गांधी मूर्ति से मकर द्वार तक INDIA का प्रदर्शन: संसद में विपक्ष का जोरदार प्रदर्शन

Trapti Tanwar
0 सेकंड पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Aryan Malhotra
0 सेकंड पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Aryan Malhotra
0 सेकंड पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Riya Jain
0 सेकंड पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Navya Nair
0 सेकंड पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Taushif Shekh
0 सेकंड पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Shruti Bajpai
0 सेकंड पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Aditya Verma
0 सेकंड पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Vivaan Gupta
0 सेकंड पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्षी दलों के INDIA गठबंधन ने केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अगुवाई में सांसदों ने संसद परिसर स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा (प्रेरणा स्थल) से मकर द्वार तक मार्च निकालकर कई राष्ट्रीय मुद्दों पर सरकार को घेरा। प्रदर्शन के दौरान विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए सरकार से जवाबदेही की मांग की।
छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री से जवाब की मांग
विपक्ष ने 20 जुलाई को संसद की ओर मार्च कर रहे छात्र प्रदर्शनकारियों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई, लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। विपक्षी सांसदों ने मांग की कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन में आकर पूरे घटनाक्रम पर विस्तृत बयान दें और सरकार अपनी भूमिका स्पष्ट करे।
राम मंदिर चंदे और E20 ईंधन नीति पर सरकार को घेरा
विपक्ष ने अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे और चंदे में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही तय करने की मांग की। इसके साथ ही E20 (20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) नीति को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा गया।विपक्ष और आम आदमी पार्टी ने मांग रखी कि—सभी पेट्रोल पंपों पर शुद्ध पेट्रोल का विकल्प उपलब्ध कराया जाए।E20 पेट्रोल की कीमत सामान्य पेट्रोल से कम हो।शुद्ध पेट्रोल की कीमत आम उपभोक्ताओं के हित में कम की जाए।
संसद परिसर में विरोध मार्च और राजनीतिक संदेश
गांधी प्रतिमा से मकर द्वार तक निकाले गए मार्च के दौरान विपक्षी सांसदों ने तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि सरकार जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा से बच रही है। विपक्ष ने कहा कि संसद लोकतांत्रिक बहस का मंच है और सरकार को सभी गंभीर विषयों पर जवाब देना चाहिए।
परिसीमन बिल पर बढ़ी राजनीतिक हलचल
संसद के भीतर विरोध प्रदर्शन के बीच परिसीमन (Delimitation) से जुड़े संभावित विधायी प्रस्तावों को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, सरकार आगामी दिनों में इस विषय पर आगे बढ़ने की रणनीति बना रही है। हालांकि, विशेष सत्र या किसी प्रस्तावित विधेयक को लेकर अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
संसद में जारी रहने के आसार टकराव के
मानसून सत्र के शेष दिनों में विपक्ष छात्रों से जुड़े मुद्दों, E20 नीति, राम मंदिर चंदा विवाद और अन्य जनहित के प्रश्नों को लगातार उठाने की तैयारी में है। वहीं सरकार अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में संसद में तीखी बहस और राजनीतिक टकराव जारी रहने की संभावना है।







