Delhi Pollution Alert: दिवाली से पहले दिल्ली-NCR की हवा हुई जहरीली, GRAP-3 लागू

Taushif Shekh
0 सेकंड पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Ananya Sharma
0 सेकंड पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Kabir Shukla
50 मिनट पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Ada khan
1 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Taushif Shekh
4 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Navya Nair
4 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Ishaan Tiwari
5 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
दिल्ली-NCR में बढ़ा प्रदूषण
दिवाली से पहले दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) की हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। प्रदूषण की बिगड़ती स्थिति और अगले तीन दिनों तक हवा के गंभीर श्रेणी में रहने के पूर्वानुमान को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने शुक्रवार को ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण की पाबंदियां लागू कर दी हैं।
निर्माण और तोड़फोड़ पर रोक
GRAP-3 लागू होने के बाद पूरे एनसीआर में धूल फैलाने वाली निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही दिल्ली-एनसीआर की सरकारों को दफ्तरों में 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम लागू करने पर निर्णय लेने के निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली का AQI गंभीर स्तर के करीब
शुक्रवार को दिल्ली का औसतन वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 382 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी की सीमा 401 के बेहद करीब है। गुरुवार को यह आंकड़ा 369 था। राजधानी के 38 निगरानी केंद्रों में से 26 पर हवा गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई, जबकि 31 केंद्रों पर स्थिति बहुत खराब रही।
पंजाबी बाग में सबसे ज्यादा प्रदूषण
दिल्ली के पंजाबी बाग में AQI सबसे ज्यादा 453 दर्ज किया गया। इसके अलावा जहांगीरपुरी में 447 और रोहिणी में 444 का स्तर रहा। केवल लोधी रोड इलाके में हवा खराब श्रेणी में दर्ज हुई।
अगले दिनों में भी राहत की उम्मीद कम
भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM), पुणे के पूर्वानुमान के अनुसार, 7 से 9 नवंबर तक दिल्ली की वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में बनी रह सकती है। इसके बाद भी अगले छह दिनों तक प्रदूषण का स्तर गंभीर से बहुत खराब श्रेणी के बीच रहने की आशंका है।
धीमी हवा से बढ़ रही परेशानी
मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों और हवा की सुस्त रफ्तार के कारण प्रदूषक कण वायुमंडल में सतह के पास जमा हो रहे हैं। हवा का धीमा बहाव प्रदूषण को फैलने से रोक रहा है, जिससे दिल्ली-एनसीआर में स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है।
वाहनों, पराली और पटाखों से बढ़ सकता है प्रदूषण
विशेषज्ञों के अनुसार, स्थानीय स्तर पर वाहनों से निकलने वाला धुआं, पड़ोसी राज्यों में जलाई जा रही पराली और दिवाली के अवसर पर पटाखों से होने वाला उत्सर्जन प्रदूषण को और बढ़ा सकता है। शुक्रवार को दिल्ली की हवा में पीएम 2.5 मुख्य प्रदूषक रहा। इसके बारीक कण सांस के जरिए फेफड़ों तक पहुंचकर स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकते हैं।
GRAP-3 के तहत निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध
ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के तीसरे चरण के तहत पूरे एनसीआर में धूल फैलाने वाले निर्माण और तोड़फोड़ के कार्यों पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है। इसका उद्देश्य निर्माण गतिविधियों से निकलने वाली धूल को नियंत्रित करना है।
दफ्तरों में 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम पर फैसला
दिल्ली और एनसीआर की राज्य सरकारों को सरकारी, नगर निगम और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम देने पर निर्णय लेने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही प्रदूषण को और गंभीर स्तर पर पहुंचने से रोकने के लिए आपातकालीन उपाय लागू किए गए हैं।
प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सख्त कदम जरूरी
दिवाली से पहले दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बनी हुई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान और प्रदूषण के मौजूदा स्तर को देखते हुए आने वाले दिनों में भी लोगों को खराब हवा का सामना करना पड़ सकता है। GRAP-3 के प्रतिबंधों का उद्देश्य प्रदूषण के स्तर को और बढ़ने से रोकना है।








