विपक्ष के हंगामे से संसद की कार्यवाही बाधित: छात्र प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष का जोरदार प्रदर्शन

Aryan Malhotra
0 सेकंड पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
नई दिल्ली में संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को एक बार फिर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव देखने को मिला।विद्यार्थियों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई समेत कई मुद्दों को लेकर विपक्षी सांसदों ने सदन में जोरदार हंगामा किया।हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही निर्धारित तरीके से आगे नहीं बढ़ सकी।लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।विपक्षी सांसद गृह मंत्री अमित शाह से छात्र प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई पर जवाब की मांग कर रहे थे।विपक्ष का कहना है कि छात्रों से जुड़े गंभीर मुद्दों पर संसद में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए।सत्ता पक्ष ने विपक्ष से नियमों के तहत चर्चा में शामिल होने और सदन चलने देने की अपील की।इसके बावजूद नारेबाजी और हंगामा जारी रहने से संसदीय कामकाज प्रभावित हुआ।
लोकसभा में प्रश्नकाल शुरू नहीं हो सका
सुबह 11 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल शुरू करने का प्रयास किया।लेकिन विपक्षी सांसदों ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाना शुरू कर दिया।कई विपक्षी सदस्य सदन में नारेबाजी करते हुए गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग करने लगे।अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्षी सदस्यों से सदन की कार्यवाही में सहयोग करने की अपील की।उन्होंने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि गृह मंत्री जवाब देने के लिए तैयार हैं।अध्यक्ष ने प्रश्नकाल को संसद का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए इसकी उपयोगिता पर जोर दिया।उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।हंगामा नहीं रुकने पर लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।
तख्तियां और बैनर लाने पर स्पीकर ने जताई नाराजगी
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में लगातार हो रहे व्यवधान पर चिंता व्यक्त की।उन्होंने कहा कि संसद में बार-बार इस तरह की स्थिति पैदा होना बेहद चिंताजनक है।अध्यक्ष ने सदस्यों को याद दिलाया कि सदन में तख्तियां और बैनर लाना संसदीय मर्यादा के अनुरूप नहीं है।उन्होंने सभी सांसदों से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की अपील की।ओम बिरला ने कहा कि प्रश्नकाल के दौरान व्यवधान से सांसदों के महत्वपूर्ण सवाल प्रभावित होते हैं।उन्होंने लगातार बाधित हो रही कार्यवाही पर व्यक्तिगत रूप से आहत होने की बात भी कही।इसके बावजूद विपक्षी सांसद अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते रहे।आखिरकार हंगामा बढ़ने पर सदन को दोपहर 2 बजे तक स्थगित करना पड़ा।
राज्यसभा में भी हंगामा, कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित
राज्यसभा में भी बुधवार को विपक्ष के हंगामे का असर देखने को मिला।सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद मंत्रियों ने विभिन्न मंत्रालयों से संबंधित दस्तावेज सदन के पटल पर रखे।आवास और शहरी मामलों, ग्रामीण विकास और पंचायती राज समेत कई मंत्रालयों की रिपोर्ट प्रस्तुत की गईं।परिवहन, पर्यटन एवं संस्कृति और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता से संबंधित संसदीय समितियों की रिपोर्ट भी पेश की गईं।विपक्ष के हंगामे के बीच सभापति सीपी राधाकृष्णन ने शून्यकाल शुरू करने का प्रयास किया।हंगामे के बीच केवल बीजेडी के डॉ. संतृप्त मिश्रा सार्वजनिक महत्व का मुद्दा उठा सके।लगातार नारेबाजी और व्यवधान के कारण सभापति ने कार्यवाही आगे बढ़ाना मुश्किल पाया।इसके बाद राज्यसभा को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
जंतर-मंतर और झारखंड छात्र मुद्दे पर विपक्ष की मांग
विपक्षी सांसद दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शनकारियों पर कथित लाठीचार्ज का मुद्दा संसद में उठा रहे हैं।इसके साथ ही झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन का मुद्दा भी प्रमुख है।विपक्ष इन घटनाओं पर गृह मंत्री अमित शाह से सीधे जवाब की मांग कर रहा है।सांसदों का कहना है कि छात्रों की शिकायतों और पुलिस कार्रवाई पर संसद में जवाबदेही तय होनी चाहिए।इसके अलावा राम मंदिर चंदे से जुड़े आरोप और कथित पेपर लीक के मामले भी विपक्ष के निशाने पर हैं।इन मुद्दों को लेकर विपक्षी सांसदों ने सदन के भीतर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।विपक्ष का दावा है कि छात्रों और युवाओं से जुड़े मामलों पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।इन मांगों के कारण संसद की कार्यवाही लगातार बाधित होती रही।
मकर द्वार पर भी NDA और विपक्ष आमने-सामने
संसद के भीतर जारी गतिरोध का असर संसद परिसर के बाहर भी दिखाई दिया।मकर द्वार के पास NDA और कांग्रेस सांसदों के बीच तीखी बहस और नारेबाजी की स्थिति बनी।दोनों पक्षों के सांसदों ने एक-दूसरे के खिलाफ राजनीतिक नारे लगाए।कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की मौजूदगी के दौरान भी परिसर में तनावपूर्ण माहौल रहा।सत्ता पक्ष विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगा रहा है।वहीं विपक्ष छात्रों और अन्य मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगने की अपनी मांग पर कायम है।संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से नियमों के तहत चर्चा करने की अपील की है।लेकिन गतिरोध जारी रहने के कारण संसद का कामकाज प्रभावित हुआ और दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।








