सुधारों को लेकर पीएम मोदी का बड़ा संकल्प: भारत बनेगा वैश्विक स्थिरता का आधार

Monika Das
43 मिनट पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Dhruv Bhatt
55 मिनट पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Kunal Rao
1 घंटे पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Vivaan Gupta
5 घंटे पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Taushif Shekh
6 घंटे पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Taushif Shekh
7 घंटे पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Payal jadon
7 घंटे पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Pihu Agarwal
9 घंटे पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Riya Jain
10 घंटे पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में आयोजित ET World Leaders Forum 2026 में भारत में आर्थिक और प्रशासनिक सुधारों को और तेज करने का संकल्प जताया। उन्होंने कहा कि भारत में किए जा रहे सुधार किसी राजनीतिक मजबूरी का परिणाम नहीं हैं। प्रधानमंत्री के अनुसार ये सुधार देश के विकास और नागरिकों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का हिस्सा हैं। उन्होंने वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत को आर्थिक रूप से मजबूत और स्थिर बनाने पर जोर दिया। पीएम मोदी ने भरोसा दिलाया कि सरकार आगे भी आवश्यक और दूरगामी सुधारों को जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि मजबूत भारत वैश्विक स्थिरता में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव पर जोर
पीएम मोदी ने पुरानी प्रशासनिक सोच में बदलाव की जरूरत पर जोर दिया और लालफीताशाही कम करने की बात कही। उन्होंने कहा कि पहले व्यवस्था में अक्सर यह माना जाता था कि जब तक किसी काम की अनुमति न हो, तब तक वह प्रतिबंधित है। प्रधानमंत्री ने इसके स्थान पर ऐसी व्यवस्था की बात कही जिसमें स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित चीजों को छोड़कर बाकी गतिविधियों को अनुमति प्राप्त मानी जाए। इसका उद्देश्य नागरिकों और कारोबारियों के लिए प्रक्रियाओं को आसान बनाना है। सरकार का फोकस ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के साथ ईज ऑफ लिविंग को भी बेहतर बनाने पर है। पीएम मोदी ने इसे प्रशासनिक व्यवस्था में व्यापक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
भारत को वैश्विक स्थिरता का आधार बनाने की तैयारी
प्रधानमंत्री ने दुनिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए स्थिरता और उम्मीद का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। पीएम मोदी के अनुसार भारत का मजबूत, सुरक्षित और समृद्ध होना वैश्विक स्थिरता को भी मजबूत करेगा। उन्होंने भारत की आर्थिक क्षमता और विकास की गति को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। सरकार वैश्विक निवेश और कारोबार के लिए भारत को भरोसेमंद स्थान के रूप में स्थापित करना चाहती है। इसके लिए आर्थिक सुधारों के साथ प्रशासनिक सुधारों को भी लगातार आगे बढ़ाने की बात कही गई।
लाइसेंस राज की बाधाओं को कम करने पर फोकस
पीएम मोदी ने पुराने लाइसेंस राज की बाधाओं को कम करने और कारोबार के लिए बेहतर माहौल बनाने की दिशा में उठाए गए कदमों का उल्लेख किया। सरकार ने उत्पादन और निवेश को बढ़ावा देने के लिए PLI जैसी नीतियों को महत्वपूर्ण बताया है। इन नीतियों के जरिए भारत में उत्पादन क्षमता और निवेश को बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने उद्योगों और स्टार्टअप्स के लिए अनुपालन संबंधी बोझ कम करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। नियमों को सरल बनाने से कारोबार शुरू करना और उसका विस्तार करना आसान हो सकता है। सरकार इसी दिशा में लगातार नीतिगत बदलाव करने की बात कह रही है।
वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की भूमिका
प्रधानमंत्री ने भारत को विश्वसनीय वैश्विक सप्लाई चेन पार्टनर के रूप में मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में भरोसेमंद और स्थिर साझेदारों की जरूरत बढ़ गई है। भारत अपनी आर्थिक क्षमता और बड़े बाजार के आधार पर इस भूमिका को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। इसके लिए घरेलू उत्पादन, निवेश और बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देना जरूरी है। आर्थिक सुधारों के जरिए कारोबारी माहौल को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। पीएम मोदी ने संकेत दिया कि आने वाले समय में भारत की वैश्विक आर्थिक भूमिका और मजबूत हो सकती है।
ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर जोर
ET World Leaders Forum में प्रधानमंत्री ने आर्थिक विकास को आम नागरिकों और कारोबारियों की सुविधा से जोड़कर पेश किया। उन्होंने कहा कि सुधारों का उद्देश्य केवल आर्थिक आंकड़ों को बेहतर बनाना नहीं बल्कि लोगों के जीवन और कारोबार को आसान बनाना भी है। प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल करने से नागरिकों को अनावश्यक मंजूरी और कागजी कार्रवाई से राहत मिल सकती है। उद्योगों के लिए आसान नियम निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। सरकार आर्थिक विकास के साथ प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने पर भी जोर दे रही है। प्रधानमंत्री ने भारत को मजबूत और स्थिर वैश्विक अर्थव्यवस्था के रूप में आगे ले जाने का संकल्प दोहराया।








