Delhi Police Recruitment Fraud: दिल्ली पुलिस भर्ती में बड़ा फर्जीवाड़ा

दिल्ली पुलिस भर्ती में बड़ा फर्जीवाड़ा
प्रतिक्रियाएँ
Aditya Verma

Aditya Verma

1 दिन पहले

CBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.

Aryan Malhotra

Aryan Malhotra

1 दिन पहले

Police ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.

Ravi sinha

Ravi sinha

1 दिन पहले

Apradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!

Dev Kapoor

Dev Kapoor

1 दिन पहले

Poori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.

Nisha Shah

Nisha Shah

1 दिन पहले

Police ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.

Aarav Sharma

Aarav Sharma

1 दिन पहले

Poori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.

Anil Sen

Anil Sen

1 दिन पहले

Yeh incident sun ke dil bhaari ho gaya.

Navya Nair

Navya Nair

1 दिन पहले

Society ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.

Vivaan Gupta

Vivaan Gupta

1 दिन पहले

Peedit ko jald se jald nyay milna chahiye.

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दिल्ली पुलिस कांस्टेबल एग्जीक्यूटिव भर्ती की शारीरिक दक्षता एवं माप परीक्षा यानी PEMT के दौरान फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। वजीराबाद स्थित दिल्ली पुलिस अकादमी में चल रही शारीरिक परीक्षा में एक अभ्यर्थी ने अपनी जगह कथित तौर पर दूसरे युवक को दौड़ और कूद की परीक्षा देने के लिए भेज दिया। इसके बाद जब असली अभ्यर्थी हाइट और चेस्ट की माप के लिए पहुंचा तो अधिकारियों को उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं। जांच के दौरान पता चला कि जिस युवक ने शारीरिक परीक्षा दी थी, वह संबंधित अभ्यर्थी नहीं था। मामले का खुलासा होने के बाद आरोपी अभ्यर्थी को पुलिस के हवाले कर दिया गया।


1600 मीटर दौड़ और कूद में दूसरे ने लिया हिस्सा
पुलिस भर्ती के PEMT में उम्मीदवारों को शारीरिक दक्षता के तहत 1600 मीटर दौड़, लंबी कूद और ऊंची कूद जैसी प्रक्रियाओं से गुजरना होता है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक हरियाणा के सोनीपत जिले के सिलाना गांव निवासी 19 वर्षीय अक्षित ने अपनी जगह दूसरे युवक से यह शारीरिक परीक्षा दिलवाई। कथित तौर पर उस युवक ने अक्षित से संबंधित पहचान/एडमिट कार्ड में छेड़छाड़ कर परीक्षा केंद्र में प्रवेश किया और दौड़ तथा दोनों कूद की परीक्षा पूरी की। शारीरिक परीक्षा खत्म होने के बाद उसने अपना चेस्ट नंबर अक्षित को दे दिया और वहां से निकल गया। इसके बाद अक्षित को आगे की प्रक्रिया के लिए पहुंचना था।


पसीना और धूल नहीं देखकर हुआ शक
फर्जीवाड़े का सबसे अहम खुलासा उस समय हुआ जब अक्षित शारीरिक माप के लिए कतार में खड़ा था। अधिकारियों ने देखा कि 1600 मीटर दौड़ और कूद जैसी शारीरिक गतिविधियां पूरी करने के बावजूद उसके शरीर पर न तो पसीना था और न ही धूल-मिट्टी के निशान दिखाई दे रहे थे। इस बात ने अधिकारियों का संदेह बढ़ा दिया। इसी दौरान कुछ अन्य अभ्यर्थियों ने भी कथित तौर पर अधिकारियों को बताया कि फिजिकल टेस्ट देने वाला युवक कोई और था। इसके बाद अधिकारियों ने अक्षित से पूछताछ की और मामले की पूरी जानकारी सामने आई।

 

पूछताछ में भाई की भूमिका का भी जिक्र
रिपोर्टों के मुताबिक पूछताछ के दौरान अक्षित ने बताया कि उसकी जगह शारीरिक परीक्षा देने के लिए दूसरे युवक की व्यवस्था उसके भाई ने की थी। कथित तौर पर फर्जी अभ्यर्थी ने छेड़छाड़ किए गए एडमिट कार्ड की मदद से परीक्षा केंद्र में प्रवेश किया था। उसने अक्षित की जगह दौड़ और कूद की परीक्षा दी और बाद में चेस्ट नंबर उसे सौंपकर वहां से चला गया। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। पुलिस अब उस कथित फर्जी अभ्यर्थी की तलाश कर रही है और एडमिट कार्ड में हुई कथित छेड़छाड़ की भी जांच की जा रही है।


सोनिया विहार पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
घटना सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस अकादमी के अधिकारियों ने अक्षित को सोनिया विहार थाना पुलिस के हवाले कर दिया। रिपोर्टों के अनुसार उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और पुलिस पूरे फर्जीवाड़े की जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कथित तौर पर परीक्षा देने वाले दूसरे युवक की पहचान क्या है, उसे परीक्षा केंद्र में प्रवेश कैसे मिला और एडमिट कार्ड में किस तरह की छेड़छाड़ की गई। पुलिस इस मामले में अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच कर सकती है।


भर्ती प्रक्रिया में पहचान सत्यापन अहम
दिल्ली पुलिस की भर्ती प्रक्रिया में उम्मीदवार की पहचान सुनिश्चित करने के लिए कई स्तरों पर जांच की व्यवस्था है। आधिकारिक भर्ती दस्तावेजों के मुताबिक PEMT से पहले होल्डिंग एरिया में एडमिट कार्ड पर मौजूद तस्वीर के आधार पर उम्मीदवार की पहचान जांची जाती है। इसके बाद चेस्ट नंबर और रेस से जुड़ी प्रक्रिया होती है, जबकि रेस में RFID टैग का इस्तेमाल भी निर्धारित किया गया है। ऐसे में वजीराबाद में सामने आया यह मामला भर्ती परीक्षा में पहचान सत्यापन और निगरानी की प्रक्रिया के लिहाज से जांच का विषय बन गया है। फिलहाल पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही इस फर्जीवाड़े में शामिल सभी लोगों और उनकी भूमिका के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।

 

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Aditya Verma

Aditya Verma

1 दिन पहले

CBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.

Aryan Malhotra

Aryan Malhotra

1 दिन पहले

Police ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.

Ravi sinha

Ravi sinha

1 दिन पहले

Apradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!

Dev Kapoor

Dev Kapoor

1 दिन पहले

Poori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.

Nisha Shah

Nisha Shah

1 दिन पहले

Police ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.

Aarav Sharma

Aarav Sharma

1 दिन पहले

Poori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.

Anil Sen

Anil Sen

1 दिन पहले

Yeh incident sun ke dil bhaari ho gaya.

Navya Nair

Navya Nair

1 दिन पहले

Society ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.

Vivaan Gupta

Vivaan Gupta

1 दिन पहले

Peedit ko jald se jald nyay milna chahiye.

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