Banks Open Sunday: 27 सितंबर रविवार को खुलेंगे बैंक, हड़ताल से पहले ग्राहकों को मिलेगी सुविधा

27 सितंबर रविवार को खुलेंगे बैंक, हड़ताल से पहले ग्राहकों को मिलेगी सुविधा
प्रतिक्रियाएँ
Anjali Patil

Anjali Patil

4 घंटे पहले

Jai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.

Riya Jain

Riya Jain

5 घंटे पहले

Bharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.

Nidhi kumari

Nidhi kumari

5 घंटे पहले

Bharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.

Kavya Mishra

Kavya Mishra

6 घंटे पहले

Jai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.

Ananya Sharma

Ananya Sharma

6 घंटे पहले

Jai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.

Aryan Malhotra

Aryan Malhotra

9 घंटे पहले

Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

Arjun Singh

Arjun Singh

10 घंटे पहले

Bharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.

Simran Arora

Simran Arora

10 घंटे पहले

Bharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.

Comments • Reactions • Feedback

रविवार को बैंक खुले रहेंगे
28 से 30 सितंबर 2026 तक प्रस्तावित तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल को देखते हुए सरकार ने ग्राहकों के लिए विशेष व्यवस्था की है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक रविवार, 27 सितंबर को सामान्य रूप से काम करेंगे। RBI ने बैंक शाखाओं, कार्यालयों, ATM से जुड़ी शाखाओं और करेंसी चेस्ट को भी इस दिन संचालित करने की मंजूरी दी है।

 

हड़ताल का कार्यक्रम
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का कार्यक्रम जारी रखा है। इससे पहले 26 सितंबर को चौथे शनिवार की छुट्टी होगी। सरकार और बैंक प्रबंधन ने यूनियनों से प्रस्तावित हड़ताल टालने की अपील की है, लेकिन यूनियन ने फिलहाल अपना कार्यक्रम बरकरार रखा है।

 

पांच दिन बैंकिंग की मांग
बैंक यूनियनों की प्रमुख मांग सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की है। सरकार के अनुसार, प्रदर्शन से जुड़ी PLI योजना को फिलहाल स्थगित रखा जा चुका है। इसके बावजूद पांच दिन बैंकिंग की मांग पर सहमति नहीं बन सकी है।

 

25 सितंबर को वेतन भुगतान
हड़ताल के संभावित असर को देखते हुए केंद्र सरकार ने सितंबर महीने के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन-पेंशन भुगतान की प्रक्रिया 25 सितंबर को करने का फैसला किया है। सरकार की ओर से यह व्यवस्था बैंकिंग सेवाओं में संभावित व्यवधान को देखते हुए की गई है।

 

पांच दिन तक असर की संभावना
28 से 30 सितंबर की प्रस्तावित हड़ताल से पहले 26 सितंबर की छुट्टी और उसके बाद 27 सितंबर को विशेष रूप से बैंक खोलने की व्यवस्था की गई है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, हड़ताल और सप्ताहांत के कारण बैंकिंग सेवाओं पर लगातार कई दिनों तक असर पड़ने की स्थिति बन सकती थी। 30 सितंबर को बैंकों का अर्धवार्षिक समापन भी है, जिससे यह अवधि बैंकिंग संचालन के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

 

ग्राहकों के लिए अहम तारीखें
26 सितंबर को चौथे शनिवार की छुट्टी रहेगी। 27 सितंबर रविवार को सार्वजनिक क्षेत्र और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक खुले रहेंगे। इसके बाद 28, 29 और 30 सितंबर को प्रस्तावित हड़ताल है। इसलिए शाखा से जुड़े जरूरी काम वाले ग्राहकों के लिए 27 सितंबर अतिरिक्त बैंकिंग दिवस के रूप में महत्वपूर्ण रहेगा।

 

डिजिटल सेवाओं का विकल्प
बैंकों ने ग्राहकों को सलाह दी है कि हड़ताल होने की स्थिति में जरूरी लेनदेन के लिए मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग, ATM, UPI और अन्य डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल किया जा सकता है। शाखा से जुड़े जरूरी काम पहले निपटाने की सलाह भी दी गई है।

 

आगे की स्थिति
28 से 30 सितंबर की तीन दिवसीय हड़ताल फिलहाल प्रस्तावित है। सरकार और बैंक प्रबंधन की ओर से इसे टालने के प्रयास किए जा रहे हैं। UFBU ने पांच दिन बैंकिंग की मांग पूरी नहीं होने पर 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का प्रस्ताव भी रखा है।

प्रतिक्रियाएँ
Anjali Patil

Anjali Patil

4 घंटे पहले

Jai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.

Riya Jain

Riya Jain

5 घंटे पहले

Bharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.

Nidhi kumari

Nidhi kumari

5 घंटे पहले

Bharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.

Kavya Mishra

Kavya Mishra

6 घंटे पहले

Jai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.

Ananya Sharma

Ananya Sharma

6 घंटे पहले

Jai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.

Aryan Malhotra

Aryan Malhotra

9 घंटे पहले

Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

Arjun Singh

Arjun Singh

10 घंटे पहले

Bharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.

Simran Arora

Simran Arora

10 घंटे पहले

Bharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.

Comments • Reactions • Feedback