IIT Bombay Student Case: IIT बॉम्बे छात्र केस में जांच तेज

Aarohi Chaudhary
0 सेकंड पहलेApradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!
Riya Jain
0 सेकंड पहलेSociety ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.
Sai Mehta
0 सेकंड पहलेCBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.
Saanvi Pandey
0 सेकंड पहलेAise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.
Payal jadon
0 सेकंड पहलेSociety ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.
Ishaan Tiwari
29 मिनट पहलेSociety ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.
आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। 24 सितंबर 2026 तक जांच एजेंसी छह लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है, जिनमें साहिल के करीब रहने वाले तीन छात्र भी शामिल हैं। पुलिस इन बयानों के जरिए 18 सितंबर को परीक्षा के दौरान और उसके बाद हुई घटनाओं की कड़ी जोड़ने की कोशिश कर रही है। जांच अधिकारियों का फोकस उस पूरे घटनाक्रम पर है, जो परीक्षा के अंतिम समय से लेकर साहिल के हॉस्टल पहुंचने तक हुआ। वहीं मामले में नाम सामने आए प्रोफेसर सुर्यनारायण डूल्ला का बयान अभी दर्ज नहीं किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक पहले डिजिटल सबूत और अन्य गवाहों के बयान जुटाए जा रहे हैं, जिसके बाद आगे की पूछताछ की जाएगी।
परीक्षा हॉल का CCTV बना जांच का अहम सबूत
जांच में सामने आए CCTV फुटेज में 18 सितंबर को दोपहर करीब 12:30 से 12:45 बजे के बीच साहिल को परीक्षा हॉल में देखा गया। रिपोर्टों के मुताबिक परीक्षा खत्म होने में करीब 15 मिनट बाकी थे और फुटेज में साहिल को अपनी जेब की ओर झुककर देखते हुए देखा गया। इसके बाद परीक्षा की निगरानी कर रहे प्रोफेसर ने उनसे पूछताछ की और उन्हें अन्य छात्रों से अलग ले जाते हुए दिखाई देते हैं। एक अन्य रिपोर्ट में सामने आए फुटेज में साहिल को अपनी सीट से उठकर सामान लेने और परीक्षा हॉल से बाहर जाते हुए दिखाए जाने की बात कही गई है। पुलिस अब इस फुटेज को अन्य CCTV और डिजिटल साक्ष्यों के साथ मिलाकर घटनाक्रम की समय-रेखा तैयार कर रही है।
ChatGPT से चीटिंग का दावा अभी जांच में
साहिल के मामले में परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन और कथित तौर पर ChatGPT के इस्तेमाल की बात लगातार चर्चा में है। शुरुआती तौर पर IIT बॉम्बे की ओर से कहा गया था कि साहिल ने परीक्षा में मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर प्रश्नपत्र ChatGPT पर अपलोड करके उत्तर हासिल करने की कोशिश की थी। हालांकि संस्थान ने बाद में इस दावे पर माफी मांगी और कहा कि जांच पूरी होने से पहले घटनाक्रम को इस तरह प्रस्तुत करना उचित नहीं था। क्राइम ब्रांच भी अब साहिल के मोबाइल और उपलब्ध डिजिटल डेटा की फोरेंसिक जांच कर रही है। इसलिए फिलहाल यह कहना उचित नहीं होगा कि CCTV फुटेज ने ChatGPT से चीटिंग की बात साबित कर दी है। पुलिस इस पहलू को डिजिटल साक्ष्यों के जरिए सत्यापित करने की कोशिश कर रही है।
परीक्षा के बाद हॉस्टल तक की गतिविधियों की जांच
क्राइम ब्रांच सिर्फ परीक्षा हॉल की घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि साहिल के परीक्षा से निकलने के बाद की गतिविधियों की भी जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार CCTV से मिली जानकारी में साहिल परीक्षा हॉल छोड़ने के बाद कैंपस से होते हुए करीब 1:25 बजे अपने हॉस्टल के कमरे तक पहुंचे। इसके बाद उनके कमरे से बाहर निकलने की जानकारी जांच में सामने नहीं आई है। पुलिस अलग-अलग स्थानों के CCTV फुटेज को जोड़कर उस दिन की पूरी गतिविधियों की समय-रेखा तैयार कर रही है। इसके साथ ही साहिल के मोबाइल फोन और चैट्स की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने घटना से पहले किसी से संपर्क किया था या कोई अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल जानकारी उपलब्ध है।
परिवार के आरोप भी जांच का हिस्सा
साहिल के परिवार ने उनके साथ जातिगत भेदभाव और कथित उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है और जांच अब क्राइम ब्रांच के पास है। दूसरी ओर, IIT बॉम्बे ने अपने शुरुआती बयान पर बाद में माफी मांगते हुए कहा कि साहिल की मौत से पहले की परिस्थितियों के बारे में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने से पहले नहीं निकाला जाना चाहिए था। इसी वजह से जांच में परीक्षा की घटना के साथ-साथ कथित भेदभाव और उत्पीड़न से जुड़े आरोपों को भी अलग-अलग साक्ष्यों के आधार पर देखा जा रहा है। अभी तक इन आरोपों पर जांच एजेंसी का अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
IIT बॉम्बे ने दोबारा जारी की माफी
24 सितंबर को IIT बॉम्बे ने अपने 21 सितंबर के माफीनामे को दोबारा साझा किया। संस्थान ने कहा कि साहिल की मौत से पहले की परिस्थितियों के बारे में जांच पूरी होने से पहले किसी तरह का चरित्रांकन करना उचित नहीं था। इसी बीच संस्थान ने मामले की आंतरिक जांच के लिए 10 सदस्यीय समिति भी गठित की है, जबकि मुंबई क्राइम ब्रांच स्वतंत्र रूप से पुलिस जांच कर रही है। इस समय मामले में CCTV फुटेज, मोबाइल और डिजिटल डेटा, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान तथा परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों समेत कई पहलुओं की जांच जारी है। इसलिए साहिल की मौत के पीछे किसी एक कारण को अंतिम रूप से जिम्मेदार बताना अभी जांच पूरी होने से पहले उचित नहीं होगा।








