Bank Strike From September 28: 28 से 30 सितंबर तक बैंक हड़ताल

28 से 30 सितंबर तक बैंक हड़ताल
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Dhruv Bhatt

Dhruv Bhatt

1 घंटे पहले

Bharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.

Ritika Ghosh

Ritika Ghosh

3 घंटे पहले

Is niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.

Ravi sinha

Ravi sinha

4 घंटे पहले

Desh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.

Trapti Tanwar

Trapti Tanwar

4 घंटे पहले

Bharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.

Ravi sinha

Ravi sinha

6 घंटे पहले

Jai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.

Anil Sen

Anil Sen

7 घंटे पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

Ritika Ghosh

Ritika Ghosh

8 घंटे पहले

Hamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.

Ritika Ghosh

Ritika Ghosh

9 घंटे पहले

Desh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.

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बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के यूनियनों के संगठन United Forum of Bank Unions यानी UFBU ने 28 से 30 सितंबर 2026 तक तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। यूनियनों और सरकार तथा बैंक प्रबंधन के बीच बातचीत से कोई अंतिम समाधान नहीं निकलने के बाद हड़ताल का फैसला बरकरार रखा गया है। इसका सबसे ज्यादा असर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की शाखाओं में ग्राहक सेवाओं पर पड़ सकता है।


पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था की प्रमुख मांग
यूनियनों की प्रमुख मांग सभी शनिवार को बैंक अवकाश घोषित कर पांच-दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करना है। वर्तमान व्यवस्था में दूसरे और चौथे शनिवार को बैंक बंद रहते हैं। यूनियनों का कहना है कि पांच-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग पहले के वेतन समझौते से जुड़ी हुई है और इस पर अब तक अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।


PLI समेत दूसरे मुद्दे भी शामिल
हड़ताल की मांगों में Performance Linked Incentive यानी PLI से जुड़ा विवाद भी शामिल है। UFBU के अनुसार PLI व्यवस्था और उससे संबंधित बदलावों को लेकर भी आपत्ति है। इसके अलावा बैंक कर्मचारियों से जुड़े अन्य लंबित मुद्दों पर भी यूनियनों ने बातचीत और समाधान की मांग की है। सरकार और बैंक प्रबंधन की ओर से कर्मचारियों से हड़ताल टालने की अपील की गई है, लेकिन यूनियनों ने फिलहाल हड़ताल का कार्यक्रम वापस नहीं लिया है।

 

लगातार पांच दिन शाखाओं पर असर पड़ सकता है
26 सितंबर को चौथा शनिवार और 27 सितंबर को रविवार होने के कारण 28 से 30 सितंबर की तीन दिवसीय हड़ताल के साथ शाखा-आधारित बैंकिंग पर लगातार पांच दिनों तक असर पड़ने की संभावना है। इसी वजह से सरकार ने 27 सितंबर रविवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को सामान्य रूप से खोलने का निर्णय लिया है। RBI ने बैंक शाखाओं, कार्यालयों, ATM-linked branches और currency chests को भी उस दिन संचालित करने की मंजूरी दी है।


UPI और डिजिटल बैंकिंग सेवाओं पर क्या असर होगा
हड़ताल का मुख्य प्रभाव बैंक शाखाओं और कर्मचारियों पर रहने की संभावना है। UPI, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और अन्य डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से चलने की उम्मीद है, हालांकि कुछ बैंकिंग प्रक्रियाओं में देरी हो सकती है। शाखा में होने वाले नकद लेनदेन, चेक संबंधी काम, डिमांड ड्राफ्ट और लॉकर जैसी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। ग्राहकों के लिए जरूरी शाखा-आधारित काम पहले निपटाना उपयोगी रहेगा।


26 सितंबर से ग्राहकों को रखना होगा ध्यान
वर्तमान कार्यक्रम के अनुसार बैंक कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल 28, 29 और 30 सितंबर को प्रस्तावित है। UFBU ने यह भी कहा है कि यदि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का विकल्प रखा गया है। हालांकि आगे बातचीत के आधार पर स्थिति बदल सकती है। फिलहाल ग्राहकों को अपनी शाखा-आधारित जरूरतों, चेक क्लियरेंस और अन्य जरूरी बैंकिंग कार्यों की पहले से योजना बनाने की सलाह दी जा रही है।

 

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Dhruv Bhatt

Dhruv Bhatt

1 घंटे पहले

Bharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.

Ritika Ghosh

Ritika Ghosh

3 घंटे पहले

Is niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.

Ravi sinha

Ravi sinha

4 घंटे पहले

Desh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.

Trapti Tanwar

Trapti Tanwar

4 घंटे पहले

Bharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.

Ravi sinha

Ravi sinha

6 घंटे पहले

Jai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.

Anil Sen

Anil Sen

7 घंटे पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

Ritika Ghosh

Ritika Ghosh

8 घंटे पहले

Hamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.

Ritika Ghosh

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9 घंटे पहले

Desh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.

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