Humanity Beyond Religion: मध्यप्रदेश मुस्लिम त्योहार कमेटी ने लिया मानव सेवा का संकल्प

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बेसहारा लोगों की अंतिम विदाई में मदद करेगी कमेटी
मध्यप्रदेश मुस्लिम त्योहार कमेटी ने मानवता और सामाजिक सद्भाव की मिसाल पेश करते हुए बेसहारा लोगों के सम्मानजनक अंतिम संस्कार में सहयोग करने का संकल्प लिया है। कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीशान रहमान (शानू) ने घोषणा की कि जिन महिला या पुरुषों की मृत्यु के बाद अंतिम विदाई की व्यवस्था करने वाला कोई नहीं होता, उनकी मदद की जाएगी। इस पहल में धर्म या समुदाय के आधार पर किसी तरह का भेदभाव नहीं किया जाएगा।
कफन-दफन से शव परिवहन तक मिलेगी सहायता
कमेटी की योजना के तहत जरूरतमंदों के अंतिम संस्कार से जुड़े जरूरी खर्चों में यथासंभव सहयोग किया जाएगा। इसमें कफन-दफन, शवदाह, धार्मिक रीति-रिवाजों और शव परिवहन की व्यवस्था शामिल है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी व्यक्ति को परिवार के सदस्यों की अनुपस्थिति या आर्थिक तंगी के कारण सम्मानजनक अंतिम विदाई से वंचित न रहना पड़े।
सरकारी अस्पतालों को भेजे गए सूचना-पत्र
इस पहल को प्रभावी बनाने के लिए कमेटी की ओर से प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों को सूचना-पत्र भेजकर सहयोग मांगा गया है। अस्पतालों से आग्रह किया गया है कि यदि किसी बेसहारा व्यक्ति की मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार की व्यवस्था करने वाला कोई न हो, तो कमेटी को इसकी जानकारी दी जाए। इसके जरिए जरूरतमंदों की पहचान कर समय पर सहायता पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
‘धर्म अनेक, इंसानियत एक’ का संदेश
प्रदेश अध्यक्ष जीशान रहमान (शानू) ने कहा कि इंसानियत किसी एक धर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी मानवता की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जब किसी बेसहारा व्यक्ति की अंतिम विदाई के लिए कोई आगे नहीं आता, तब समाज को उसकी गरिमा बनाए रखने के लिए मदद करनी चाहिए। कमेटी का संकल्प धर्म, जाति और समुदाय से ऊपर उठकर मानव सेवा, संवेदना और आपसी भाईचारे को मजबूत करना है। इस पहल के माध्यम से संदेश दिया गया है कि हर व्यक्ति सम्मानजनक विदाई का हकदार है और जरूरत के समय इंसानियत का हाथ आगे आना चाहिए।








