MP Winter Chill Intensifies: मध्यप्रदेश में बढ़ने लगी ठंड, शाजापुर में पारा 11.9 डिग्री

Kavya Mishra
0 सेकंड पहलेBreaking news! Sabko is baare mein pata hona chahiye.
Ravi sinha
0 सेकंड पहलेItni important news, dosto ko zaroor bhejo.
Ayaan Khan
0 सेकंड पहलेItni important news, dosto ko zaroor bhejo.
Ananya Sharma
0 सेकंड पहलेHamara media aisa hi hona chahiye, sach aur saaf.
Arjun Singh
0 सेकंड पहलेItni important news, dosto ko zaroor bhejo.
Ananya Sharma
35 मिनट पहलेAcchi khabar! Positive news bhi aati rehni chahiye.
Ishaan Tiwari
1 घंटे पहलेYeh padh ke ankhe khul gayi, sabko dikhao.
मध्यप्रदेश में बढ़ने लगी सर्दी
भोपाल। मध्यप्रदेश में सर्दी ने धीरे-धीरे रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है। रात के तापमान में 1.5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने से प्रदेश के कई शहरों में ठंड बढ़ गई है। शाजापुर जिले के गिरवर में प्रदेश का सबसे कम न्यूनतम तापमान 11.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल में रात का पारा 13.5 डिग्री और इंदौर में 12.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
अगले दिनों में तापमान गिरने के आसार
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में रात के तापमान में और गिरावट हो सकती है। हालांकि, राहत की बात यह है कि अगले चार दिनों तक प्रदेश में कहीं भी आंधी या बारिश का अलर्ट नहीं है। ऐसे में धनतेरस और दीपावली के दौरान बाजारों में खरीदारी करने वालों को मौसम का साथ मिलने की उम्मीद है।
कई शहरों में 13 डिग्री से नीचे पहुंचा पारा
प्रदेश के अन्य शहरों में भी रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। दमोह में न्यूनतम तापमान 12 डिग्री, कटनी के करौंदी में 12.2 डिग्री और पचमढ़ी में 12.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। दिन के तापमान में भी 2 से 3 डिग्री तक की गिरावट आई है। अमरकंटक, पचमढ़ी, मलाजखंड, शिवपुरी और बैतूल में अधिकतम तापमान 29 डिग्री से नीचे रहा।
धनतेरस और दिवाली पर खिली रहेगी धूप
मौसम विभाग के मुताबिक, फिलहाल प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा। शुक्रवार को किसी भी जिले में बारिश या आंधी का अलर्ट नहीं है। 7 और 8 नवंबर को भी बारिश की संभावना नहीं जताई गई है। हालांकि, प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में दो चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। इनके असर से कहीं-कहीं हल्के बादल छा सकते हैं, लेकिन बारिश के आसार नहीं हैं।
15 नवंबर के बाद बढ़ेगी ठंड
मौसम के पिछले दस वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, नवंबर के दूसरे पखवाड़े से प्रदेश में ठंड का असर ज्यादा महसूस होने लगता है। इस बार भी 15 नवंबर के बाद रात के तापमान में तेजी से गिरावट आने की संभावना है। ग्वालियर-चंबल संभाग में उत्तरी हवाओं के कारण ठंड ज्यादा महसूस हो सकती है।
भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में ठंड के पुराने रिकॉर्ड
भोपाल में नवंबर महीने का न्यूनतम तापमान 30 नवंबर 1941 को 6.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इंदौर में 25 नवंबर 1938 को पारा गिरकर 5.6 डिग्री तक पहुंच चुका है। वहीं ग्वालियर में नवंबर के दौरान 1970 में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। नवंबर के दूसरे पखवाड़े में प्रदेश के कई हिस्सों में ठंड का असर और तेज होने के आसार हैं। फिलहाल त्योहारों के दौरान मौसम साफ रहने से बाजारों और खरीदारी के लिए निकलने वाले लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।








