शेख हसीना के भाषण पर भारत-बांग्लादेश में तनाव: हसीना की राजनीतिक गतिविधियों पर विवाद

Vihaan Patel
0 सेकंड पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Nisha Shah
0 सेकंड पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Krishna Yadav
0 सेकंड पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Pihu Agarwal
0 सेकंड पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Nidhi kumari
0 सेकंड पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Arjun Singh
0 सेकंड पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Pooja Reddy
0 सेकंड पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Nidhi kumari
0 सेकंड पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Nisha Shah
0 सेकंड पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Vivaan Gupta
0 सेकंड पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Diya Gupta
0 सेकंड पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Monika Das
0 सेकंड पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Pranav Srivastava
0 सेकंड पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Diya Gupta
0 सेकंड पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Priya Iyer
0 सेकंड पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Anika Rajput
0 सेकंड पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Krishna Yadav
0 सेकंड पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Diya Gupta
0 सेकंड पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Ananya Sharma
0 सेकंड पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Anjali Patil
0 सेकंड पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Krishna Yadav
0 सेकंड पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Ishaan Tiwari
0 सेकंड पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Nidhi kumari
0 सेकंड पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Saanvi Pandey
0 सेकंड पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Ishaan Tiwari
0 सेकंड पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Neel Saxena
0 सेकंड पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के 5 अगस्त को नई दिल्ली से प्रस्तावित एक वर्चुअल कार्यक्रम में शामिल होने की खबरों के बाद भारत और बांग्लादेश के बीच नया कूटनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने भारत से अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि यदि भारत की धरती से शेख हसीना को राजनीतिक गतिविधियों या सार्वजनिक बयानबाजी की अनुमति दी जाती है, तो इसका दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।भारत सरकार ने इस बीच अपना रुख दोहराते हुए कहा है कि शेख हसीना को केवल मानवीय आधार पर आश्रय दिया गया है और भारत अपनी भूमि का उपयोग किसी पड़ोसी देश के खिलाफ राजनीतिक गतिविधियों के लिए होने की अनुमति नहीं देता।
क्या है पूरा विवाद?
विवाद की शुरुआत उस वर्चुअल कार्यक्रम को लेकर हुई है, जिसमें 5 अगस्त को शेख हसीना के संबोधन की संभावना जताई गई है। बताया जा रहा है कि यह कार्यक्रम नई दिल्ली स्थित फॉरेन कॉरेस्पॉन्डेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया (FCC South Asia) के माध्यम से आयोजित किया जाना है।कार्यक्रम का विषय कथित तौर पर "शेख हसीना की घर वापसी" रखा गया है। इसी को लेकर ढाका ने औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई है।
बांग्लादेश ने क्या कहा?
बांग्लादेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि शेख हसीना उनके देश में कानूनी मामलों का सामना कर रही हैं और उन्हें राजनीतिक मंच उपलब्ध कराना उचित नहीं होगा।ढाका का कहना है कि यदि भारत की धरती से किसी वांछित या दोषी घोषित व्यक्ति को राजनीतिक गतिविधियों की अनुमति दी जाती है, तो यह दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग पर असर डाल सकता है।बांग्लादेश ने इस विषय पर भारत के समक्ष अपनी चिंता आधिकारिक रूप से भी रखी है।
भारत सरकार का स्पष्ट रुख
भारत सरकार ने संसद की विदेश मामलों से संबंधित स्थायी समिति को बताया है कि शेख हसीना को भारत में केवल मानवीय आधार पर आश्रय दिया गया है।सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत किसी भी देश के खिलाफ अपनी भूमि का उपयोग राजनीतिक या शत्रुतापूर्ण गतिविधियों के लिए नहीं होने देता।बांग्लादेश द्वारा भेजे गए प्रत्यर्पण (Extradition) संबंधी अनुरोध की कानूनी समीक्षा अभी संबंधित मंत्रालयों में जारी है।
कूटनीतिक संबंधों पर बढ़ी नजर
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला दोनों पड़ोसी देशों के संबंधों के लिए संवेदनशील साबित हो सकता है।भारत और बांग्लादेश के बीच सुरक्षा, व्यापार, सीमा प्रबंधन और क्षेत्रीय सहयोग जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर लगातार संवाद चलता रहा है। ऐसे में इस विवाद का समाधानकूटनीतिक स्तर पर निकालना दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आगे क्या?
अब सभी की नजर 5 अगस्त को प्रस्तावित कार्यक्रम और उसके बाद दोनों देशों की आधिकारिक प्रतिक्रियाओं पर रहेगी।यदि कार्यक्रम आयोजित होता है, तो उससे जुड़े घटनाक्रम और दोनों सरकारों की अगली कूटनीतिक पहल भारत-बांग्लादेश संबंधों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।







