राज्यसभा में उठा सवाल: जॉन ब्रिटस का केंद्र से जवाब तलब

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राज्यसभा में प्रशासनिक सेवाओं में खाली पदों और आरक्षित वर्गों की हिस्सेदारी को लेकर गंभीर चर्चा देखने को मिली। Communist Party of India (Marxist) (सी.पी.एम.) के राज्यसभा सांसद John Brittas ने भारतीय प्रशासनिक सेवाओं में OBC, SC और ST अधिकारियों की संख्या को लेकर सवाल उठाया।
इस पर जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री Jitendra Singh ने सदन में विस्तृत आंकड़े प्रस्तुत किए।
IAS, IPS और IFS में कितने पद खाली?
केंद्रीय मंत्री के अनुसार वर्तमान स्थिति इस प्रकार है:
IAS (Indian Administrative Service)
कुल स्वीकृत पद: 6877
तैनात अधिकारी: 5576
IPS (Indian Police Service)
कुल स्वीकृत पद: 5099
तैनात अधिकारी: 4594
IFS (Indian Foreign Service)
कुल स्वीकृत पद: 3193
तैनात अधिकारी: 2164
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि तीनों सेवाओं में सैकड़ों पद अभी भी खाली हैं।
तैनात अधिकारियों में OBC, SC, ST की स्थिति
IAS में
OBC: 245 (4.3%)
SC: 135 (2.4%)
ST: 67 (1.2%)
IPS में
OBC: 255 (5.5%)
SC: 141 (3%)
ST: 71 (1.4%)
IFS में
OBC: 231 (10.6%)
SC: 95 (4.3%)
ST: 48 (2.2%)
आबादी बनाम प्रतिनिधित्व पर बहस
सदन में यह मुद्दा उठाया गया कि देश की जनसंख्या में अनुमानित रूप से:
OBC: 55%
SC: 24%
ST: 10%
लेकिन शीर्ष प्रशासनिक सेवाओं में इन वर्गों की हिस्सेदारी 10% के आसपास या उससे कम बताई गई।
विपक्ष का तर्क है कि प्रशासनिक ढांचे में सामाजिक प्रतिनिधित्व संतुलित होना चाहिए, जबकि सरकार का कहना है कि नियुक्तियां संवैधानिक और आरक्षण प्रावधानों के तहत की जाती हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
जॉन ब्रिटस ने सवाल उठाया कि क्या सरकार खाली पदों को भरने और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाएगी। यह मुद्दा सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है।
राज्यसभा में उठे इस प्रश्न ने एक बार फिर प्रशासनिक सेवाओं में सामाजिक प्रतिनिधित्व और खाली पदों की स्थिति को राष्ट्रीय बहस का विषय बना दिया है। अब निगाहें इस पर हैं कि सरकार आने वाले समय में इन पदों को भरने और प्रतिनिधित्व संतुलन को लेकर क्या कदम उठाती है।







