Fake Passport Racket: मध्य प्रदेश में फर्जी दस्तावेजों से बने 31 भारतीय पासपोर्ट निरस्त

Ishaan Tiwari
0 सेकंड पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Simran Arora
0 सेकंड पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Taushif Shekh
0 सेकंड पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Shruti Bajpai
1 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Nisha Shah
1 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Pihu Agarwal
3 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Riya Jain
4 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
फर्जी पासपोर्ट मामले में बड़ी कार्रवाई
मध्य प्रदेश में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट हासिल करने वाले बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। एसटीएफ की जांच रिपोर्ट के आधार पर पासपोर्ट विभाग ने 70 पासपोर्ट में से 31 निरस्त कर दिए हैं। इस मामले में बाकी पासपोर्ट निरस्त करने की प्रक्रिया भी जारी है।
ग्वालियर के डबरा से जुड़े 17 पासपोर्ट
निरस्त किए गए पासपोर्ट में से 17 ग्वालियर जिले के डबरा क्षेत्र के सिमरिया गांव के पते पर बनाए गए थे। जांच में सामने आया है कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए भारतीय नागरिकता का दावा कर पासपोर्ट हासिल किए गए थे।
नाम और पहचान बदलकर तैयार किए दस्तावेज
एसटीएफ की जांच के अनुसार, आरोपितों ने अपनी असली पहचान छिपाकर नाम और पहचान बदल ली थी। इसके बाद भारतीय नागरिक होने के फर्जी दस्तावेज तैयार किए और उन्हीं के आधार पर पासपोर्ट बनवाए। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इनमें से अधिकांश आरोपित देश छोड़कर विदेश जा चुके हैं।
बौद्ध मठों के पते का किया गया इस्तेमाल
जांच में सामने आया कि इस नेटवर्क ने बांग्लादेशी नागरिकों के पासपोर्ट बौद्ध मठों के पते का इस्तेमाल करके बनवाए थे। इस मामले के मास्टरमाइंड रियाल चौधरी उर्फ मित्यानंद भिक्षु और उसके तीन बांग्लादेशी साथियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
स्थानीय मददगार भी गिरफ्तार
फर्जी पासपोर्ट बनवाने में स्थानीय स्तर पर मदद करने के आरोप में गुलाबराय गौतम और गयाप्रसाद गौतम को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा भोपाल पासपोर्ट सेवा केंद्र के एजेंट नसीम अख्तर को भी पुलिस ने पकड़ा है।
66 आरोपित अब भी फरार
इस मामले में 66 आरोपितों के अब भी फरार होने की जानकारी सामने आई है। एसटीएफ के मुताबिक, पूछताछ के दौरान फरार आरोपितों के इंडोनेशिया, मलेशिया, म्यांमार और चीन जैसे देशों में छिपे होने की जानकारी मिली है। एजेंसियां उनकी तलाश में जुटी हैं।
नागपुर के फर्जी पासपोर्ट गिरोह से जुड़ रहीं कड़ियां
मध्य प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र के नागपुर में भी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाने का मामला सामने आया था। एसटीएफ अब ग्वालियर-डबरा और नागपुर के मामलों के बीच संभावित संबंधों की जांच कर रही है। इस सिलसिले में नागपुर पुलिस से वहां के आरोपितों और उनके काम करने के तरीके से जुड़ी जानकारी मांगी गई है।
बाकी पासपोर्ट भी किए जाएंगे निरस्त
अधिकारियों के अनुसार, जांच के दायरे में आए बाकी पासपोर्ट भी निरस्त किए जाएंगे। निरस्त किए गए पासपोर्ट का इस्तेमाल करने की कोशिश होने पर इमिग्रेशन सिस्टम के जरिए संबंधित व्यक्ति की पहचान की जा सकेगी। इससे फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट हासिल करने वालों पर कार्रवाई में मदद मिलेगी।
एसटीएफ की जांच जारी
एसटीएफ के डीआईजी राहुल लोढ़ा के अनुसार, बाकी पासपोर्ट निरस्त करने की प्रक्रिया जारी है। नागपुर में सामने आए समान मामले की जानकारी भी जुटाई जा रही है, ताकि दोनों मामलों के बीच संभावित कड़ियों का पता लगाया जा सके। जांच एजेंसियां फरार आरोपितों और फर्जी पासपोर्ट नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।








