राहुल के छात्र संवाद पर घमासान: भाजपा ने लगाए गंभीर आरोप

Payal jadon
0 सेकंड पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Tanya Bajaj
0 सेकंड पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Kavya Mishra
43 मिनट पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Sneha Menon
1 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Yash Kulkarni
1 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Reyansh Joshi
3 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Ishaan Tiwari
3 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Rohan Desai
5 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Krishna Yadav
5 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
पुणे में राहुल गांधी के छात्रों के साथ हुए संवाद कार्यक्रम छात्रों की गूंज को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में घमासान तेज हो गया है। आगामी विधानसभा चुनावों से पहले हुए इस कार्यक्रम पर भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। भाजपा ने कार्यक्रम को राजनीतिक कॉमेडी शो बताते हुए इसकी भीड़ और सोशल मीडिया प्रचार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए इसे युवाओं के बीच राहुल गांधी की बढ़ती लोकप्रियता से पैदा हुई घबराहट बताया है। इस विवाद के कारण राहुल गांधी का पुणे दौरा राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। कार्यक्रम को लेकर दोनों दलों के बीच बयानबाजी और आरोप प्रत्यारोप तेज होने की संभावना है।
भाजपा का आरोप पैसों से जुटाई गई भीड़
भाजपा महाराष्ट्र के उपाध्यक्ष केशव उपाध्ये और प्रवक्ता नवनाथ बान ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भाजपा नेताओं ने दावा किया कि कार्यक्रम को सफल दिखाने के लिए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को पैसे देकर बुलाया गया था। नवनाथ बान ने आरोप लगाया कि इन्फ्लुएंसर्स को राहुल गांधी के समर्थन में रील और वीडियो बनाने के लिए 25 हजार से 35 हजार रुपये तक दिए गए। भाजपा ने यह भी दावा किया कि इस पूरी कवायद पर करीब 10 करोड़ रुपये खर्च किए गए। पार्टी ने कथित कॉल रिकॉर्डिंग और वीडियो को अपने आरोपों के समर्थन में सामने रखा है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और कांग्रेस ने इन्हें पूरी तरह खारिज किया है।
कांग्रेस का पलटवार लोकप्रियता से घबराई भाजपा
भाजपा के आरोपों पर कांग्रेस महाराष्ट्र के मुख्य प्रवक्ता सचिन सावंत ने पलटवार किया है। कांग्रेस का कहना है कि पुणे कार्यक्रम में शामिल हुए युवाओं और छात्रों की भागीदारी वास्तविक थी। सचिन सावंत ने आरोप लगाया कि भाजपा राहुल गांधी की युवाओं और Gen Z के बीच बढ़ती लोकप्रियता से घबरा गई है। कांग्रेस के मुताबिक छात्र अपनी समस्याओं और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए कार्यक्रम में पहुंचे थे। पार्टी ने भाजपा के आरोपों को राजनीतिक बदनाम करने की कोशिश बताया है। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सोशल मीडिया पर पेड प्रचार और ट्रोल नेटवर्क के इस्तेमाल को लेकर दूसरों पर सवाल उठा रही है।
NSUI ABVP विवाद ने बढ़ाया तनाव
राहुल गांधी के कार्यक्रम से पहले पुणे के COEP टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी परिसर में NSUI और ABVP कार्यकर्ताओं के बीच विवाद भी सामने आया था। दोनों संगठनों के कार्यकर्ताओं के बीच कथित झड़प के बाद पुणे पुलिस ने कार्रवाई की। ABVP की शिकायत के आधार पर युवक कांग्रेस और NSUI से जुड़े कई कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। ABVP ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर छात्रों को कार्यक्रम के लिए रजिस्ट्रेशन कराने का दबाव डालने का आरोप लगाया। वहीं NSUI ने पलटवार करते हुए ABVP पर छात्रों को डराने धमकाने का आरोप लगाया। इस विवाद ने राहुल गांधी के कार्यक्रम से पहले ही पुणे के राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया।
युवाओं और सोशल मीडिया पर दोनों दलों की नजर
आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस और भाजपा दोनों ही युवाओं के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने में जुटे हैं। रोजगार, शिक्षा, परीक्षा व्यवस्था और भविष्य के अवसर जैसे मुद्दे युवा मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण हैं। राजनीतिक दल इन मुद्दों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। राहुल गांधी का पुणे दौरा भी इसी युवा आउटरीच रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। कार्यक्रम में छात्रों के साथ सीधे संवाद के जरिए कांग्रेस ने युवा मतदाताओं तक अपना संदेश पहुंचाने की कोशिश की। दूसरी तरफ भाजपा ने कार्यक्रम की प्रामाणिकता और आयोजन को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
चुनाव से पहले तेज होगी डिजिटल राजनीति
पुणे का यह विवाद आने वाले विधानसभा चुनावों में सोशल मीडिया की बढ़ती भूमिका की ओर भी इशारा करता है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर युवाओं तक पहुंच बनाने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चला रहे हैं। राहुल गांधी के कार्यक्रम की सफलता और उसमें शामिल युवाओं की वास्तविक संख्या को लेकर राजनीतिक दावे और आरोप आने वाले दिनों में और तेज हो सकते हैं। भाजपा के पैसों के इस्तेमाल के आरोपों को कांग्रेस ने खारिज किया है, इसलिए इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल छात्र संवाद कार्यक्रम राजनीतिक आरोप प्रत्यारोप का नया मुद्दा बन गया है। आने वाले चुनावों में युवा वोट और सोशल मीडिया नैरेटिव को लेकर दोनों दलों के बीच मुकाबला और तेज होने की संभावना है।






