महाराष्ट्र में देर रात भूकंप के झटके: मराठवाड़ा में लगातार भूकंप के झटके

Ada khan
32 मिनट पहलेSamaj ke liye is khabar ka bahut mahatva hai.
Anil Sen
2 घंटे पहलेYeh mamla sabke saath ho sakta hai, jaagrukata zaroori.
Dhruv Bhatt
4 घंटे पहलेCommunity ko mil ke aage aana hoga is mudde par.
Kunal Rao
6 घंटे पहलेYeh samajik mudda bahut gambhir hai, dhyan dena zaroori hai.
महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में 9 जुलाई 2026 की तड़के सुबह लगातार कई भूकंप के झटके महसूस किए गए। नांदेड़, हिंगोली और परभणी जिलों में लोगों की नींद टूट गई और दहशत के कारण कई परिवार घरों से बाहर निकल आए। झटके रात 1:37 बजे से सुबह 3:23 बजे के बीच दर्ज किए गए।
हिंगोली में सबसे तेज 4.6 तीव्रता का झटका
भूकंप का सबसे तेज झटका रिक्टर पैमाने पर 4.6 तीव्रता का दर्ज किया गया। इसका केंद्र हिंगोली जिले के वसमत (बसमत) तालुका के पांगरा शिंदे और शिरली गांवों के पास लगभग 10 किलोमीटर की गहराई में था। अन्य झटकों की तीव्रता 3.6 से 4.6 के बीच दर्ज की गई।
रहस्यमयी गड़गड़ाहट से बढ़ी दहशत
भूकंप के दौरान हिंगोली जिले के कई लोगों ने जमीन के नीचे से तेज गड़गड़ाहट जैसी आवाज सुनने का दावा किया। अचानक आए झटकों और इस आवाज से घबराकर लोग रात में ही अपने घरों से बाहर खुले स्थानों पर पहुंच गए। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने अपने अनुभव साझा किए।
तीन जिलों में महसूस हुए झटके
भूकंप का असर मराठवाड़ा के हिंगोली, नांदेड़ और परभणी जिलों में सबसे अधिक महसूस किया गया। कई स्थानों पर लोगों ने लगातार हल्के और मध्यम झटकों की जानकारी दी। हालांकि किसी भी स्थान से बड़े नुकसान की सूचना सामने नहीं आई।
जान-माल का नुकसान नहीं
राहत की बात यह रही कि जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार अब तक किसी भी प्रकार की जनहानि, घायल होने या बड़े संरचनात्मक नुकसान की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी हुई है।
प्रशासन और NCS की अपील
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) और स्थानीय आपदा प्रबंधन विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन ने नागरिकों से शांत रहने, अफवाहों से बचने और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।








