बांकीपुर में आज थमेगा चुनाव प्रचार: बांकीपुर उपचुनाव में दिग्गजों की ताकत

Navya Nair
21 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Rohan Desai
21 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Pranav Srivastava
22 घंटे पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Kabir Shukla
22 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Monika Das
1 दिन पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Tanya Bajaj
1 दिन पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Sonu rai
1 दिन पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Aditya Verma
1 दिन पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Aditya Verma
1 दिन पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Arjun Singh
1 दिन पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Vaishali shinde
1 दिन पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Pranav Srivastava
1 दिन पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Priya Iyer
1 दिन पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Myra Dubey
1 दिन पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Ritika Ghosh
1 दिन पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Nidhi kumari
1 दिन पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Neel Saxena
1 दिन पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Aarohi Chaudhary
1 दिन पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Ravi sinha
1 दिन पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Sonu rai
1 दिन पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Nidhi kumari
1 दिन पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Taushif Shekh
1 दिन पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Diya Gupta
1 दिन पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Neel Saxena
1 दिन पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Nisha Shah
1 दिन पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Rohan Desai
1 दिन पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Diya Gupta
1 दिन पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Neha Tripathi
1 दिन पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Nisha Shah
1 दिन पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
पटना की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए आज शाम 5 बजे चुनाव प्रचार समाप्त हो जाएगा। इसके साथ ही सभी राजनीतिक दलों के स्टार प्रचारकों का प्रचार अभियान भी थम जाएगा। इस सीट पर 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि मतगणना 3 अगस्त को निर्धारित है। प्रचार के अंतिम दिन सभी दलों ने मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है, जिससे राजधानी पटना का चुनावी माहौल पूरी तरह गर्माया हुआ है।
त्रिकोणीय मुकाबले में भाजपा, राजद और जन सुराज आमने-सामने
बांकीपुर सीट पर इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प माना जा रहा है। एनडीए की ओर से भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा, महागठबंधन की ओर से रेखा गुप्ता, जबकि जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर स्वयं चुनावी मैदान में हैं। तीनों प्रमुख दल अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। राजनीतिक जानकारों के अनुसार यह मुकाबला केवल एक सीट का नहीं, बल्कि बिहार की बदलती राजनीतिक दिशा का भी संकेत माना जा रहा है।
चिराग, तेजस्वी और प्रशांत किशोर ने झोंकी पूरी ताकत
प्रचार के अंतिम दौर में सभी बड़े नेताओं ने लगातार रोड शो और जनसभाएं कीं। एनडीए के समर्थन में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और भाजपा नेता नितिन नवीन ने मतदाताओं से समर्थन मांगा। महागठबंधन की ओर से तेजस्वी यादव ने रोजगार, शिक्षा और महंगाई जैसे मुद्दों को लेकर सरकार पर हमला बोला। वहीं जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर लगातार क्षेत्र में डेरा डालकर व्यवस्था परिवर्तन और नई राजनीति के नाम पर वोट मांगते रहे।
नितिन नवीन के इस्तीफे से खाली हुई थी सीट
बांकीपुर विधानसभा सीट भाजपा नेता नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद खाली हुई थी। इसके बाद चुनाव आयोग ने यहां उपचुनाव की घोषणा की। इस सीट को भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है, लेकिन इस बार जन सुराज की सक्रिय मौजूदगी और महागठबंधन की आक्रामक रणनीति ने मुकाबले को काफी रोचक बना दिया है।
26 उम्मीदवार मैदान में, 'नाम' की भी चर्चा
इस उपचुनाव में कुल 26 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। प्रमुख दलों के अलावा कुछ निर्दलीय उम्मीदवार भी चर्चा में हैं। खास बात यह है कि मैदान में 'लालू' और 'नीतीश' नाम वाले निर्दलीय प्रत्याशी भी मौजूद हैं, जिनकी वजह से चुनावी चर्चा और दिलचस्प हो गई है। हालांकि मुकाबले का केंद्र भाजपा, राजद और जन सुराज के बीच ही माना जा रहा है।
सुरक्षा कड़ी, 30 जुलाई को मतदान
चुनाव आयोग ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। प्रचार समाप्त होने के बाद बाहरी नेताओं को निर्वाचन क्षेत्र छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने की तैयारी पूरी कर ली है। अब सभी की नजर 30 जुलाई के मतदान और 3 अगस्त को आने वाले चुनाव परिणामों पर टिकी है।







