Bengal BJP College Rules: बंगाल में BJP नेताओं को कॉलेज चलाने के सख्त नियम

बंगाल में BJP नेताओं को कॉलेज चलाने के सख्त नियम
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Sai Mehta

Sai Mehta

0 सेकंड पहले

Sarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!

Kunal Rao

Kunal Rao

0 सेकंड पहले

Is khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.

Yash Kulkarni

Yash Kulkarni

0 सेकंड पहले

Is khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.

Ada khan

Ada khan

0 सेकंड पहले

Yeh rajneeti ka asli chehra hai.

Nidhi kumari

Nidhi kumari

0 सेकंड पहले

Sarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!

Simran Arora

Simran Arora

15 मिनट पहले

Nishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.

Ishaan Tiwari

Ishaan Tiwari

1 घंटे पहले

Neta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!

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कॉलेज संचालन के लिए सख्त नियम पश्चिम बंगाल में BJP सरकार ने कॉलेजों की गवर्निंग बॉडी के नवनियुक्त अध्यक्षों के लिए प्रशासन, वित्त और नियुक्तियों से जुड़े नियम तय किए हैं। अध्यक्षों को राजनीतिक हस्तक्षेप से दूर रहते हुए विश्वविद्यालय के अध्यादेशों और लागू सरकारी नियमों के अनुसार कॉलेजों का संचालन करने को कहा गया है।

 

BJP की संगठनात्मक बैठक में चर्चा इन दिशानिर्देशों पर 22 सितंबर को हुई BJP की संगठनात्मक बैठक में चर्चा हुई। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य, बंगाल प्रभारी सुनील बंसल, जिला अध्यक्ष और विधायक मौजूद रहे। बैठक में आने वाले नगर निकाय चुनावों की तैयारियों के साथ कॉलेज गवर्निंग बॉडी के कामकाज पर भी चर्चा हुई।

 

प्रशासन और वित्तीय नियमों पर जोर BJP नेतृत्व ने गवर्निंग बॉडी अध्यक्षों को प्रशासन और वित्त से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी है। उन्हें अपने पद का इस्तेमाल राजनीतिक प्रभाव वाले क्षेत्र के तौर पर नहीं करने और पिछली सरकार के दौरान सामने आए वित्तीय अनियमितताओं जैसी स्थितियों को दोबारा नहीं होने देने को कहा गया है।

 

बैठकों और रिकॉर्ड को लेकर निर्देश अध्यक्षों से अपने संबंधित विश्वविद्यालयों के अध्यादेश और सभी लागू सरकारी नियमों को समझने को कहा गया है। गवर्निंग बॉडी की बैठकें नियमित रूप से आयोजित करने, एजेंडा पहले सभी सदस्यों को भेजने, कार्यवाही को सही तरीके से दर्ज कर हस्ताक्षर कराने और रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। लिए गए फैसलों के अमल की निगरानी की जिम्मेदारी भी अध्यक्षों को दी गई है।

 

बजट और ऑडिट पर निगरानी दिशानिर्देशों में सालाना बजट तैयार कराने, समय पर ऑडिट कराने और कर्मचारियों के प्रोविडेंट फंड की रकम नियमित रूप से जमा कराने पर विशेष जोर दिया गया है। कॉलेज सर्विस कमीशन की सिफारिश के बिना स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति नहीं करने को कहा गया है। कर्मचारियों की ACR, प्रमोशन, छुट्टी, पेंशन और ग्रेच्युटी से जुड़े मामलों को भी समय पर निपटाने की बात कही गई है।

 

छात्र सुविधाओं पर भी ध्यान अध्यक्षों को हॉस्टल और मेस का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ खेल और नेशनल कैडेट कोर यानी NCC जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने की भी जिम्मेदारी दी गई है।

 

