सिलीगुड़ी में अमित शाह की हाई लेवल बैठक: सीमावर्ती सुरक्षा पर शाह का मंथन

Neel Saxena
0 सेकंड पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Saanvi Pandey
0 सेकंड पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Ishaan Tiwari
0 सेकंड पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Anil Sen
52 मिनट पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Myra Dubey
57 मिनट पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Nidhi kumari
1 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Neel Saxena
3 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Reyansh Joshi
3 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Vihaan Patel
5 घंटे पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के तीन दिवसीय दौरे के दौरान सिलीगुड़ी में उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की। बैठक में देश की पूर्वी सीमाओं और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा हुई। गृह मंत्री ने आतंकवाद, अवैध घुसपैठ, तस्करी और सीमा पार से होने वाले अपराधों की रोकथाम को लेकर सुरक्षा अधिकारियों से जानकारी ली। बैठक में केंद्रीय खुफिया एजेंसियों, BSF, SSB और राज्य पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया गया। बैठक का उद्देश्य संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा तंत्र को और प्रभावी बनाना रहा।
चिकन नेक की सुरक्षा पर विशेष फोकस
सिलीगुड़ी कॉरिडोर को देश की सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। यह गलियारा पूर्वोत्तर राज्यों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। बैठक में इस रणनीतिक क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। भारत-बांग्लादेश और भारत-नेपाल सीमा से जुड़े सुरक्षा पहलुओं पर भी अधिकारियों के साथ चर्चा हुई। सीमावर्ती क्षेत्रों में किसी भी तरह की सुरक्षा चूक को रोकने के लिए सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करने पर जोर दिया गया। संवेदनशील इलाकों में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से बेहतर बनाने की योजना पर भी चर्चा हुई।
घुसपैठ और तस्करी पर जीरो टॉलरेंस
अमित शाह ने अवैध घुसपैठ और सीमा पार तस्करी के खिलाफ सख्त रुख अपनाने पर जोर दिया। बैठक में BSF और SSB के अधिकारियों से सीमावर्ती इलाकों में मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली गई। भारत-बांग्लादेश सीमा पर जहां भी फेंसिंग का काम लंबित है, उसे राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। सीमा पार से होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। आतंकवाद और संगठित सीमा पार अपराधों को रोकना सुरक्षा एजेंसियों की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहा। सरकार की ओर से ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति पर जोर दिया गया।
आधुनिक तकनीक से मजबूत होगी सीमा सुरक्षा
सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर भी बैठक में चर्चा हुई। ड्रोन, एंटी ड्रोन सिस्टम और अन्य तकनीकी निगरानी उपकरणों के जरिए संवेदनशील इलाकों की निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया गया। सुरक्षा एजेंसियों को सीमा पार से आने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर तेजी से प्रतिक्रिया देने के लिए तकनीकी क्षमता मजबूत करने की जरूरत बताई गई। निगरानी व्यवस्था को केवल पारंपरिक गश्त तक सीमित रखने के बजाय तकनीक आधारित सुरक्षा नेटवर्क तैयार करने पर ध्यान दिया जा रहा है। इससे दुर्गम और संवेदनशील इलाकों में निगरानी क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से और मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ने पर जोर दिया गया।
खुफिया एजेंसियों और पुलिस में तालमेल
अमित शाह ने केंद्रीय सुरक्षा बलों, खुफिया एजेंसियों और राज्य पुलिस के बीच बेहतर तालमेल को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी बताया। बैठक में रीयल टाइम सूचना साझा करने और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत संबंधित एजेंसियों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय से सीमा पार से आने वाले खतरों की पहचान समय रहते की जा सकती है। राज्य पुलिस और केंद्रीय बलों के बीच संयुक्त कार्रवाई और सूचना तंत्र को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को सुरक्षा संबंधी सूचनाओं पर तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित करने की जरूरत बताई गई। इसका उद्देश्य किसी भी संभावित खतरे को शुरुआती स्तर पर ही रोकना है।
पूर्वी सीमा की सुरक्षा को लेकर बड़ा संदेश
सिलीगुड़ी में हुई इस उच्च स्तरीय बैठक को पूर्वी सीमा की सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में केंद्रीय गृह सचिव, खुफिया ब्यूरो के निदेशक, BSF और SSB के वरिष्ठ अधिकारियों सहित क्षेत्र के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। अमित शाह ने सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने और सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी मजबूत करने पर जोर दिया। खासतौर पर आतंकवाद, घुसपैठ और तस्करी जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए संयुक्त रणनीति पर चर्चा हुई। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने पर जोर दिया गया। आने वाले समय में सीमा सुरक्षा को आधुनिक तकनीक और बेहतर एजेंसी समन्वय के जरिए और मजबूत किए जाने की संभावना है।








