SCO समिट के लिए बिश्केक पहुंचे पीएम मोदी: महात्मा गांधी को पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

Dev Kapoor
2 दिन पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Taushif Shekh
2 दिन पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Rohan Desai
2 दिन पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Aryan Malhotra
2 दिन पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Diya Gupta
2 दिन पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Pooja Reddy
2 दिन पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Taushif Shekh
2 दिन पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Navya Nair
2 दिन पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Monika Das
2 दिन पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन यानी SCO के 26वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंच गए हैं। उज्बेकिस्तान का अपना आधिकारिक दौरा पूरा करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी किर्गिस्तान पहुंचे, जहां उनका औपचारिक स्वागत किया गया। इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री संगठन के सदस्य देशों के शीर्ष नेताओं के साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। SCO सम्मेलन भारत के लिए मध्य एशिया के देशों के साथ रणनीतिक और आर्थिक संबंध मजबूत करने का महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है। प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान सुरक्षा, व्यापार, ऊर्जा, कनेक्टिविटी और आतंकवाद जैसे मुद्दे चर्चा के प्रमुख विषय रह सकते हैं। सम्मेलन के दौरान भारत की ओर से क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और सहयोग को लेकर अपना पक्ष भी मजबूती से रखा जाएगा।
महात्मा गांधी के स्मारक पर पहुंचकर दी श्रद्धांजलि
बिश्केक पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक कार्यक्रमों की शुरुआत महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देकर की। प्रधानमंत्री ने बिश्केक स्थित महात्मा गांधी के स्मारक पर पहुंचकर उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और राष्ट्रपिता के शांति तथा अहिंसा के संदेश को याद किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने महात्मा गांधी के विचारों और उनके वैश्विक प्रभाव को भी रेखांकित किया। गांधीजी का सत्य, अहिंसा और मानवता का संदेश भारत की विदेश नीति में भी महत्वपूर्ण स्थान रखता है। विदेश यात्रा के दौरान किसी दूसरे देश में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देना भारत की सांस्कृतिक और वैचारिक विरासत को प्रदर्शित करता है। प्रधानमंत्री के इस कार्यक्रम को भारत और किर्गिस्तान के बीच ऐतिहासिक तथा सांस्कृतिक संबंधों के प्रतीक के रूप में भी देखा जा रहा है।
भारतीय समुदाय और स्थानीय लोगों से की मुलाकात
महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किर्गिस्तान में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की। भारतीय समुदाय के लोगों ने प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया और उनसे बातचीत की। प्रधानमंत्री ने वहां मौजूद लोगों का हालचाल जाना और भारत तथा किर्गिस्तान के बीच लोगों के स्तर पर मजबूत संबंधों की चर्चा की। इस मुलाकात के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे भारतीयों ने अपने अनुभव भी साझा किए। प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं में भारतीय समुदाय से मुलाकात एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम रहता है, जिसके माध्यम से विदेशों में रह रहे भारतीयों से सीधा संवाद स्थापित होता है। बिश्केक में हुई यह मुलाकात भारत और किर्गिस्तान के बीच सांस्कृतिक एवं मानवीय रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
SCO बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा पर रहेगा जोर
26वें SCO शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदस्य देशों के नेताओं के साथ क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे। मध्य एशिया और आसपास के क्षेत्रों में आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद जैसी चुनौतियां लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय रही हैं। भारत SCO के मंच से आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग और प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता पर लगातार जोर देता रहा है। सम्मेलन में क्षेत्रीय स्थिरता के साथ-साथ सीमा पार आतंकवाद और सुरक्षा चुनौतियों पर भी चर्चा होने की संभावना है। प्रधानमंत्री भारत की सुरक्षा प्राथमिकताओं और क्षेत्र में शांतिपूर्ण सहयोग को लेकर देश का पक्ष सामने रख सकते हैं। इसके अलावा बदलते वैश्विक हालात के बीच सदस्य देशों के बीच बेहतर सुरक्षा समन्वय की जरूरत पर भी बातचीत हो सकती है।
व्यापार और कनेक्टिविटी पर भी होगी अहम चर्चा
SCO सम्मेलन के दौरान भारत और मध्य एशियाई देशों के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग बढ़ाने के मुद्दे पर भी विशेष ध्यान रहने की संभावना है। प्रधानमंत्री मोदी क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी विकसित करने और व्यापारिक मार्गों को मजबूत करने को लेकर भारत की प्राथमिकताओं को सामने रख सकते हैं। ऊर्जा, डिजिटल सहयोग, परिवहन और निवेश जैसे क्षेत्रों में भारत के लिए मध्य एशिया का महत्व लगातार बढ़ रहा है। भारत मध्य एशियाई देशों के साथ अपने आर्थिक संबंधों को और विस्तार देने की दिशा में काम कर रहा है। कनेक्टिविटी के बेहतर विकल्प भारत को इस क्षेत्र के बाजारों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। SCO का मंच भारत को सदस्य देशों के साथ आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को नई दिशा देने का अवसर भी प्रदान करेगा।
वैश्विक नेताओं से द्विपक्षीय बैठकों पर नजर
SCO शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कई सदस्य देशों के शीर्ष नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें होने की संभावना है। इन बैठकों में भारत के द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक परिस्थितियों पर भी बातचीत हो सकती है। व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, आतंकवाद, कनेक्टिविटी और आर्थिक सहयोग जैसे विषय इन वार्ताओं के प्रमुख मुद्दे रह सकते हैं। प्रधानमंत्री की इन बैठकों पर इसलिए भी नजर रहेगी क्योंकि भारत मध्य एशिया के देशों के साथ अपने रणनीतिक संबंधों को लगातार मजबूत कर रहा है। किर्गिस्तान यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री का कार्यक्रम भारत की एक्ट ईस्ट और मध्य एशिया से जुड़ी कूटनीतिक प्राथमिकताओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सभी की नजर SCO शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन और विभिन्न देशों के नेताओं के साथ होने वाली महत्वपूर्ण बैठकों के नतीजों पर रहेगी।








