Samastipur Bulldozer Action: समस्तीपुर में आरोपियों के ठिकानों पर चला बुलडोजर

Payal jadon
2 घंटे पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Anjali Patil
4 घंटे पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Navya Nair
4 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Aditya Verma
6 घंटे पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Shruti Bajpai
7 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Tanya Bajaj
8 घंटे पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Arjun Singh
10 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
बिहार के समस्तीपुर जिले के कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के गांव में नाबालिग लड़की से कथित बदसलूकी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस और प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी। पुलिस के मुताबिक वीडियो सामने आने के बाद तकनीकी जांच की गई और मामले में चार आरोपियों की पहचान कर उन्हें करीब छह घंटे के भीतर गिरफ्तार किया गया। आरोपियों में विकास कुमार शर्मा, राहुल कुमार, रामबाबू सहनी और अवधेश पासवान शामिल हैं। सभी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
तीन आरोपियों से जुड़े निर्माण पर चला बुलडोजर
चार गिरफ्तारियों के बाद शुक्रवार को जिला प्रशासन ने तीन आरोपियों से जुड़े कथित अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की। प्रशासन के अनुसार राहुल कुमार, रामबाबू सहनी और अवधेश पासवान से जुड़े सरकारी जमीन पर किए गए अतिक्रमण को हटाया गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बुलडोजर कार्रवाई सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण हटाने के प्रशासनिक आदेश के तहत की गई।
चौथे आरोपी के घर पर नोटिस चस्पा
मामले के चौथे आरोपी विकास कुमार शर्मा के मकान को तत्काल नहीं तोड़ा गया। प्रशासन के अनुसार वहां पक्का निर्माण होने के कारण कथित अतिक्रमित हिस्से को खाली करने के लिए नोटिस दिया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक उसे निर्धारित समय में अतिक्रमण हटाने को कहा गया है और समयसीमा पूरी होने के बाद नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है। यानी अभी चारों आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलने की बात सही नहीं है।
PDS डीलर का लाइसेंस भी रद्द
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल अवधेश पासवान जनवितरण प्रणाली यानी PDS दुकान चलाता था। प्रशासन ने उसकी PDS अनुज्ञप्ति भी रद्द कर दी है। प्रशासनिक कार्रवाई अतिक्रमण के आरोप और मामले में उसकी गिरफ्तारी के बाद सामने आई है। वहीं पुलिस की ओर से मामले में POCSO एक्ट और IT Act की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी गई है। सभी आरोपियों के खिलाफ पुलिस जांच आगे जारी है।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ था वायरल
पुलिस के अनुसार घटना 15 सितंबर की बताई गई है, जबकि इसका वीडियो 23 सितंबर को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में एक लड़की को कुछ युवकों द्वारा घेरकर कथित तौर पर परेशान और उसके साथ अभद्र व्यवहार करते देखा गया। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक के मोबाइल फोन में घटना से संबंधित वीडियो मिला है। पुलिस अब वीडियो रिकॉर्ड करने, उसे आगे भेजने और सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
पुलिस ने पीड़िता की पहचान उजागर नहीं करने की अपील की
समस्तीपुर पुलिस ने सोशल मीडिया यूजर्स और आम लोगों से वायरल वीडियो को दोबारा शेयर या फॉरवर्ड नहीं करने की अपील की है। पुलिस के मुताबिक वीडियो में दिखाई दे रही लड़की प्रथमदृष्ट्या नाबालिग प्रतीत होती है, इसलिए उसकी पहचान उजागर करने वाली तस्वीर, वीडियो, नाम या अन्य जानकारी प्रसारित करना कानूनी परेशानी पैदा कर सकता है। पुलिस मामले की जांच के साथ-साथ वीडियो के स्रोत और उसके प्रसार की भी पड़ताल कर रही है। प्रशासन की ओर से की गई अतिक्रमण कार्रवाई और पुलिस की कानूनी कार्रवाई दोनों अलग-अलग प्रक्रियाओं के तहत आगे बढ़ रही हैं।








