AI App Downloads Surge: भारत में AI ऐप्स के डाउनलोड 205% बढ़े, नई रिपोर्ट में खुलासा

Vihaan Patel
2 घंटे पहलेNaye zamane ki nai technology — sab samjhein, sab apnayein.
Payal jadon
3 घंटे पहलेCyber security ka yeh mudda bahut serious hai.
Pihu Agarwal
4 घंटे पहलेTechnology ki yeh khabar future badal sakti hai!
Nisha Shah
5 घंटे पहलेTech world mein itna bada change aane wala hai.
Aarohi Chaudhary
6 घंटे पहलेNaye zamane ki nai technology — sab samjhein, sab apnayein.
Pooja Reddy
8 घंटे पहलेNaye zamane ki nai technology — sab samjhein, sab apnayein.
Myra Dubey
8 घंटे पहलेTechnology ki yeh khabar future badal sakti hai!
Taushif Shekh
9 घंटे पहलेTechnology ke is new era mein India aage hai.
भारत में AI ऐप्स के डाउनलोड में 205% की बढ़ोतरी
स्मार्टफोन का इस्तेमाल अब केवल कॉलिंग, मैसेजिंग और सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रह गया है। लोग पढ़ाई, नौकरी, मनोरंजन और रोजमर्रा के कामों के लिए भी अलग-अलग मोबाइल ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। सेंसर टावर की 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 2025 के दौरान जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ऐप्स के डाउनलोड में सालाना आधार पर 205 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। इसी अवधि में एजुकेशन और जॉब से जुड़े ऐप्स के डाउनलोड 39 फीसदी बढ़े, जबकि सोशल मीडिया ऐप्स के कुल डाउनलोड में 17 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
AI ऐप्स क्यों बन रहे हैं लोकप्रिय?
जनरेटिव AI ऐप्स ने स्मार्टफोन पर जानकारी हासिल करने, लिखने और नए आइडिया तैयार करने के तरीकों को आसान बनाया है। इनकी मदद से यूजर्स सवालों के जवाब पा सकते हैं, मुश्किल विषयों को समझ सकते हैं और पढ़ाई या काम से जुड़े कई कार्यों में सहायता ले सकते हैं। ChatGPT जैसे ऐप्स ने AI तकनीक को आम यूजर्स तक पहुंचाने में भूमिका निभाई है। हालांकि, डाउनलोड में बढ़ोतरी से यह साबित नहीं होता कि सभी नए यूजर्स इन ऐप्स का नियमित इस्तेमाल भी कर रहे हैं।
छोटे एपिसोड वाली कहानियों का बढ़ा क्रेज
रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 2025 के दौरान मीडिया और एंटरटेनमेंट ऐप्स के डाउनलोड में 20 फीसदी की वृद्धि हुई। खास तौर पर शॉर्ट ड्रामा और छोटे-छोटे एपिसोड में दिखाई जाने वाली कहानियां मोबाइल यूजर्स को आकर्षित कर रही हैं। कम अवधि के एपिसोड लोगों को खाली समय में कंटेंट देखने का विकल्प देते हैं। यह रुझान मोबाइल मनोरंजन की बदलती पसंद को दिखाता है, जहां फिल्मों और लंबे वीडियो के साथ छोटी कहानियों के लिए भी ऐप्स डाउनलोड किए जा रहे हैं।
सोशल मीडिया ऐप्स के डाउनलोड में 17% गिरावट
Instagram, WhatsApp और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म आज भी लोगों के आपसी संपर्क और डिजिटल संवाद का अहम हिस्सा हैं। इसके बावजूद, रिपोर्ट में 2025 के दौरान सोशल मीडिया ऐप्स के कुल डाउनलोड में 17 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, डाउनलोड कम होने का अर्थ यह नहीं है कि इन प्लेटफॉर्म की लोकप्रियता उसी अनुपात में घट गई है। कई यूजर्स के फोन में ऐप्स पहले से इंस्टॉल हो सकते हैं, इसलिए उन्हें दोबारा डाउनलोड करने की जरूरत नहीं पड़ती। डाउनलोड के आंकड़े सक्रिय यूजर्स की संख्या या ऐप पर बिताए जाने वाले समय की पूरी तस्वीर नहीं बताते।
एजुकेशन और जॉब ऐप्स की मांग भी बढ़ी
AI ऐप्स के साथ पढ़ाई और रोजगार से जुड़े प्लेटफॉर्म की मांग में भी इजाफा हुआ है। सेंसर टावर की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 2025 के दौरान एजुकेशन और जॉब ऐप्स के डाउनलोड 39 फीसदी बढ़े। इन ऐप्स के माध्यम से लोग ऑनलाइन कोर्स, नई स्किल सीखने, परीक्षा की तैयारी और नौकरी से जुड़ी जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं। यह वृद्धि बताती है कि यूजर्स स्मार्टफोन का इस्तेमाल मनोरंजन के अलावा सीखने और करियर से जुड़े अवसर तलाशने के लिए भी कर रहे हैं।
बदल रही है मोबाइल यूजर्स की पसंद
सेंसर टावर के आंकड़े भारत में ऐप डाउनलोड से जुड़े बदलते रुझानों की ओर इशारा करते हैं। जनरेटिव AI, मीडिया और एंटरटेनमेंट तथा शिक्षा और रोजगार से जुड़े ऐप्स के डाउनलोड में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि सोशल मीडिया ऐप्स के डाउनलोड घटे। इन आंकड़ों को समझते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि डाउनलोड की संख्या अपने आप में सक्रिय यूजर्स, इस्तेमाल की अवधि या किसी ऐप की लोकप्रियता का संपूर्ण माप नहीं है। फिर भी, रिपोर्ट स्मार्टफोन के बढ़ते उपयोग और डिजिटल जरूरतों में आ रहे बदलावों की एक तस्वीर पेश करती है।








