सपा के वरिष्ठ नेता नआजम खान पर ED का एक्शन: 10 ठिकानों पर ED की बड़ी कार्रवाई

Arjun Singh
0 सेकंड पहलेPolice ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.
Pranav Srivastava
0 सेकंड पहलेApradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!
Nidhi kumari
0 सेकंड पहलेPolice ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.
Kavya Mishra
0 सेकंड पहलेApradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!
Ravi sinha
0 सेकंड पहलेSociety ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.
प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से जुड़े वित्तीय मामलों में बुधवार सुबह बड़ी कार्रवाई शुरू की है। मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत ED की अलग-अलग टीमों ने दिल्ली, रामपुर और सहारनपुर समेत करीब 10 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। यह कार्रवाई मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच के तहत की जा रही है। जांच एजेंसी की टीमें अलग-अलग परिसरों में पहुंचकर दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही हैं। सरकारी कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े फंड के कथित डायवर्जन के आरोप भी जांच के दायरे में बताए जा रहे हैं। ED की यह कार्रवाई पूरी होने के बाद मामले में आगे की स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
जौहर ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी जांच के घेरे में
ED की कार्रवाई आजम खान के मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े वित्तीय मामलों पर केंद्रित है। जांच एजेंसी सरकारी टेंडर और कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े पैसों के कथित इस्तेमाल की पड़ताल कर रही है। आरोप है कि सरकारी कॉन्ट्रैक्ट के फंड को निजी ठेकेदारों के जरिए डायवर्ट किया गया और उसका इस्तेमाल ट्रस्ट तथा यूनिवर्सिटी से जुड़ी संपत्तियों में किया गया। ED इस पूरे वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को जोड़ने के लिए बैंक खातों और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है। छापेमारी के दौरान अधिकारियों द्वारा वित्तीय रिकॉर्ड और संपत्तियों से जुड़े कागजात खंगाले जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि आरोपों पर अंतिम स्थिति ED की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली में छापेमारी
ED की टीमों ने उत्तर प्रदेश के रामपुर और सहारनपुर के अलावा नई दिल्ली के जामिया नगर इलाके में भी छापेमारी की है। बताया जा रहा है कि अधिकारी केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ सुबह-सुबह अलग-अलग स्थानों पर पहुंचे और जांच शुरू की। रामपुर में आजम खान से जुड़े परिसरों के अलावा अन्य संबंधित ठिकानों को भी जांच के दायरे में रखा गया है। दिल्ली के जामिया नगर में भी कुछ ठिकानों पर वित्तीय दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच एजेंसी बैंक खातों, लेन-देन और संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड को खंगाल रही है। करीब 10 स्थानों पर एक साथ हुई कार्रवाई के बाद इस मामले ने फिर से राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चा बढ़ा दी है।
सरकारी फंड के कथित डायवर्जन की पड़ताल
ED की जांच में सरकारी कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े फंड के कथित डायवर्जन को एक महत्वपूर्ण पहलू माना जा रहा है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सरकारी परियोजनाओं के लिए जारी धन का इस्तेमाल किन माध्यमों से किया गया। आरोपों के मुताबिक निजी ठेकेदारों के जरिए धन को दूसरी जगह पहुंचाकर ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी से जुड़ी संपत्तियों के निर्माण में इस्तेमाल किया गया। ED संबंधित ठेकेदारों, बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड से पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकती है। फिलहाल एजेंसी की कार्रवाई जारी है और जांच के निष्कर्ष का इंतजार किया जा रहा है।
पहले भी जांच एजेंसियों के निशाने पर रहे आजम खान
आजम खान और उनके परिवार से जुड़े कई मामलों में इससे पहले भी विभिन्न जांच एजेंसियां कार्रवाई कर चुकी हैं। जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन और उससे जुड़े वित्तीय मामलों को लेकर भी उनके खिलाफ जांच होती रही है। आयकर विभाग और ED की पिछली कार्रवाइयों के बाद अब ताजा छापेमारी ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चाएं फिर तेज कर दी हैं। जांच एजेंसी इस मामले में वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। ताजा कार्रवाई में क्या-क्या दस्तावेज या अन्य सामग्री मिली है, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और तथ्य सामने आने की संभावना है।
ED की कार्रवाई से सियासी हलचल तेज
आजम खान के खिलाफ ED की ताजा कार्रवाई के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी हलचल बढ़ गई है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता से जुड़े परिसरों पर हुई इस छापेमारी को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आने की संभावना है। फिलहाल ED की ओर से छापेमारी के दौरान बरामद सामग्री और आगे की कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं समाजवादी पार्टी की ओर से भी इस कार्रवाई पर विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है। जांच एजेंसी कथित मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय लेन-देन से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। अब नजर इस बात पर है कि जांच के बाद ED की ओर से आगे क्या कार्रवाई की जाती है।







