जंतर-मंतर पहुंचीं एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले: सुप्रिया बोलीं- युवाओं की आवाज दबेगी नहीं

Vihaan Patel
1 दिन पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Monika Das
2 दिन पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Diya Gupta
2 दिन पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Ritika Ghosh
2 दिन पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Sonu rai
2 दिन पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Sneha Menon
2 दिन पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Vihaan Patel
2 दिन पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Ada khan
2 दिन पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Arjun Singh
2 दिन पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Nisha Shah
2 दिन पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Harsh Pandya
2 दिन पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Harsh Pandya
2 दिन पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Sai Mehta
2 दिन पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Saanvi Pandey
2 दिन पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Diya Gupta
2 दिन पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Ritika Ghosh
2 दिन पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Tanya Bajaj
2 दिन पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Aryan Malhotra
2 दिन पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Saanvi Pandey
2 दिन पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को चल रहे NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ा हंगामा देखने को मिला। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके पर एक अज्ञात महिला ने मंच के पास पहुंचकर स्याही फेंक दी और थप्पड़ मारने की भी कोशिश की। घटना के बाद प्रदर्शन स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस और स्वयंसेवकों ने तुरंत स्थिति पर नियंत्रण पा लिया।
सुप्रिया सुले ने संसद में मुद्दा उठाने का दिया भरोसा
हमले से एक दिन पहले 17 जुलाई को एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले जंतर-मंतर पहुंचीं और सोनम वांगचुक, अभिजीत दीपके व प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि 20 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में विपक्ष पूरी ताकत के साथ NEET पेपर लीक और राष्ट्रीय परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं का मुद्दा उठाएगा। सुप्रिया सुले ने सरकार से प्रदर्शनकारियों के साथ तत्काल संवाद शुरू करने की अपील करते हुए कहा कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने सोनम वांगचुक से स्वास्थ्य को देखते हुए अनशन समाप्त करने का भी अनुरोध किया।
चलो संसद' मार्च पर विपक्ष और CJP की रणनीति तेज
18 जुलाई को सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने और अभिजीत दीपके पर हुए स्याही हमले के बाद आंदोलन और अधिक आक्रामक हो गया है। अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि 20 जुलाई का 'चलो संसद' मार्च किसी भी स्थिति में स्थगित नहीं होगा और तय कार्यक्रम के अनुसार निकाला जाएगा। CJP ने अपनी मांगों का दायरा बढ़ाते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की भी मांग रखी है। वहीं सुप्रिया सुले, पवन खेड़ा, सचिन पायलट, केसी वेणुगोपाल और दुष्यंत चौटाला समेत कई विपक्षी नेताओं ने आंदोलन को खुला समर्थन दिया है। विपक्ष संसद के भीतर सरकार को घेरने की तैयारी में है, जबकि छात्र संगठन और CJP संसद मार्च के जरिए अपनी मांगों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की रणनीति बना रहे हैं।
वांगचुक की जगह अभिजीत दीपके ने संभाली आंदोलन की कमान
सोनम वांगचुक की बिगड़ती तबीयत के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद आंदोलन की जिम्मेदारी अभिजीत दीपके ने अपने हाथों में ले ली है। उन्होंने घोषणा की कि आंदोलन किसी भी परिस्थिति में नहीं रुकेगा और वे स्वयं अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठ चुके हैं। CJP का कहना है कि यह आंदोलन केवल NEET पेपर लीक तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, छात्रों के अधिकार और शिक्षा सुधार की व्यापक मांगों को लेकर आगे बढ़ेगा। संगठन ने सभी छात्रों और नागरिकों से 20 जुलाई के संसद मार्च में शांतिपूर्ण तरीके से शामिल होने की अपील भी की है।
सोनम वांगचुक के अस्पताल जाने के बाद बढ़ा तनाव
घटना ऐसे समय हुई जब आंदोलन पहले से संवेदनशील दौर से गुजर रहा था। पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को लगातार भूख हड़ताल के कारण बिगड़ी तबीयत के चलते शनिवार सुबह सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनके अस्पताल जाने के बाद आंदोलन की जिम्मेदारी अभिजीत दीपके ने संभाली और प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया। इसी के कुछ घंटों बाद उन पर हमला हो गया।
20 जुलाई संसद मार्च पर संगठन अडिग
CJP पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस हमले से आंदोलन प्रभावित नहीं होगा। संगठन ने घोषणा की कि 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च अपने तय कार्यक्रम के अनुसार शांतिपूर्ण ढंग से निकाला जाएगा। उनका कहना है कि NEET पेपर लीक, परीक्षा पारदर्शिता और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन पहले की तरह जारी रहेगा तथा किसी भी दबाव में पीछे नहीं हटेंगे।








