NEET विवाद पर जंतर-मंतर से संसद कूच की कोशिश: जंतर-मंतर पर हंगामा, पुलिस-प्रदर्शनकारी आमने-सामने

जंतर-मंतर पर हंगामा, पुलिस-प्रदर्शनकारी आमने-सामने
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Dhruv Bhatt

Dhruv Bhatt

7 घंटे पहले

Logon ki madad karna hi asli dharam hai.

Pihu Agarwal

Pihu Agarwal

7 घंटे पहले

Yeh mamla sabke saath ho sakta hai, jaagrukata zaroori.

Nisha Shah

Nisha Shah

10 घंटे पहले

Aam aadmi ki taklif samjhna aur samajhana dono zaroori hai.

Arjun Singh

Arjun Singh

10 घंटे पहले

Yeh haalat bahut chintajanak hai, jaldi karyawahi ho.

Pranav Srivastava

Pranav Srivastava

11 घंटे पहले

Jab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.

Vaishali shinde

Vaishali shinde

11 घंटे पहले

Aise logon ko support karna humara farz hai.

Ritika Ghosh

Ritika Ghosh

12 घंटे पहले

Yeh sirf ek ghar ki nahi, pure samaj ki baat hai.

Simran Arora

Simran Arora

12 घंटे पहले

Jab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.

Saanvi Pandey

Saanvi Pandey

14 घंटे पहले

Yeh mamla sabke saath ho sakta hai, jaagrukata zaroori.

Tanya Bajaj

Tanya Bajaj

14 घंटे पहले

Hum is cause ke saath hain!

Taushif Shekh

Taushif Shekh

15 घंटे पहले

Aise logon ko support karna humara farz hai.

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नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई 2026 को NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर हजारों छात्र, अभिभावक और युवा कार्यकर्ता एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने 'चलो संसद' मार्च का आह्वान करते हुए संसद की ओर शांतिपूर्ण कूच करने की कोशिश की। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन इस प्रदर्शन ने राजधानी का राजनीतिक माहौल गर्मा दिया।


हजारों प्रदर्शनकारी, प्रमुख चेहरे भी पहुंचे
भारी बारिश के बावजूद हजारों प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में जुटे। आंदोलन का नेतृत्व अभिजीत दिपके कर रहे हैं, जबकि अनशनरत सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनकी पत्नी डॉ. गीतांजलि अंगमो ने प्रदर्शन की कमान संभाली। कई विपक्षी नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी आंदोलन को समर्थन दिया और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग दोहराई।


संसद तक मार्च की रणनीति, मंत्रियों से सीधी बातचीत की मांग
प्रदर्शनकारियों की योजना जंतर-मंतर से पटेल चौक होते हुए नए संसद भवन तक मार्च निकालने की थी। रास्ते में पुलिस द्वारा रोके जाने पर कई छात्रों ने मानव श्रृंखला बनाकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारी अधिकारियों के बजाय सीधे केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों या प्रधानमंत्री से बातचीत की मांग पर अड़े रहे। उनके हाथों में संविधान की प्रतियां, तिरंगा और शिक्षा सुधार से जुड़े पोस्टर दिखाई दिए।

 

दिल्ली पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 लागू की गई। दिल्ली पुलिस, CRPF और RAF के जवानों ने संसद मार्ग और आसपास के इलाकों में बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया। कई स्थानों पर लोहे के बैरिकेड लगाए गए और संसद की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने सख्ती बरती। कुछ स्थानों पर हल्का बल प्रयोग किए जाने की भी खबरें सामने आईं।


अस्पताल से भी जारी रहा सोनम वांगचुक का समर्थन
स्वास्थ्य खराब होने के कारण अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने भी आंदोलन के प्रति अपना समर्थन जारी रखा। उन्होंने छात्रों से शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से अपनी मांगें उठाने की अपील की। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार शामिल रहे।


यातायात और जनजीवन पर असर, संसद में भी गूंजने के आसार
सुरक्षा व्यवस्था के चलते मध्य दिल्ली के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित रहा। कुछ मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वारों पर भी सुरक्षा कारणों से अस्थायी प्रतिबंध लगाए गए, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। राजनीतिक समर्थन मिलने के बाद इस मुद्दे के संसद के मानसून सत्र में भी जोर-शोर से उठने की संभावना जताई जा रही है, जबकि प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने की अपील की।

 

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Dhruv Bhatt

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7 घंटे पहले

Logon ki madad karna hi asli dharam hai.

Pihu Agarwal

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7 घंटे पहले

Yeh mamla sabke saath ho sakta hai, jaagrukata zaroori.

Nisha Shah

Nisha Shah

10 घंटे पहले

Aam aadmi ki taklif samjhna aur samajhana dono zaroori hai.

Arjun Singh

Arjun Singh

10 घंटे पहले

Yeh haalat bahut chintajanak hai, jaldi karyawahi ho.

Pranav Srivastava

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11 घंटे पहले

Jab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.

Vaishali shinde

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11 घंटे पहले

Aise logon ko support karna humara farz hai.

Ritika Ghosh

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12 घंटे पहले

Yeh sirf ek ghar ki nahi, pure samaj ki baat hai.

Simran Arora

Simran Arora

12 घंटे पहले

Jab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.

Saanvi Pandey

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14 घंटे पहले

Yeh mamla sabke saath ho sakta hai, jaagrukata zaroori.

Tanya Bajaj

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14 घंटे पहले

Hum is cause ke saath hain!

Taushif Shekh

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15 घंटे पहले

Aise logon ko support karna humara farz hai.

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