100g More UPF Linked To Higher Risk: अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड से दिल पर खतरा

Riya Jain
1 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Ravi sinha
2 घंटे पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Trapti Tanwar
4 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Priya Iyer
5 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Anika Rajput
7 घंटे पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Ritika Ghosh
7 घंटे पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड यानी ऐसे खाद्य पदार्थ जिनमें औद्योगिक स्तर पर कई तरह की प्रोसेसिंग, एडिटिव्स और अन्य घटकों का इस्तेमाल होता है, स्वास्थ्य को लेकर लगातार चर्चा में हैं। 25 सितंबर 2026 को प्रकाशित एक रिपोर्ट में हालिया अध्ययन के हवाले से बताया गया कि रोजाना अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड की मात्रा में हर अतिरिक्त 100 ग्राम बढ़ोतरी कार्डियोवैस्कुलर घटनाओं के 14 प्रतिशत अधिक जोखिम से जुड़ी पाई गई। अध्ययन में यह संबंध लंबे समय के स्वास्थ्य परिणामों के संदर्भ में देखा गया है।
14 प्रतिशत जोखिम को कैसे समझें
इस आंकड़े का मतलब यह नहीं है कि कोई व्यक्ति एक दिन में 100 ग्राम अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड खाता है तो उसे तुरंत दिल की बीमारी होने का 14 प्रतिशत खतरा हो जाएगा। यह आंकड़ा आबादी में भोजन की मात्रा और बीमारी के जोखिम के बीच पाए गए सांख्यिकीय संबंध को दर्शाता है। इसलिए इसे व्यक्तिगत व्यक्ति के लिए निश्चित भविष्यवाणी के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। विशेषज्ञ भी ऐसे अध्ययनों के परिणामों को पूरे आहार और जीवनशैली के संदर्भ में देखने की सलाह देते हैं।
अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड में क्या शामिल हो सकता है
अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड की श्रेणी में कई तरह के पैकेज्ड और औद्योगिक रूप से तैयार उत्पाद आ सकते हैं। इनमें कुछ पैकेज्ड स्नैक्स, मीठे पेय, इंस्टेंट और रेडी-टू-ईट उत्पाद, प्रोसेस्ड मीट तथा ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल हो सकते हैं जिनमें कई औद्योगिक सामग्री और एडिटिव्स होते हैं। हालांकि हर पैकेज्ड या प्रोसेस्ड भोजन अपने आप अल्ट्रा प्रोसेस्ड नहीं होता। इसकी पहचान आमतौर पर NOVA जैसी खाद्य-वर्गीकरण प्रणाली के आधार पर की जाती है।
दिल की बीमारी के साथ संबंध पर पहले भी शोध
अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड और हृदय स्वास्थ्य के बीच संबंध पर पहले भी कई अध्ययन हो चुके हैं। यूरोपियन हार्ट जर्नल में प्रकाशित 2026 के एक clinical consensus statement में पहले के बड़े prospective studies का उल्लेख करते हुए बताया गया कि ज्यादा UPF सेवन cardiovascular disease के अधिक जोखिम से जुड़ा पाया गया है। एक अन्य 2026 UK Biobank अध्ययन में सबसे ज्यादा UPF सेवन वाले समूह में सबसे कम सेवन वाले समूह की तुलना में atherosclerosis का जोखिम 29 प्रतिशत अधिक पाया गया।
सिर्फ एक खाद्य पदार्थ से तय नहीं होता दिल का स्वास्थ्य
दिल की बीमारी का जोखिम केवल किसी एक खाद्य पदार्थ से तय नहीं होता। कुल आहार, शारीरिक गतिविधि, वजन, धूम्रपान, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और अन्य स्वास्थ्य कारक भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उपलब्ध शोध मुख्य रूप से observational associations पर आधारित है, इसलिए यह कहना उचित नहीं होगा कि अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड ही अकेले हृदय रोग का कारण है। वैज्ञानिक शोध में इसके पीछे पोषण गुणवत्ता, नमक, चीनी, वसा, फाइबर और अन्य संभावित कारकों की भूमिका भी देखी जा रही है।
विशेषज्ञों का संदेश: संतुलित आहार पर ध्यान
शोधों से सामने आ रहे संबंधों के बीच आहार में कम प्रोसेस्ड और minimally processed foods को प्राथमिकता देने पर जोर दिया जाता है। फल, सब्जियां, साबुत अनाज और अन्य पोषक खाद्य पदार्थों को संतुलित मात्रा में शामिल करना तथा अत्यधिक प्रोसेस्ड, ज्यादा नमक, चीनी या अस्वास्थ्यकर वसा वाले उत्पादों का सेवन सीमित करना सामान्य स्वास्थ्य सलाह के अनुरूप है। हालांकि किसी व्यक्ति की डाइट में बदलाव उसकी व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार होना चाहिए।








