पहली बारिश में धंसा 16 करोड़ का नया पुल: देहरादून में नए पुल की एप्रोच रोड धंसी
Aryan Malhotra
6 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Pranav Srivastava
7 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Trapti Tanwar
7 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Anika Rajput
7 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Priya Iyer
7 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Payal jadon
7 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Trapti Tanwar
7 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Navya Nair
11 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Taushif Shekh
12 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Payal jadon
12 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Ritika Ghosh
12 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Dev Kapoor
12 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Kunal Rao
12 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Harsh Pandya
13 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Sai Mehta
14 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Ritika Ghosh
14 घंटे पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Tanya Bajaj
14 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Dhruv Bhatt
14 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Nidhi kumari
15 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Kabir Shukla
15 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Kavya Mishra
16 घंटे पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Dhruv Bhatt
16 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Aarav Sharma
17 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
उत्तराखंड के देहरादून-पांवटा साहिब मार्ग पर स्थित नंदा की चौकी में 16 करोड़ रुपये की लागत से बना नया पुल पहली ही भारी बारिश के बाद क्षतिग्रस्त हो गया। पुल का उद्घाटन 12 जुलाई 2026 को किया गया था, लेकिन महज 16-17 दिन बाद एप्रोच रोड धंसने से यातायात रोकना पड़ा। राहत की बात यह रही कि मुख्य पुल सुरक्षित है और कोई जनहानि नहीं हुई। प्रशासन ने तत्काल बैरिकेडिंग कर मार्ग बंद कर दिया तथा मरम्मत कार्य शुरू कर दिया। घटना के बाद निर्माण गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
महज 16 दिन बाद सामने आई निर्माण की खामियां
भारी मानसूनी बारिश के दौरान पुल को जोड़ने वाली एप्रोच रोड के नीचे की मिट्टी तेज बहाव में बह गई, जिससे सड़क के बीचों-बीच गहरा गड्ढा बन गया। इससे देहरादून, विकासनगर और हिमाचल प्रदेश को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग बाधित हो गया। स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य में लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन ने वैकल्पिक मार्गों से यातायात डायवर्ट कर दिया है। मौके पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
मुख्य पुल सुरक्षित, एप्रोच रोड हुई क्षतिग्रस्त
तकनीकी अधिकारियों के अनुसार पुल का मुख्य ढांचा पूरी तरह सुरक्षित है। क्षति केवल पुल तक पहुंचने वाली सड़क में हुई है, जहां बारिश के पानी और नदी के तेज बहाव ने मिट्टी को बहा दिया। जिलाधिकारी आशीष चौहान ने मौके का निरीक्षण कर तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए हैं। मिट्टी भराई और सड़क को मजबूत करने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। प्रशासन ने जल्द यातायात बहाल करने का भरोसा दिया है।
जांच के आदेश, निर्माण एजेंसी पर उठे सवाल
करोड़ों रुपये की लागत से बने इस नए पुल की हालत पहली ही बारिश में बिगड़ने के बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) और जिला प्रशासन ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। निर्माण गुणवत्ता, तकनीकी मानकों और संभावित लापरवाही की विस्तृत जांच की जाएगी। यदि किसी अधिकारी या निर्माण एजेंसी की जिम्मेदारी तय होती है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विपक्ष और स्थानीय लोगों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
यातायात प्रभावित, लोगों को उठानी पड़ी परेशानी
पुल की एप्रोच रोड धंसने के कारण देहरादून-पांवटा साहिब मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोकनी पड़ी। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनुसार दोनों ओर बैरिकेडिंग कर मार्ग बंद कर दिया और ट्रैफिक को वैकल्पिक रास्तों से डायवर्ट किया। इससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।
पहली बारिश ने खड़े किए बड़े सवाल
यह घटना राज्य में सार्वजनिक निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। करोड़ों रुपये की लागत से बने पुल का उद्घाटन होने के कुछ ही दिनों बाद एप्रोच रोड का धंस जाना निर्माण प्रक्रिया और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून प्रभावित क्षेत्रों में जल निकासी और मिट्टी की मजबूती का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। फिलहाल प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।






