पेपर लीक कानून को लेकर संसद में तीखी बहस: ओवैसी का सरकार पर हमला

ओवैसी का सरकार पर हमला
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Ishaan Tiwari

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0 सेकंड पहले

Hamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.

Nidhi kumari

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Jai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.

Neha Tripathi

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Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Harsh Pandya

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Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Sneha Menon

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Hamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.

Kabir Shukla

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Jai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.

Trapti Tanwar

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0 सेकंड पहले

Is niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.

Sai Mehta

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Bharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.

Ravi sinha

Ravi sinha

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Hamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.

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संसद के मानसून सत्र में 'पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल 2026' पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। सरकार ने बिल को परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम बताया, जबकि विपक्ष ने इसे केवल कानून तक सीमित समाधान करार दिया। लोकसभा में कई सांसदों ने छात्रों के भविष्य और भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाए। पूरे दिन सदन में इस मुद्दे पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहा।


ओवैसी की सरकार को चेतावनी, युवाओं के भविष्य पर चिंता
AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बिल पर चर्चा के दौरान सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केवल कड़े कानून बनाने से पेपर लीक जैसी समस्याएं खत्म नहीं होंगी। ओवैसी ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की आवश्यकता है और युवाओं की लगातार उपेक्षा देश के लिए गंभीर परिणाम ला सकती है। उन्होंने NEET से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए सरकार से तकनीक आधारित पारदर्शी परीक्षा प्रणाली विकसित करने और AI आधारित प्रश्न बैंक तैयार करने की मांग भी रखी।


केरल में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई से सियासत गरमाई
केरल में NEET परीक्षा के विरोध में प्रदर्शन करने वाले हजारों लोगों पर दर्ज मामलों को लेकर राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है। विपक्षी दलों ने प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की है। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और यूडीएफ सरकार पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। बीजेपी नेताओं ने कहा कि एक ओर विपक्ष छात्रों के समर्थन की बात करता है, जबकि दूसरी ओर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। इस मुद्दे ने संसद के बाहर भी राजनीतिक माहौल गरमा दिया है।

 

नए कानून में सख्त सजा और फास्ट ट्रैक ट्रायल का प्रावधान
सरकार द्वारा पेश किए गए संशोधन विधेयक में संगठित पेपर लीक गिरोहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रस्ताव रखा गया है। बिल के अनुसार दोषियों को अधिकतम 10 वर्ष की जेल और 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। इसके अलावा मामलों की जांच के लिए विशेष टास्क फोर्स गठित करने तथा मुकदमों की सुनवाई स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट में समयबद्ध तरीके से पूरी करने का प्रावधान भी शामिल किया गया है। सरकार का कहना है कि इससे भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं की विश्वसनीयता मजबूत होगी।


छात्रों और अभिभावकों की निगाहें संसद पर
देशभर में लाखों छात्र और अभिभावक इस कानून को लेकर संसद की कार्यवाही पर नजर बनाए हुए हैं। लगातार सामने आए पेपर लीक और परीक्षा विवादों के बाद पारदर्शी एवं सुरक्षित परीक्षा प्रणाली की मांग लंबे समय से उठ रही है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि केवल कड़े दंड से समस्या समाप्त नहीं होगी, बल्कि परीक्षा संचालन, तकनीकी सुरक्षा, निगरानी और जवाबदेही की पूरी व्यवस्था को मजबूत करना भी जरूरी है। आने वाले दिनों में इस विधेयक पर संसद का अंतिम फैसला छात्रों के भविष्य के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा।


परीक्षा सुधार पर राष्ट्रीय बहस हुई तेज
एंटी-पेपर लीक बिल ने पूरे देश में परीक्षा सुधार को लेकर नई बहस छेड़ दी है। सरकार इसे युवाओं के हित में बड़ा सुधार बता रही है, जबकि विपक्ष परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीकी सुधार पर अधिक जोर दे रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि कानून के साथ-साथ मजबूत डिजिटल सुरक्षा, निष्पक्ष जांच और आधुनिक परीक्षा प्रबंधन प्रणाली लागू करना भी उतना ही आवश्यक होगा। संसद में जारी बहस अब देश की शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं के भविष्य की दिशा तय करने वाली मानी जा रही है।

 

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Hamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.

Nidhi kumari

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Jai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.

Neha Tripathi

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Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Harsh Pandya

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Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Sneha Menon

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Hamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.

Kabir Shukla

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Jai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.

Trapti Tanwar

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Is niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.

Sai Mehta

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Bharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.

Ravi sinha

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Hamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.

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