उत्तरकाशी में भरभराकर गिरा पहाड़: LIVE लैंडस्लाइड से दहला उत्तरकाशी
Yash Kulkarni
0 सेकंड पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Sai Mehta
0 सेकंड पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Anjali Patil
0 सेकंड पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Vihaan Patel
0 सेकंड पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Arjun Singh
0 सेकंड पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Kunal Rao
0 सेकंड पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Rohan Desai
0 सेकंड पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Pihu Agarwal
0 सेकंड पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Shruti Bajpai
0 सेकंड पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Nisha Shah
0 सेकंड पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Krishna Yadav
0 सेकंड पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Vivaan Gupta
0 सेकंड पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Ishaan Tiwari
0 सेकंड पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Pihu Agarwal
0 सेकंड पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Dhruv Bhatt
0 सेकंड पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Neha Tripathi
0 सेकंड पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Dev Kapoor
0 सेकंड पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Sneha Menon
0 सेकंड पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Aarav Sharma
0 सेकंड पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Trapti Tanwar
0 सेकंड पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच उत्तरकाशी जिले से एक भयावह भूस्खलन की घटना सामने आई है। संग्राली-महिडंडा मोटर मार्ग पर पहाड़ का विशाल हिस्सा अचानक भरभराकर सड़क पर आ गिरा। इस घटना का लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग सहम गए। पहाड़ से भारी मात्रा में मलबा और विशाल चट्टानें गिरने से पूरा मार्ग बंद हो गया और क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
समय रहते रोके गए वाहन, बड़ा हादसा टला
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहाड़ी से पहले छोटे पत्थर गिरने लगे थे, जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों को खतरे का अंदेशा हो गया। एहतियात के तौर पर दोनों ओर से वाहनों को रोक दिया गया। कुछ ही क्षण बाद पहाड़ का बड़ा हिस्सा सड़क पर आ गिरा। राहत की बात यह रही कि घटना के समय सड़क पर कोई वाहन या पैदल यात्री मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। प्रशासन ने इसे समय पर मिली सतर्कता का परिणाम बताया है।
आईटीबीपी कैंप और गांवों का संपर्क प्रभावित
भूस्खलन के कारण सड़क पर भारी मात्रा में मलबा जमा हो गया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। यह मार्ग सीमा सड़क संगठन (BRO) कार्यालय, पाटा, संग्राली गांव और आईटीबीपी कैंप को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है। सड़क बंद होने से स्थानीय ग्रामीणों, सुरक्षा बलों और आवश्यक सेवाओं की आवाजाही प्रभावित हुई। मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जेसीबी मशीनों से मलबा हटाने का अभियान जारी
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग (PWD) और अन्य संबंधित एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंच गईं। जेसीबी मशीनों की मदद से सड़क से मलबा हटाने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया गया। हालांकि लगातार बारिश और ऊपर से गिर रहे छोटे-बड़े पत्थरों के कारण राहत कार्य में बाधाएं आ रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि मौसम अनुकूल होते ही मार्ग को जल्द से जल्द यातायात के लिए बहाल करने का प्रयास किया जाएगा।
मौसम विभाग का अलर्ट, प्रशासन ने जारी की चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका जताई गई है। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से परहेज करें। यात्रियों और स्थानीय नागरिकों को केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सलाह का पालन करने और मौसम सामान्य होने तक सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मानसून में बढ़ा खतरा, सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव
उत्तराखंड में मानसून के दौरान भूस्खलन की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार लगातार वर्षा से पहाड़ों की मिट्टी कमजोर हो जाती है, जिससे अचानक चट्टानें और मलबा गिरने का खतरा बढ़ जाता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यात्रा से पहले सड़क और मौसम की स्थिति की जानकारी अवश्य लें तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को सूचना दें।







