गोरखपुर में मासूम से दरिंदगी, सिपाही गिरफ्तार: डायल 112 सिपाही पर दुष्कर्म और हत्या का आरोप

Sonu rai
0 सेकंड पहलेAise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.
Payal jadon
0 सेकंड पहलेPolice ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.
Krishna Yadav
0 सेकंड पहलेPolice ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.
Payal jadon
0 सेकंड पहलेPeedit ko jald se jald nyay milna chahiye.
Aditya Verma
0 सेकंड पहलेPeedit ko jald se jald nyay milna chahiye.
Anika Rajput
0 सेकंड पहलेGawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.
Pooja Reddy
0 सेकंड पहलेYeh incident sun ke dil bhaari ho gaya.
Diya Gupta
0 सेकंड पहलेSociety ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.
Taushif Shekh
0 सेकंड पहलेPeedit ko jald se jald nyay milna chahiye.
Krishna Yadav
0 सेकंड पहलेApradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!
Tanya Bajaj
0 सेकंड पहलेCBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में 10 वर्षीय बच्ची के अपहरण, कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले में पुलिस ने डायल 112 में तैनात निलंबित सिपाही अभिषेक यादव को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार बच्ची जिला अस्पताल में भर्ती अपनी बड़ी बहन को खाना देने आई थी और लौटते समय आरोपी ने उसे घर छोड़ने का झांसा देकर अपनी मोटरसाइकिल पर बैठा लिया। मामले ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है।
सीसीटीवी फुटेज और बाइक नंबर से आरोपी तक पहुंची पुलिस
पुलिस ने बच्ची के लापता होने के बाद अस्पताल और आसपास के मार्गों के 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की। जांच के दौरान एक वर्दीधारी व्यक्ति बच्ची को बाइक पर ले जाता दिखाई दिया। बाइक के नंबर के आधार पर आरोपी की पहचान अभिषेक यादव के रूप में हुई। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की और बाद में मामले में गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी पर पॉक्सो और हत्या की धाराओं में केस
पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act) और हत्या सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी को सेवा से बर्खास्त करने की विभागीय प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई तेज करने की तैयारी कर रहा है।
आरोपी का पुराना रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोपी का नाम पहले भी एक अन्य मामले में सामने आ चुका था। पुलिस उसके सेवा रिकॉर्ड और पूर्व मामलों की भी जांच कर रही है। विभाग यह भी पता लगा रहा है कि पूर्व शिकायतों और अनुशासनात्मक कार्रवाई के बाद उसकी सेवा बहाली किन परिस्थितियों में हुई थी।
अस्पताल में आरोपी को लेकर हंगामा
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस आरोपी को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंची, तो वहां मौजूद लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। पुलिस के अनुसार कुछ लोगों ने आरोपी के साथ हाथापाई करने की कोशिश की। बाद में पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और आरोपी को सुरक्षा के बीच वहां से बाहर निकाला।
निष्पक्ष जांच और त्वरित न्याय की मांग
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों ने दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच सभी उपलब्ध साक्ष्यों और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर की जा रही है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि कानून के अनुसार निष्पक्ष जांच होगी और अदालत में मजबूत पैरवी की जाएगी ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।






