8th Pay Commission Update: 8वें वेतन आयोग पर बढ़ी हलचल

Taushif Shekh
0 सेकंड पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चा तेज है। केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 2025 को 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन किया था और आयोग को अपनी सिफारिशें देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। आयोग के दायरे में केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन, भत्ते, पेंशन और अन्य सेवा शर्तों की समीक्षा शामिल है। फिलहाल आयोग अलग-अलग कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और अन्य हितधारकों से सुझाव और मांगें लेकर आगे बढ़ रहा है।
फिटमेंट फैक्टर पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं
कर्मचारियों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर है, क्योंकि इसी के आधार पर नए वेतन ढांचे में बेसिक पे तय करने का असर पड़ सकता है। हालांकि, 23 सितंबर 2026 तक आयोग ने किसी अंतिम फिटमेंट फैक्टर की घोषणा नहीं की है। अलग-अलग कर्मचारी संगठन अपनी मांगों के अनुसार अलग-अलग आंकड़े सुझा रहे हैं, लेकिन इन्हें आयोग का फैसला नहीं माना जा सकता। अंतिम आंकड़ा आयोग की सिफारिश और उसके बाद केंद्र सरकार के निर्णय से ही तय होगा।
बेसिक सैलरी और भत्तों पर क्या होगा
8वें वेतन आयोग के तहत मौजूदा वेतन संरचना की समीक्षा के साथ भत्तों और अन्य सेवा लाभों पर भी विचार किया जा रहा है। केंद्रीय कर्मचारियों के बीच HRA, ट्रांसपोर्ट अलाउंस और अन्य भत्तों में संभावित बदलाव को लेकर चर्चाएं हैं, लेकिन अभी किसी नए भत्ते या संशोधित दर की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसी तरह न्यूनतम बेसिक पे में कितनी बढ़ोतरी होगी, यह भी फिलहाल तय नहीं है। इसलिए सोशल मीडिया या रिपोर्टों में चल रहे संभावित आंकड़ों को आधिकारिक वेतन बढ़ोतरी समझना सही नहीं होगा।
DA मर्जर पर भी अभी अंतिम फैसला नहीं
महंगाई भत्ता यानी DA को बेसिक सैलरी में मर्ज करने को लेकर भी कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच चर्चा जारी है। लेकिन 8वें वेतन आयोग के स्तर पर DA मर्जर को लेकर कोई अंतिम निर्णय घोषित नहीं किया गया है। मौजूदा समय में DA/DR की अलग व्यवस्था जारी है और जनवरी 2026 से केंद्रीय कर्मचारियों के DA में 2 प्रतिशत की अतिरिक्त किस्त को केंद्र सरकार ने मंजूरी दी थी, जिससे दर 58 प्रतिशत हुई थी। आगे की व्यवस्था आयोग की सिफारिशों और सरकार के निर्णय पर निर्भर करेगी।
आयोग की बैठकों का सिलसिला जारी
8वां वेतन आयोग देश के अलग-अलग हिस्सों में कर्मचारी और पेंशनर संगठनों समेत हितधारकों से बातचीत कर रहा है। आयोग की वेबसाइट के मुताबिक सितंबर में चंडीगढ़ में 16 से 18 सितंबर तक बैठकें हुईं। अब बेंगलुरु में 7 और 8 अक्टूबर तथा मुंबई में 22 और 23 अक्टूबर 2026 को परामर्श बैठकें निर्धारित हैं। इससे साफ है कि आयोग अभी अपनी प्रक्रिया के दौरान विभिन्न पक्षों की मांगों और सुझावों को दर्ज कर रहा है।
लागू होने की तारीख और एरियर पर भी नजर
सरकार के Terms of Reference में कहा गया है कि सामान्य दस वर्षीय वेतन आयोग चक्र को देखते हुए 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का प्रभाव सामान्यतः 1 जनवरी 2026 से अपेक्षित माना जा सकता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि नई सैलरी उसी तारीख से स्वतः लागू हो गई है। वास्तविक भुगतान, संशोधित वेतन, एरियर और लागू करने की प्रक्रिया आयोग की रिपोर्ट तथा केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद तय होगी। फिलहाल कर्मचारियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि फिटमेंट फैक्टर, नई बेसिक सैलरी, DA मर्जर और भत्तों पर अंतिम सरकारी फैसला अभी बाकी है।








