलर या केस वर्कर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। केंद्र सीधे मुआवजा देने वाली संस्था नहीं होगा, बल्कि पुलिस, अस्पताल, वन स्टॉप सेंटर, बाल कल्याण समितियों और संबंधित सरकारी विभागों के साथ समन्वय करेगा ताकि कानून के तहत मिलने वाली सहायता पीड़ित तक पहुंच सके।


लंबे समय से प्रभावित परिवारों पर भी ध्यान
इस केंद्र की एक विशेष व्यवस्था उन लोगों के लिए भी बताई गई है जिन्हें किसी अपराध के प्रत्यक्ष पीड़ित न होने के बावजूद परिस्थितियों के कारण गंभीर सामाजिक और आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसमें लंबे समय तक जेल में बंद विचाराधीन कैदियों के परिवार और वर्षों तक हिरासत में रहने के बाद बरी हुए लोगों से जुड़े मामले शामिल किए जा सकते हैं। ऐसे मामलों का अलग रिकॉर्ड रखकर आवश्यक सहायता और सरकारी योजनाओं तक पहुंच बनाने में मदद की जाएगी। केंद्र का उद्देश्य केवल कानूनी कार्रवाई तक सीमित न रहकर पीड़ित और प्रभावित परिवारों की जरूरतों को भी समन्वित तरीके से देखना है।


पटना में 12 महीने का पायलट प्रोजेक्ट
Victim Rights Centre फिलहाल पटना जिले में 12 महीने के पायलट प्रोजेक्ट के रूप में संचालित किया जाएगा। इसके कामकाज और परिणामों का आकलन करने के बाद इसे अन्य जिलों में District Legal Services Authorities के माध्यम से विस्तार देने पर विचार किया जाएगा। यह पहल बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मौजूदा संसाधनों और बुनियादी ढांचे का इस्तेमाल करते हुए शुरू की जा रही है और इसके लिए अलग कानून या स्वतंत्र वैधानिक संस्था बनाने की जरूरत नहीं बताई गई है। 26 सितंबर के कार्यक्रम में ट्रांसजेंडर हेल्पलाइन की शुरुआत और बहुउद्देशीय वाहनों को हरी झंडी दिखाने का कार्यक्रम भी शामिल है।

 

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Krishna Yadav

Krishna Yadav

4 घंटे पहले

Bharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.

Krishna Yadav

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5 घंटे पहले

Hamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.

Anil Sen

Anil Sen

5 घंटे पहले

Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

Arjun Singh

Arjun Singh

7 घंटे पहले

Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

Payal jadon

Payal jadon

7 घंटे पहले

Is niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.

Tanya Bajaj

Tanya Bajaj

9 घंटे पहले

Bharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.

Dev Kapoor

Dev Kapoor

10 घंटे पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Aarohi Chaudhary

Aarohi Chaudhary

11 घंटे पहले

India ki progress dekh ke dil khush ho gaya!

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