No UPI Day In Madhya Pradesh: MP में आज UPI को लेकर बड़ा विरोध

MP में आज UPI को लेकर बड़ा विरोध
प्रतिक्रियाएँ
Harsh Pandya

Harsh Pandya

0 सेकंड पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

CommentsReactionsFeedback

मध्य प्रदेश में 23 सितंबर 2026 को व्यापारिक संगठनों की ओर से No UPI Day मनाया जा रहा है। यह अभियान UPI के जरिए होने वाले कुछ बड़े मर्चेंट लेनदेन पर प्रस्तावित Merchant Discount Rate यानी MDR के विरोध में बुलाया गया है। व्यापारी संगठनों का कहना है कि डिजिटल पेमेंट पर अतिरिक्त लागत बढ़ने से छोटे और मध्यम कारोबारियों पर आर्थिक बोझ पड़ सकता है। इसी मुद्दे को लेकर कई शहरों के व्यापारियों से एक दिन के लिए UPI भुगतान स्वीकार नहीं करने और सांकेतिक विरोध दर्ज कराने की अपील की गई है। इस अभियान के तहत QR कोड और डिजिटल पेमेंट डिवाइस पर काला कपड़ा बांधकर भी विरोध जताने की योजना बनाई गई है।


₹2000 से ज्यादा UPI पेमेंट पर विवाद क्यों
व्यापारियों के विरोध का मुख्य मुद्दा ₹2000 से अधिक के कुछ UPI मर्चेंट लेनदेन पर प्रस्तावित MDR को लेकर है। रिपोर्टों में प्रस्तावित शुल्क 0.4 प्रतिशत बताया गया है। व्यापारिक संगठनों का कहना है कि अगर बड़े मूल्य के डिजिटल लेनदेन पर व्यापारी पक्ष से शुल्क बढ़ता है तो कम मार्जिन वाले कारोबार में इसका सीधा असर पड़ सकता है। हालांकि यहां यह अंतर समझना जरूरी है कि विवाद मुख्य रूप से व्यापारी यानी मर्चेंट की लागत को लेकर है, सामान्य ग्राहक द्वारा UPI से भुगतान करने पर सीधे शुल्क लगाए जाने की बात नहीं है। इसलिए No UPI Day को ग्राहकों पर UPI चार्ज लगने के रूप में पेश करना सही नहीं होगा।


इंदौर से लेकर भोपाल तक विरोध की तैयारी
No UPI Day के अभियान को मध्य प्रदेश के कई व्यापारिक संगठनों का समर्थन मिलने की बात सामने आई है। इंदौर में बड़ी संख्या में व्यापारियों और संगठनों ने अभियान में शामिल होने की तैयारी की है। व्यापारियों की ओर से QR स्कैनर और पेमेंट डिवाइस पर काला कपड़ा बांधने का फैसला सांकेतिक विरोध के तौर पर बताया गया है। भोपाल समेत प्रदेश के दूसरे शहरों में भी व्यापारिक संगठनों ने इस मुद्दे पर अपने सदस्यों से समर्थन की अपील की है। संगठनों का कहना है कि उनका उद्देश्य डिजिटल भुगतान व्यवस्था को खत्म करना नहीं, बल्कि व्यापारियों पर संभावित अतिरिक्त लागत के खिलाफ अपनी चिंता दर्ज कराना है।

 

व्यापारियों का कहना है डिजिटल पेमेंट जरूरी है
व्यापारियों के विरोध के बीच यह बात भी सामने आ रही है कि डिजिटल भुगतान आज कारोबार का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े प्रतिष्ठानों तक बड़ी संख्या में लोग UPI के जरिए भुगतान स्वीकार करते हैं। व्यापारिक संगठनों का कहना है कि वे UPI या डिजिटल भुगतान के विरोध में नहीं हैं, बल्कि ऐसी शुल्क व्यवस्था का विरोध कर रहे हैं जिससे व्यापार करने की लागत बढ़ सकती है। उनका कहना है कि छोटे दुकानदारों के लिए हर अतिरिक्त शुल्क महत्वपूर्ण होता है और इसलिए प्रस्तावित MDR व्यवस्था पर सरकार और संबंधित संस्थाओं को व्यापारियों की आपत्तियों पर विचार करना चाहिए।


पेट्रोल पंपों के वायरल दावे से अलग है मामला
इस बीच सोशल मीडिया पर पेट्रोल पंपों से जुड़ा एक अलग दावा भी सामने आया कि मध्य प्रदेश में 23 सितंबर को ₹2000 से अधिक का UPI भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा। Indian Oil Corporation ने इस दावे को फर्जी और भ्रामक बताया है। कंपनी के अनुसार मध्य प्रदेश के पेट्रोल पंपों की ओर से 23 सितंबर को ऐसा कोई No UPI Day घोषित नहीं किया गया है। इसलिए व्यापारिक संगठनों के विरोध अभियान और पेट्रोल पंपों को लेकर वायरल संदेश को एक ही घटना समझना सही नहीं होगा। ग्राहकों को किसी वायरल मैसेज के आधार पर भुगतान संबंधी निर्णय लेने के बजाय संबंधित पेट्रोल पंप या आधिकारिक सूचना की पुष्टि करनी चाहिए।


अब सरकार के रुख पर रहेगी नजर
व्यापारी संगठन चाहते हैं कि बड़े मूल्य के UPI मर्चेंट लेनदेन पर प्रस्तावित MDR व्यवस्था पर पुनर्विचार किया जाए। उनका तर्क है कि अतिरिक्त शुल्क से छोटे और मध्यम व्यापारियों की लागत बढ़ सकती है और इसका असर उनके मुनाफे पर पड़ सकता है। दूसरी ओर, सामान्य UPI उपयोगकर्ता और मर्चेंट पर लागू होने वाली शुल्क व्यवस्था को अलग-अलग समझना जरूरी है। अब 23 सितंबर के विरोध के बाद सरकार, बैंकिंग क्षेत्र और संबंधित संस्थाओं की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी। आने वाले दिनों में यह भी स्पष्ट होगा कि प्रस्तावित MDR व्यवस्था किस रूप में लागू होती है या इसमें कोई बदलाव किया जाता है।

 

प्रतिक्रियाएँ
Harsh Pandya

Harsh Pandya

0 सेकंड पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

CommentsReactionsFeedback