RJD Protest In Jharkhand: झारखंड में आज RJD का बड़ा धरना

Riya Jain
0 सेकंड पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Sneha Menon
2 घंटे पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Kunal Rao
3 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Nidhi kumari
4 घंटे पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Myra Dubey
5 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Nidhi kumari
5 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Reyansh Joshi
6 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Neha Tripathi
7 घंटे पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Arjun Singh
8 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Aditya Verma
8 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Navya Nair
9 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
झारखंड में राष्ट्रीय जनता दल की ओर से आज 24 सितंबर को खनन एवं खनिज कानून में संशोधन के विरोध में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। पार्टी की ओर से जिला मुख्यालयों पर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करने का कार्यक्रम तय किया गया है। दुमका में जिला मुख्यालय पर धरने की पुष्टि हुई है, जबकि जामताड़ा और कोडरमा में भी जिला स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाने की जानकारी सामने आई है। RJD नेताओं और कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की गई है। पार्टी का कहना है कि यह आंदोलन झारखंड के खनिज संसाधनों और राज्य के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर किया जा रहा है।
MMDR संशोधन विधेयक का विरोध
RJD का मुख्य विरोध खनन एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 को लेकर है। पार्टी नेताओं का दावा है कि प्रस्तावित संशोधनों से झारखंड के खनिज संसाधनों पर राज्य के अधिकार और राजस्व हित प्रभावित हो सकते हैं। इसी मुद्दे को लेकर पार्टी ने राज्यव्यापी आंदोलन का आह्वान किया है। अलग-अलग जिला इकाइयों ने अपने स्तर पर धरना-प्रदर्शन की तैयारियां पूरी करने की जानकारी दी है। जामताड़ा में पार्टी ने प्रदर्शन के बाद उपायुक्त को मांग पत्र सौंपने की बात कही है।
खनिज संपदा और राज्य के अधिकार का मुद्दा
झारखंड देश के प्रमुख खनिज उत्पादक राज्यों में शामिल है और खनिज संसाधनों से जुड़े अधिकार तथा राजस्व लंबे समय से राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण मुद्दे रहे हैं। RJD का कहना है कि झारखंड की खनिज संपदा का लाभ राज्य के विकास और यहां के लोगों को मिलना चाहिए। पार्टी नेताओं ने संशोधन को राज्य के हितों से जोड़ते हुए इसके खिलाफ आंदोलन की घोषणा की है। हालांकि ये आपत्तियां RJD और उसके नेताओं की राजनीतिक स्थिति हैं, इसलिए इन्हें पार्टी के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
कई जिलों में प्रदर्शन की तैयारी
राज्यव्यापी कार्यक्रम के तहत अलग-अलग जिलों में स्थानीय स्तर पर धरना आयोजित किया जा रहा है। जामताड़ा में समाहरणालय के सामने एक दिवसीय धरने की तैयारी की गई है, जबकि कोडरमा में भी 24 सितंबर को सुबह 11 बजे से प्रदर्शन का कार्यक्रम बताया गया है। दुमका में जिला मुख्यालय पर शांतिपूर्ण धरना आयोजित करने की जानकारी पार्टी ने दी है। इन कार्यक्रमों में जिला पदाधिकारियों, प्रखंड और पंचायत स्तर के नेताओं तथा कार्यकर्ताओं के शामिल होने की अपील की गई है।
केंद्र सरकार से संशोधन वापस लेने की मांग
RJD नेताओं ने केंद्र सरकार से MMDR संशोधन विधेयक को वापस लेने की मांग की है। कोडरमा में पार्टी की ओर से कहा गया है कि जब तक संशोधन वापस नहीं लिया जाता, तब तक लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखने की बात कही गई है। पार्टी का आरोप है कि संशोधन से झारखंड और झारखंडियों के हित प्रभावित हो सकते हैं। वहीं इन आरोपों और राजनीतिक दावों पर अंतिम स्थिति समझने के लिए कानून के वास्तविक प्रावधानों और सरकार के पक्ष को भी अलग से देखना जरूरी है। फिलहाल आज का प्रदर्शन RJD की ओर से दर्ज कराए जा रहे राजनीतिक विरोध के रूप में सामने आया है।
धरने के बाद आगे की रणनीति पर नजर
24 सितंबर के राज्यव्यापी धरना-प्रदर्शन के बाद RJD की ओर से आगे की रणनीति भी तय की जा सकती है। पार्टी ने इसे झारखंड के खनिज संसाधनों, राज्य के अधिकारों और राजस्व से जुड़े मुद्दों से जोड़ा है। कई जिलों में प्रदर्शन के बाद प्रशासन को ज्ञापन सौंपने की भी तैयारी है। ऐसे में आज के आंदोलन के दौरान पार्टी नेताओं के बयान और सरकार से की जाने वाली मांगें महत्वपूर्ण रहेंगी। फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर इतना स्पष्ट है कि RJD ने MMDR संशोधन के विरोध में झारखंड के जिला मुख्यालयों पर एक दिवसीय आंदोलन का आह्वान किया है।








