राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत: सावरकर मानहानि केस में राहुल गांधी को राहत

Ravi sinha
0 सेकंड पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Monika Das
0 सेकंड पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Ayaan Khan
0 सेकंड पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Diya Gupta
5 मिनट पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Simran Arora
1 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Ananya Sharma
1 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ सावरकर टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले को रद्द कर दिया।मामले में निचली अदालत द्वारा जारी समन को भी निरस्त कर दिया गया।यह मामला 2022 में राहुल गांधी की एक सार्वजनिक टिप्पणी से जुड़ा था।शिकायतकर्ता ने उनकी टिप्पणी को सावरकर का अपमान बताया था।मामले में राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज हुई थी।सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इस कार्यवाही पर विराम लग गया है।फैसले से कांग्रेस नेता को महत्वपूर्ण कानूनी राहत मिली है।
कानूनी मंजूरी नहीं होने को बनाया आधार
सुप्रीम कोर्ट ने मामले में आवश्यक कानूनी मंजूरी के पहलू पर गौर किया।पीठ ने पाया कि मुकदमा चलाने के लिए जरूरी मंजूरी उपलब्ध नहीं थी।अदालत ने इसी कानूनी कमी को मामले में महत्वपूर्ण माना।मंजूरी के अभाव में शिकायत को आगे बढ़ाने का आधार कमजोर हो गया।इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित कार्यवाही और समन रद्द कर दिए।फैसला जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की पीठ ने सुनाया।इससे राहुल गांधी के खिलाफ चल रही उक्त कार्यवाही समाप्त हो गई।
2022 की टिप्पणी से शुरू हुआ था विवाद
यह मामला वर्ष 2022 में राहुल गांधी की एक टिप्पणी के बाद सामने आया था।राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान महाराष्ट्र में भाषण दिया था।इसी दौरान वीर सावरकर को लेकर उनकी टिप्पणी पर विवाद हुआ।शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि टिप्पणी से सावरकर की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा।इसके बाद उत्तर प्रदेश में उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत की गई।लखनऊ की अदालत से राहुल गांधी के खिलाफ समन जारी हुआ था।अब सुप्रीम कोर्ट ने उस कार्यवाही को रद्द कर दिया है।
शिकायतकर्ता ने लगाए थे गंभीर आरोप
शिकायतकर्ता अधिवक्ता नृपेंद्र पांडेय ने राहुल गांधी के बयान पर आपत्ति जताई थी।उन्होंने आरोप लगाया था कि टिप्पणी जानबूझकर सावरकर के अपमान के लिए की गई।शिकायत के आधार पर आपराधिक मानहानि की कार्यवाही शुरू हुई थी।राहुल गांधी की ओर से इस कार्रवाई को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई।शीर्ष अदालत ने मामले के कानूनी आधार और आवश्यक मंजूरी की जांच की।सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के हलफनामे का भी संज्ञान लिया गया।इसके बाद अदालत ने शिकायत और समन को निरस्त कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राजनीतिक हलचल
फैसले के बाद कांग्रेस खेमे में इसे बड़ी कानूनी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।पार्टी नेताओं ने अदालत के फैसले का स्वागत किया है।मामला सावरकर को लेकर राहुल गांधी की पुरानी टिप्पणी से जुड़ा था।इस विवाद ने पहले भी महाराष्ट्र और राष्ट्रीय राजनीति में बहस छेड़ी थी।सुप्रीम कोर्ट ने हालांकि फैसला कानूनी आधार पर दिया है।अदालत के आदेश से इस विशेष मानहानि मामले की कार्यवाही समाप्त हो गई।फैसले के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया है।
कानूनी प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला
सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश आपराधिक मानहानि की कार्यवाही से जुड़ा है।अदालत ने आवश्यक कानूनी मंजूरी के अभाव को निर्णायक आधार माना।इसके चलते निचली अदालत की आगे की कार्यवाही का आधार नहीं बचा।सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित समन और आदेशों को निरस्त कर दिया।इससे राहुल गांधी को इस मामले में तत्काल कानूनी राहत मिली है।हालांकि यह फैसला मामले के कानूनी आधार पर है, राजनीतिक विवाद पर नहीं।अब सावरकर टिप्पणी से जुड़ा यह आपराधिक मामला समाप्त माना जाएगा।







