गुरु पूर्णिमा पर देशभर में आस्था का सैलाब: गोरखनाथ मंदिर और प्रमुख तीर्थस्थलों पर विशेष पूजा

गोरखनाथ मंदिर और प्रमुख तीर्थस्थलों पर विशेष पूजा
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Pihu Agarwal

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0 सेकंड पहले

Kundali dekhkar bohot kuch pehle pata chal jata hai.

Kabir Shukla

Kabir Shukla

0 सेकंड पहले

Rishiyon ne sadi pehle hi inka jikr kiya tha.

Riya Jain

Riya Jain

0 सेकंड पहले

Dharm aur aastha hi insaan ko sahi raah dikhati hai.

Ravi sinha

Ravi sinha

0 सेकंड पहले

Yeh toh planets ki chaal ka hi asar hai!

Priya Iyer

Priya Iyer

0 सेकंड पहले

Kundali dekhkar bohot kuch pehle pata chal jata hai.

Rohan Desai

Rohan Desai

0 सेकंड पहले

Dharm aur aastha hi insaan ko sahi raah dikhati hai.

Vivaan Gupta

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0 सेकंड पहले

Kundali dekhkar bohot kuch pehle pata chal jata hai.

Myra Dubey

Myra Dubey

0 सेकंड पहले

Ishwar ki leela ko koi nahi samjha sakta.

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गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर पूरे देश में गुरु पूर्णिमा श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जा रही है। सुबह से ही मंदिरों, आश्रमों और आध्यात्मिक केंद्रों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। शिष्यों ने अपने गुरुओं के चरणों में नमन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और जीवन में ज्ञान, संस्कार तथा मार्गदर्शन के लिए कृतज्ञता व्यक्त की। कई स्थानों पर गुरु पूजन, भजन-कीर्तन और सत्संग का आयोजन किया गया। पूरे दिन धार्मिक वातावरण बना रहा।


प्रधानमंत्री सहित कई नेताओं ने दी शुभकामनाएं
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गुरु केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और जीवन मूल्यों का भी मार्गदर्शन करते हैं। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा को राष्ट्र की सांस्कृतिक धरोहर बताया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी गुरुओं को नमन करते हुए उनके योगदान को समाज निर्माण की आधारशिला बताया। सोशल मीडिया पर भी शुभकामनाओं का सिलसिला पूरे दिन जारी रहा।


गोरखनाथ मंदिर और प्रमुख तीर्थस्थलों पर विशेष पूजा
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। हरिद्वार, ऋषिकेश, प्रयागराज और अन्य प्रमुख तीर्थस्थलों पर श्रद्धालुओं ने पवित्र नदियों में स्नान कर दान-पुण्य किया। कई आश्रमों में विशेष यज्ञ, प्रवचन और गुरु वंदना कार्यक्रम आयोजित किए गए। धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं के विशेष इंतजाम किए गए।

 

आश्रमों और शिक्षण संस्थानों में हुए विशेष आयोजन
देशभर के अनेक आश्रमों, गुरुकुलों और शिक्षण संस्थानों में गुरु सम्मान समारोह आयोजित किए गए। विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों और गुरुओं का सम्मान कर उनके प्रति आभार व्यक्त किया। कई स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन संध्या और आध्यात्मिक प्रवचनों का आयोजन हुआ। गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। पूरे दिन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उत्साह का वातावरण बना रहा।


इस वर्ष गुरु पूर्णिमा का विशेष धार्मिक महत्व
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस वर्ष गुरु पूर्णिमा पर शुभ योगों का विशेष संयोग बना है, जिससे इस पर्व का आध्यात्मिक महत्व और बढ़ गया है। सावन मास के आरंभ से ठीक पहले पड़ने के कारण श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन गुरु पूजा, दान, जप और ध्यान करने से ज्ञान, सुख और आध्यात्मिक उन्नति की प्राप्ति होती है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।


बौद्ध परंपरा में भी विशेष महत्व का दिन
गुरु पूर्णिमा का महत्व केवल सनातन परंपरा तक सीमित नहीं है, बल्कि बौद्ध धर्म में भी यह अत्यंत पवित्र दिवस माना जाता है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान बुद्ध ने सारनाथ में अपने पांच शिष्यों को प्रथम उपदेश देकर धर्मचक्र प्रवर्तन किया था। इस अवसर पर बौद्ध विहारों में विशेष प्रार्थना सभाएं और ध्यान कार्यक्रम आयोजित किए गए। देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने शांति, करुणा और ज्ञान के संदेश को आत्मसात करने का संकल्प लिया।

 

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Pihu Agarwal

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Kundali dekhkar bohot kuch pehle pata chal jata hai.

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Rishiyon ne sadi pehle hi inka jikr kiya tha.

Riya Jain

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Dharm aur aastha hi insaan ko sahi raah dikhati hai.

Ravi sinha

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Yeh toh planets ki chaal ka hi asar hai!

Priya Iyer

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Kundali dekhkar bohot kuch pehle pata chal jata hai.

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Dharm aur aastha hi insaan ko sahi raah dikhati hai.

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Kundali dekhkar bohot kuch pehle pata chal jata hai.

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Ishwar ki leela ko koi nahi samjha sakta.

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