बिश्केक में मोदी की बड़ी कूटनीतिक मुलाकात: पुतिन और जिनपिंग से मिले मोदी

Taushif Shekh
2 घंटे पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Nidhi kumari
3 घंटे पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Dev Kapoor
3 घंटे पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Anjali Patil
5 घंटे पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Reyansh Joshi
6 घंटे पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Pranav Srivastava
6 घंटे पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Taushif Shekh
7 घंटे पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Reyansh Joshi
10 घंटे पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Diya Gupta
10 घंटे पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन के 26वें शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ मुलाकात चर्चा का केंद्र बनी हुई है। सम्मेलन के दौरान तीनों नेताओं के बीच गर्मजोशी से मुलाकात और बातचीत के दृश्य सामने आए। फोटो सेशन के दौरान पुतिन और शी जिनपिंग प्रधानमंत्री मोदी की ओर बढ़े और तीनों ने हाथ मिलाकर बातचीत की। इन मुलाकातों को भारत की सक्रिय और संतुलित कूटनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पुतिन के साथ यूक्रेन युद्ध पर बातचीत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बातचीत में यूक्रेन युद्ध का मुद्दा उठाया। मोदी ने कहा कि दुनिया को अंतहीन युद्ध से आगे बढ़कर युद्ध की समाप्ति और शत्रुता रोकने की दिशा में प्रयास करना चाहिए। भारत लगातार बातचीत और कूटनीति के जरिए संघर्ष का समाधान निकालने की जरूरत पर जोर देता रहा है। पुतिन के साथ बैठक में भी प्रधानमंत्री ने शांति और मानवता के हित में संघर्ष समाप्त करने की आवश्यकता को रेखांकित किया। इस संदेश को भारत की स्वतंत्र विदेश नीति के एक महत्वपूर्ण हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है।
आतंकवाद के खिलाफ भारत का कड़ा रुख
SCO मंच पर प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ भारत का रुख एक बार फिर स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद से निपटने के लिए किसी भी तरह के दोहरे मापदंड की जगह नहीं होनी चाहिए। मोदी ने आतंकवाद के वित्तपोषण, उसकी भर्ती और सुरक्षित पनाहगाहों से जुड़े पूरे नेटवर्क को खत्म करने की आवश्यकता पर जोर दिया। भारत लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ सामूहिक और निर्णायक कार्रवाई की मांग करता रहा है। SCO जैसे बहुपक्षीय मंच पर दिया गया यह संदेश क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
शी जिनपिंग के साथ मुलाकात पर नजर
प्रधानमंत्री मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात भी SCO सम्मेलन के प्रमुख कूटनीतिक घटनाक्रमों में शामिल रही। दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी से हुई बातचीत के दृश्यों ने वैश्विक स्तर पर ध्यान आकर्षित किया। भारत और चीन के संबंधों में सीमा, व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे जुड़े हुए हैं। ऐसे में दोनों नेताओं की आमने-सामने बातचीत को कूटनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। हालांकि किसी भी द्विपक्षीय मुलाकात के वास्तविक परिणाम का आकलन आगे होने वाली आधिकारिक बातचीत और फैसलों के आधार पर ही किया जाएगा।
ईरान के राष्ट्रपति से भी अहम बैठक
SCO सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के साथ भी द्विपक्षीय बैठक की। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच दोनों नेताओं की मुलाकात को रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बातचीत में भारत और ईरान के संबंधों तथा क्षेत्रीय परिस्थितियों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों देशों के बीच चाबहार बंदरगाह और व्यापारिक सहयोग जैसे विषय लंबे समय से महत्वपूर्ण रहे हैं। ऐसे समय में यह बैठक भारत की पश्चिम एशिया नीति और क्षेत्रीय संपर्क को लेकर उसकी प्राथमिकताओं को भी दर्शाती है।
SCO में भारत की रणनीतिक भूमिका
बिश्केक में हुई प्रधानमंत्री मोदी की विभिन्न नेताओं के साथ बैठकों ने भारत की बहुपक्षीय कूटनीति को फिर चर्चा में ला दिया है। एक ओर भारत रूस के साथ अपने पारंपरिक रणनीतिक संबंधों को बनाए हुए है, वहीं चीन के साथ संवाद और ईरान के साथ सहयोग को भी आगे बढ़ा रहा है। यूक्रेन युद्ध, आतंकवाद और पश्चिम एशिया के तनाव जैसे मुद्दों के बीच भारत लगातार बातचीत, शांति और रणनीतिक स्वायत्तता पर जोर देता रहा है। SCO जैसे मंच भारत को रूस, चीन, ईरान और मध्य एशियाई देशों के साथ एक ही कूटनीतिक मंच पर संवाद का अवसर देते हैं। यही वजह है कि बिश्केक सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी की बैठकों को वैश्विक कूटनीति के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।