किन कामों से बचने को कहा गया अध्यक्षों को निजी फायदे के लिए खाली चेक पर हस्ताक्षर करने और कॉलेज के पैसों का मनमाने तरीके से इस्तेमाल करने से रोका गया है। कोरम के बिना बैठक नहीं करने और किसी बड़े फैसले को अकेले नहीं लेने के निर्देश दिए गए हैं। अवैध नियुक्तियों, ऑडिट या प्रोविडेंट फंड में देरी और सरकारी आदेशों की अनदेखी को भी नियमों के खिलाफ बताया गया है।

 

शैक्षणिक मामलों में हस्तक्षेप से दूरी अध्यक्षों से अकादमिक और पढ़ाई से जुड़े मामलों में अनावश्यक हस्तक्षेप नहीं करने तथा छात्रों और कर्मचारियों के साथ भेदभाव से बचने को कहा गया है। सरकार की मंजूरी के बिना बड़े फैसले नहीं लेने के निर्देश भी दिए गए हैं।

 

गवर्निंग बॉडी में BJP नेताओं की नियुक्तियां मई में सत्ता में आने के बाद शुभेंदु अधिकारी सरकार ने तृणमूल कांग्रेस के विधायकों और सांसदों की अध्यक्षता वाली गवर्निंग बॉडी में बदलाव किया। अगस्त में 247 सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों की गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष के तौर पर BJP विधायकों और सांसदों की नियुक्ति की गई। सितंबर में 171 और कॉलेजों को शामिल करते हुए दूसरी सूची जारी की गई, जिसमें BJP के कई पदाधिकारियों और पार्टी से जुड़े लोगों को जगह मिली।

 

कई BJP नेताओं को मिली जिम्मेदारी नई नियुक्तियों में BJP उत्तर कोलकाता जिला अध्यक्ष तमोघ्न घोष को सुरेंद्रनाथ कॉलेज, BJP की पूर्व सांसद लॉकेट चटर्जी को सम्मिलानी महाविद्यालय, शिशिर बाजोरिया को आचार्य जगदीश चंद्र बोस कॉलेज और 2026 के विधानसभा चुनाव में BJP उम्मीदवार रहीं प्रियंका टिबरेवाल को सुरेंद्रनाथ कॉलेज फॉर वुमेन का अध्यक्ष बनाया गया है।

 

नियुक्तियों पर उठे सवाल इन नियुक्तियों को लेकर शिक्षाविदों और विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं। आलोचना का एक प्रमुख मुद्दा यह है कि BJP ने विपक्ष में रहते हुए तृणमूल कांग्रेस सरकार पर कॉलेज गवर्निंग बॉडी में राजनीतिक नेताओं के हस्तक्षेप की अनुमति देने का आरोप लगाया था।

 

शिक्षा क्षेत्र की प्रतिक्रिया ऑल इंडिया सेव एजुकेशन कमेटी के तरुण कांति नास्कर ने इन नियुक्तियों को लेकर शैक्षणिक संस्थानों की स्वायत्तता पर सवाल उठाया। वहीं उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने नियुक्तियों को अस्थाई व्यवस्था बताया और कहा कि पार्टी द्वारा लिए गए फैसलों को उच्च शिक्षा विभाग ने लागू किया है।

 

अब अध्यक्षों के कामकाज पर नजर नए निर्देशों के बाद गवर्निंग बॉडी के अध्यक्षों से उम्मीद की जा रही है कि वे निर्धारित प्रशासनिक और वित्तीय नियमों के अनुसार कॉलेज चलाएं। राजनीतिक पृष्ठभूमि से नियुक्त किए गए इन अध्यक्षों के लिए चुनौती यह होगी कि उनकी राजनीतिक पहचान कॉलेज के रोजमर्रा के प्रशासनिक और शैक्षणिक कामकाज पर हावी न हो।

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Sai Mehta

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Sarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!

Kunal Rao

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Is khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.

Yash Kulkarni

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Is khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.

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Yeh rajneeti ka asli chehra hai.

Nidhi kumari

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Sarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!

Simran Arora

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15 मिनट पहले

Nishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.

Ishaan Tiwari

Ishaan Tiwari

1 घंटे पहले

Neta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!

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