कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर भीषण भूस्खलन: तिनतोला के पास पहाड़ी दरकी; मार्ग पूरी तरह बंद
Nisha Shah
0 सेकंड पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Riya Jain
0 सेकंड पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Aryan Malhotra
0 सेकंड पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Sai Mehta
0 सेकंड पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Sai Mehta
0 सेकंड पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Sneha Menon
0 सेकंड पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Trapti Tanwar
0 सेकंड पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Aditya Verma
0 सेकंड पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Sneha Menon
0 सेकंड पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर बुधवार को बड़ा भूस्खलन होने से यात्रा पूरी तरह प्रभावित हो गई। तिनतोला के पास पहाड़ी का विशाल हिस्सा अचानक दरककर सड़क पर आ गिरा, जिससे कुछ ही क्षणों में पूरा मार्ग भारी चट्टानों और मलबे से पट गया। भूस्खलन के दौरान पूरे क्षेत्र में धूल का घना गुबार फैल गया और मार्ग पर चल रहे वाहन सुरक्षित स्थानों पर रोक दिए गए। गनीमत रही कि घटना के समय किसी जनहानि की सूचना नहीं मिली।
पहाड़ी दरकते ही सड़क पर फैला भारी मलबा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक तेज आवाज के साथ पहाड़ी का बड़ा हिस्सा टूटकर सड़क पर आ गिरा। देखते ही देखते विशाल चट्टानों और मिट्टी ने पूरे मार्ग को ढक लिया। घटना के बाद मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
कैलाश मानसरोवर यात्रा प्रभावित, यात्रियों को हुई परेशानी
भूस्खलन के कारण कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं और अन्य यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सड़क बंद होने से कई वाहन बीच रास्ते में फंस गए। प्रशासन ने यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रुकने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
बीआरओ ने संभाला मोर्चा, युद्धस्तर पर बहाली कार्य शुरू
घटना की सूचना मिलते ही बीआरओ (Border Roads Organisation) की टीमें भारी मशीनों के साथ मौके पर पहुंच गईं। जेसीबी और अन्य उपकरणों की मदद से सड़क से चट्टानें और मलबा हटाने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मार्ग को जल्द से जल्द सुरक्षित तरीके से बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
जिला प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में अत्यधिक सावधानी बरतें और प्रशासन व पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। मौसम और पहाड़ी परिस्थितियों को देखते हुए बिना आवश्यक कारण यात्रा न करने की सलाह भी दी गई है।
लगातार बारिश से बढ़ा पहाड़ी क्षेत्रों में खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार हो रही बारिश के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा काफी बढ़ गया है। प्रशासन संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखे हुए है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट पर रखा गया है। यात्रियों से अपील की गई है कि यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें।






