यूक्रेनी ड्रोन हमलों से रूस में तेल संकट: अब भारत से मंगा रहा पेट्रोल

Pooja Reddy
0 सेकंड पहलेIs khabar ka asar kai deshon par padega.
Harsh Pandya
0 सेकंड पहलेDuniya mein kuch bada hone wala hai, taiyar rehna hoga.
Neel Saxena
0 सेकंड पहलेIndia ka is maamle mein kya role hoga?
Nisha Shah
0 सेकंड पहलेDuniya mein kuch bada hone wala hai, taiyar rehna hoga.
Trapti Tanwar
0 सेकंड पहलेDuniya mein kuch bada hone wala hai, taiyar rehna hoga.
यूक्रेन की ओर से रूस के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाकर लगातार ड्रोन हमले किए जा रहे हैं। इन हमलों में रूस की कई प्रमुख तेल रिफाइनरियों को नुकसान पहुंचा है और उनके संचालन पर असर पड़ा है। रिफाइनरियों के प्रभावित होने से कच्चे तेल को पेट्रोल और डीजल में बदलने की क्षमता कम हुई है। इसका सीधा असर रूस के घरेलू ईंधन बाजार पर पड़ा है और कई इलाकों में पेट्रोल की उपलब्धता को लेकर परेशानी बढ़ी है। रिपोर्ट्स में रूस के तेल प्रसंस्करण उत्पादन में बड़ी गिरावट का भी उल्लेख किया गया है। बढ़ते संकट के बीच रूस को घरेलू जरूरत पूरी करने के लिए दूसरे देशों से तैयार ईंधन खरीदने की जरूरत पड़ रही है।
गुजरात के वाडिनार से रूस भेजी गई पेट्रोल की खेप
रूस में पेट्रोल की बढ़ती जरूरत के बीच भारत से ईंधन की एक बड़ी खेप भेजी गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, गुजरात के वाडिनार बंदरगाह से नायरा एनर्जी द्वारा तैयार पेट्रोल रूस के लिए रवाना किया गया। करीब 68,000 मीट्रिक टन पेट्रोल लेकर ओमान के झंडे वाला एक टैंकर रूस के आर्कटिक बंदरगाह विटिनो पहुंचा। यह खेप रूस के घरेलू बाजार में ईंधन की कमी को दूर करने के लिए इस्तेमाल की जा रही है। जहाज की निगरानी से जुड़े आंकड़ों के अनुसार टैंकर अगस्त की शुरुआत में रूसी बंदरगाह पर पहुंचा। भारत से पेट्रोल की यह आपूर्ति दोनों देशों के ऊर्जा व्यापार के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
रूस में पेट्रोल की राशनिंग की नौबत
रूस में ईंधन संकट का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुछ क्षेत्रों में पेट्रोल की बिक्री को सीमित करना पड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूस की प्रमुख सरकारी तेल कंपनी रोजनेफ्ट के कुछ पेट्रोल पंपों पर एक बार में अधिकतम 30 लीटर पेट्रोल देने की सीमा लागू की गई है। घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए रूस ने पेट्रोल के निर्यात पर भी प्रतिबंध कड़े किए हैं। सरकार की कोशिश है कि देश के भीतर पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे। रिफाइनरियों के दोबारा सामान्य उत्पादन तक पहुंचने में समय लगने पर संकट और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
भारत की रिफाइनरियां बनीं रूस के लिए सहारा
भारत लंबे समय से रूस से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदता रहा है। भारतीय रिफाइनरियां इस कच्चे तेल को प्रोसेस करके पेट्रोल, डीजल और अन्य तैयार ईंधन बनाती हैं। अब हालात ऐसे बन गए हैं कि रूस को अपनी घरेलू जरूरतों के लिए भारत से तैयार पेट्रोल खरीदना पड़ रहा है। नायरा एनर्जी की ओर से भेजी गई पेट्रोल की खेप इसी बदलते ऊर्जा व्यापार की तस्वीर दिखाती है। रूस के घरेलू बाजार में रिफाइनिंग क्षमता प्रभावित होने के कारण भारत जैसे देशों से तैयार ईंधन की मांग बढ़ सकती है। इससे भारत की रिफाइनिंग क्षमता और वैश्विक ऊर्जा बाजार में उसकी भूमिका भी सामने आती है।
भारत रूस के बीच ऊर्जा व्यापार में नया मोड़
यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद भारत और रूस के बीच ऊर्जा व्यापार लगातार चर्चा में रहा है। भारत ने पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के बावजूद रूसी कच्चे तेल की खरीद जारी रखी और अपनी रिफाइनरियों में उसे प्रोसेस किया। अब उसी ऊर्जा व्यापार में एक नया मोड़ देखने को मिल रहा है, जहां रूस को भारत से तैयार पेट्रोल की जरूरत पड़ रही है। यह स्थिति दोनों देशों के बीच ऊर्जा क्षेत्र में बनी मजबूत आपूर्ति श्रृंखला को दर्शाती है। आने वाले समय में रूस को भारत से पेट्रोल की और खेप मंगाने की जरूरत पड़ सकती है। इससे भारत रूस के बीच ऊर्जा संबंधों को और मजबूती मिलने की संभावना है।
वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है असर
रूस दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक और निर्यातक देशों में शामिल है, इसलिए वहां पैदा हुआ घरेलू ईंधन संकट वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए भी महत्वपूर्ण है। यदि यूक्रेनी ड्रोन हमले रूस की रिफाइनरियों को लगातार प्रभावित करते रहे तो तैयार पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पर दबाव और बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में रूस को दूसरे देशों से अधिक मात्रा में तैयार ईंधन आयात करना पड़ सकता है। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों और व्यापार पर असर पड़ने की संभावना है। भारत से हुई पेट्रोल की आपूर्ति इस बदलती वैश्विक ऊर्जा तस्वीर का महत्वपूर्ण उदाहरण है। फिलहाल रूस की प्राथमिकता घरेलू ईंधन बाजार को स्थिर करना और पेट्रोल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।








