मोगा के सरकारी नशा मुक्ति केंद्र से 30 मरीज फरार: स्टाफ से धक्का-मुक्की कर तोड़ा गेट का ताला
Reyansh Joshi
0 सेकंड पहलेApradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!
Kabir Shukla
0 सेकंड पहलेGawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.
Anil Sen
0 सेकंड पहलेAise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.
Anika Rajput
1 घंटे पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
Ada khan
3 घंटे पहलेApradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!
पंजाब के मोगा जिले के गांव जनेर स्थित सरकारी नशा मुक्ति केंद्र से करीब 28 से 30 मरीजों के फरार होने की घटना ने प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। बुधवार शाम हुई इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि उपचाराधीन मरीजों और केंद्र के स्टाफ के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक रूप ले बैठा।
स्टाफ से धक्का-मुक्की के बाद तोड़ा गेट का ताला
जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम करीब 7:30 बजे मरीजों और कर्मचारियों के बीच तीखी बहस शुरू हुई। विवाद बढ़ने पर कुछ मरीजों ने स्टाफ के साथ धक्का-मुक्की की और सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए मुख्य गेट का ताला तोड़ दिया। इसके बाद करीब 28 से 30 युवक केंद्र से बाहर निकलकर फरार हो गए।
CCTV कैमरों में कैद हुई पूरी घटना
नशा मुक्ति केंद्र में लगे CCTV कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई है। फुटेज में कई मरीजों को हंगामा करते और गेट तोड़कर भागते हुए देखा जा सकता है। पुलिस अब इन फुटेज की मदद से फरार मरीजों की पहचान और उनकी गतिविधियों का पता लगाने में जुटी हुई है।
95 मरीजों का चल रहा था इलाज
अधिकारियों के अनुसार, सरकारी नशा मुक्ति केंद्र में कुल 95 मरीज भर्ती थे। इनमें से करीब 30 मरीज मौके का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे, जबकि अन्य मरीज केंद्र में ही मौजूद हैं। घटना के बाद केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है।
पुलिस ने शुरू की तलाश, कुछ मरीजों को पकड़ा गया
घटना की सूचना मिलते ही थाना कोट इसे खां की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस टीमों को फरार मरीजों की तलाश में लगाया गया है। सुरक्षा गार्डों के अनुसार, कुछ मरीजों को मौके पर ही पकड़ लिया गया था, जबकि कई युवक फरार होने में सफल रहे। पुलिस उनके घरों और संभावित ठिकानों पर भी नजर रख रही है।
सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल
इस घटना ने सरकारी नशा मुक्ति केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में मरीजों का केंद्र से फरार होना सुरक्षा इंतजामों की कमजोरी को उजागर करता है। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और जिम्मेदारियों का निर्धारण किया जा रहा है।
जांच जारी, जल्द कार्रवाई का दावा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि CCTV फुटेज, कर्मचारियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है। फरार मरीजों को जल्द से जल्द तलाशकर वापस केंद्र लाने के प्रयास जारी हैं। वहीं प्रशासन पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रहा है।






