Modi Chintan Shivir 2026: विकसित भारत 2047 पर मोदी का बड़ा मंथन

विकसित भारत 2047 पर मोदी का बड़ा मंथन
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Ayaan Khan

Ayaan Khan

3 घंटे पहले

Desh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.

Shruti Bajpai

Shruti Bajpai

3 घंटे पहले

Jai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.

Dev Kapoor

Dev Kapoor

5 घंटे पहले

Bharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.

Trapti Tanwar

Trapti Tanwar

6 घंटे पहले

Bharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.

Pranav Srivastava

Pranav Srivastava

6 घंटे पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Ishaan Tiwari

Ishaan Tiwari

7 घंटे पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Rohan Desai

Rohan Desai

7 घंटे पहले

Jai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.

Aditya Verma

Aditya Verma

8 घंटे पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Nidhi kumari

Nidhi kumari

9 घंटे पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Sonu rai

Sonu rai

10 घंटे पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Arjun Singh

Arjun Singh

11 घंटे पहले

India ki progress dekh ke dil khush ho gaya!

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नई दिल्ली के सेवा तीर्थ में केंद्रीय मंत्रिपरिषद का दो दिवसीय चिंतन शिविर आयोजित किया जा रहा है। 23 सितंबर को शिविर का पहला दिन रहा, जिसमें करीब साढ़े चार घंटे तक अलग-अलग मुद्दों पर मंथन हुआ। बैठक का प्रमुख फोकस विकसित भारत@2047 के विजन और उसे हासिल करने के लिए सरकार की दीर्घकालिक रणनीति पर रहा। अलग-अलग मंत्रालयों के मंत्रियों ने अपने विभागों के कामकाज, प्रमुख उपलब्धियों और आगे की योजनाओं से जुड़े प्रेजेंटेशन दिए। चर्चा के दौरान आने वाले वर्षों के लिए मंत्रालयों के रोडमैप को विकसित भारत के लक्ष्य के साथ जोड़ने पर जोर रहा।


आठ समूहों में बांटे गए केंद्रीय मंत्री
चिंतन शिविर की बैठक को पारंपरिक कैबिनेट बैठक से अलग प्रारूप में आयोजित किया गया। मंत्रियों को आठ अलग-अलग समूहों में बांटा गया और प्रत्येक समूह के लिए अलग टेबल की व्यवस्था की गई। इन समूहों में संबंधित विषयों और मंत्रालयों से जुड़े कामकाज, चुनौतियों तथा भविष्य की योजनाओं पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद एक-एक करके सभी आठ टेबल पर पहुंचे और मंत्रियों के साथ सीधे बातचीत की। इस दौरान उन्होंने समूहों में चल रहे विचार-विमर्श और सामने रखे गए सुझावों को सुना। इससे मंत्रियों को अपने-अपने विभागों से जुड़े विचार सीधे प्रधानमंत्री के सामने रखने का अवसर मिला।


विकसित भारत@2047 पर भविष्य का रोडमैप
चिंतन शिविर में विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार के अगले चरण की प्राथमिकताओं पर चर्चा हो रही है। मंत्रालयों की ओर से अब तक किए गए काम और उपलब्धियों के साथ भविष्य की योजनाओं को भी सामने रखा गया। इसका उद्देश्य अलग-अलग मंत्रालयों की प्राथमिकताओं को व्यापक राष्ट्रीय विजन के साथ जोड़ना है। बैठक में दीर्घकालिक शासन व्यवस्था, विकास से जुड़े लक्ष्य और आने वाले वर्षों की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया। सरकार की ओर से पहले भी विभिन्न क्षेत्रों में 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखकर योजनाएं और रोडमैप तैयार करने पर जोर दिया जाता रहा है।

 

मंत्रियों से सीधे संवाद पर रहा जोर
चिंतन शिविर में प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय मंत्रियों के बीच सीधा संवाद इसकी प्रमुख विशेषताओं में रहा। प्रधानमंत्री ने अलग-अलग समूहों के बीच जाकर वहां चल रही चर्चाओं में हिस्सा लिया और मंत्रियों के विचार सुने। बैठक का प्रारूप इस तरह रखा गया कि केवल औपचारिक समीक्षा के बजाय विभिन्न विषयों पर केंद्रित बातचीत और विचारों का आदान-प्रदान हो सके। मंत्रालयों ने अपने कामकाज और भविष्य की योजनाओं को लेकर प्रस्तुतियां दीं, जिसके आधार पर आगे की दिशा पर चर्चा हुई। इस प्रक्रिया के जरिए सरकार के अलग-अलग विभागों के काम को दीर्घकालिक राष्ट्रीय लक्ष्यों से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।


आज दूसरे और अंतिम दिन भी जारी रहेगा मंथन
चिंतन शिविर का दूसरा और अंतिम दिन 24 सितंबर को सेवा तीर्थ में आयोजित किया जा रहा है। पहले दिन की चर्चा के बाद अब दूसरे दिन भी सरकार की भविष्य की प्राथमिकताओं और रोडमैप पर आगे मंथन होगा। दो दिवसीय इस अभ्यास का उद्देश्य मंत्रालयों के कामकाज की समीक्षा के साथ आने वाले वर्षों की योजनाओं को लेकर व्यापक विचार-विमर्श करना है। पहले दिन जिन विषयों और सुझावों पर चर्चा हुई, उनके आधार पर आगे की प्राथमिकताओं को और स्पष्ट किया जा सकता है। फिलहाल दूसरे दिन की चर्चा के अंतिम परिणामों का आधिकारिक विस्तृत विवरण सामने आना बाकी है।


सरकार के दीर्घकालिक विजन से जोड़ने की कवायद
यह चिंतन शिविर केंद्र सरकार की दीर्घकालिक शासन प्राथमिकताओं पर विचार करने की व्यापक कवायद का हिस्सा है। इसका केंद्रीय विषय विकसित भारत@2047 है, यानी 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के अनुरूप नीतियों और योजनाओं को आगे बढ़ाना। अलग-अलग मंत्रालयों के काम, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को एक व्यापक रोडमैप से जोड़ने पर चर्चा की जा रही है। हालांकि दूसरे दिन की पूरी कार्यवाही और अंतिम निष्कर्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किन प्रस्तावों या प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाया जाएगा। अभी तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पहले दिन का फोकस समीक्षा, प्रस्तुति, संवाद और दीर्घकालिक रणनीति पर रहा।

 

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Ayaan Khan

Ayaan Khan

3 घंटे पहले

Desh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.

Shruti Bajpai

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3 घंटे पहले

Jai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.

Dev Kapoor

Dev Kapoor

5 घंटे पहले

Bharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.

Trapti Tanwar

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6 घंटे पहले

Bharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.

Pranav Srivastava

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6 घंटे पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Ishaan Tiwari

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7 घंटे पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Rohan Desai

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7 घंटे पहले

Jai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.

Aditya Verma

Aditya Verma

8 घंटे पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Nidhi kumari

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9 घंटे पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Sonu rai

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10 घंटे पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Arjun Singh

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11 घंटे पहले

India ki progress dekh ke dil khush ho gaya!

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