सरकार का बड़ा कदम: सिर्फ 2.5 घंटे का FREE Cyber Hygiene Course

Riya Jain
0 सेकंड पहलेCBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.
Nisha Shah
0 सेकंड पहलेApradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!
Ritika Ghosh
0 सेकंड पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
Ishaan Tiwari
15 मिनट पहलेSociety ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.
Kunal Rao
2 घंटे पहलेYeh incident sun ke dil bhaari ho gaya.
Pooja Reddy
4 घंटे पहलेGawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.
देश में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) ने आम नागरिकों के लिए एक मुफ्त Cyber Hygiene Course शुरू किया है। इस ऑनलाइन कोर्स का उद्देश्य लोगों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और उन्हें साइबर ठगी से बचने के व्यावहारिक तरीके सिखाना है। कोर्स पूरा करने पर प्रतिभागियों को फ्री डिजिटल सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा।
सिर्फ 2.5 घंटे में सीखें ऑनलाइन सुरक्षा की जरूरी बातें
इस ऑनलाइन कोर्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे लगभग ढाई घंटे में पूरा किया जा सकता है। इसमें इंटरनेट और डिजिटल प्लेटफॉर्म का सुरक्षित उपयोग, साइबर अपराधियों के नए-नए हथकंडों की पहचान और ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव के आसान उपाय बताए जाते हैं। यह कोर्स छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, सरकारी कर्मचारियों, वरिष्ठ नागरिकों और हर इंटरनेट उपयोगकर्ता के लिए उपयोगी माना जा रहा है।
कोर्स में क्या-क्या सीखने को मिलेगा?
I4C द्वारा तैयार किए गए इस कोर्स में फिशिंग स्कैम, OTP फ्रॉड, KYC स्कैम, नकली बैंक कॉल, फेक लिंक, फर्जी APK फाइल्स, सोशल मीडिया सुरक्षा, सुरक्षित पासवर्ड बनाने की तकनीक, UPI सुरक्षा और डिजिटल पेमेंट के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की विस्तृत जानकारी दी जाती है। साथ ही व्यक्तिगत जानकारी, बैंक खाते और डिजिटल पहचान को सुरक्षित रखने के तरीके भी समझाए जाते हैं।
साइबर दोस्त ने दी लोगों को जागरूक रहने की सलाह
I4C की आधिकारिक पहल 'साइबर दोस्त' ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर लोगों से इस मुफ्त कोर्स में शामिल होने की अपील की है। पोस्ट में कहा गया है कि देशभर में फ्रॉड कॉल, फर्जी लिंक, डिजिटल अरेस्ट, ट्रेडिंग फ्रॉड और ऑनलाइन स्कैम के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में प्रत्येक नागरिक को साइबर सुरक्षा की बुनियादी जानकारी अवश्य होनी चाहिए।
साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत करें शिकायत
I4C ने लोगों को यह भी सलाह दी है कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाए तो उसे बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए। समय पर शिकायत दर्ज होने पर संबंधित बैंक खाते को तत्काल होल्ड कराया जा सकता है, जिससे ठगी गई रकम वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
पुलिस चला रही है साइबर जागरूकता अभियान
देशभर में साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस विभाग भी लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है। कई जिलों में पुलिस टीमें स्कूलों और कॉलेजों में जाकर प्रतिदिन सैकड़ों विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा की लाइव ट्रेनिंग दे रही हैं। विद्यार्थियों को ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया स्कैम, फर्जी लॉटरी कॉल, डिजिटल अरेस्ट, साइबर बुलिंग और निवेश संबंधी धोखाधड़ी से बचने के उपाय बताए जा रहे हैं, ताकि वे अपने परिवार और समाज को भी जागरूक कर सकें।
तेजी से बढ़ रहे हैं साइबर अपराध
आज के समय में साइबर अपराधी फर्जी बैंक अधिकारी बनकर कॉल करना, KYC अपडेट के नाम पर लिंक भेजना, नकली जॉब ऑफर देना, फर्जी पार्सल डिलीवरी, UPI रिक्वेस्ट, OTP साझा कराने और ट्रेडिंग ऐप्स के जरिए लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। कई मामलों में लोगों की वर्षों की जमा पूंजी कुछ ही मिनटों में साइबर अपराधियों के हाथों चली जाती है। ऐसे में सरकार का यह मुफ्त Cyber Hygiene Course डिजिटल सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
डिजिटल युग में जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा
विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक जितनी तेजी से आगे बढ़ रही है, साइबर अपराधी भी उतनी ही तेजी से नए तरीके अपना रहे हैं। इसलिए हर इंटरनेट उपयोगकर्ता के लिए साइबर सुरक्षा के बुनियादी नियमों की जानकारी होना आवश्यक है। सरकार की यह पहल लोगों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने और साइबर अपराधों से बचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।








