गाजियाबाद में मिलावटी सोया चाप फैक्ट्री पर छापा: 200 किलो सोया चाप मौके पर नष्ट
Diya Gupta
0 सेकंड पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Neel Saxena
0 सेकंड पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Ravi sinha
0 सेकंड पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Diya Gupta
0 सेकंड पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Myra Dubey
0 सेकंड पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Aryan Malhotra
0 सेकंड पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Vivaan Gupta
0 सेकंड पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Nisha Shah
0 सेकंड पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Payal jadon
0 सेकंड पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Anil Sen
0 सेकंड पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Nisha Shah
0 सेकंड पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Pihu Agarwal
0 सेकंड पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Diya Gupta
0 सेकंड पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Kavya Mishra
0 सेकंड पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Krishna Yadav
0 सेकंड पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Anika Rajput
0 सेकंड पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Harsh Pandya
0 सेकंड पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
सावन और कांवड़ यात्रा के दौरान खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग ने शालीमार गार्डन थाना क्षेत्र के गणेशपुरी भाटी चौक स्थित 'घनश्याम चाप' मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पर छापा मारा। जांच के दौरान फैक्ट्री में भारी गंदगी और खाद्य सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन सामने आया। मौके पर तैयार करीब 200 किलोग्राम सोया चाप को तुरंत नष्ट कराया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 20 हजार रुपये बताई गई।
गंदगी के बीच तैयार हो रही थी सोया चाप
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि फैक्ट्री में साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब थी। फर्श पर गंदगी, दूषित वातावरण और अस्वच्छ बर्तनों के बीच खाद्य सामग्री तैयार की जा रही थी। कई कर्मचारी बिना सुरक्षा उपकरणों और स्वच्छता मानकों का पालन किए उत्पादन कार्य में लगे मिले। अधिकारियों ने इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बताते हुए तत्काल कार्रवाई की।
मैदा और रसायनों से मिलावट की आशंका
प्रारंभिक जांच में पता चला कि सोया चाप बनाने में सोयाबीन की जगह बड़ी मात्रा में मैदा तथा कृत्रिम रंग एवं अन्य संदिग्ध रसायनों का इस्तेमाल किया जा रहा था। खाद्य सुरक्षा विभाग ने सफेद और रंगीन सोया चाप के साथ-साथ मैदे के नमूने लेकर उन्हें प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद मिलावट की पुष्टि होने पर संबंधित धाराओं में कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फैक्ट्री का लाइसेंस निलंबित, उत्पादन बंद
निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री की पंजीकृत संचालक मौके पर मौजूद नहीं मिलीं। टीम ने मैनेजर की उपस्थिति में जांच पूरी की और गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए फैक्ट्री का पंजीकरण निलंबित कर उत्पादन कार्य बंद करा दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक सभी मानकों का पालन नहीं होगा, तब तक इकाई को संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
रिपोर्ट के बाद होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
सहायक आयुक्त (खाद्य) सुरेश कुमार मिश्रा ने बताया कि लैब रिपोर्ट आने के बाद यदि मिलावट और गुणवत्ता में कमी की पुष्टि होती है, तो संचालकों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
उपभोक्ताओं से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे केवल लाइसेंस प्राप्त और विश्वसनीय प्रतिष्ठानों से ही खाद्य सामग्री खरीदें। विशेषकर सावन और कांवड़ यात्रा के दौरान खाने-पीने की वस्तुओं की गुणवत्ता को लेकर सतर्क रहें। यदि किसी स्थान पर मिलावट या गंदगी की सूचना मिले तो तुरंत खाद्य सुरक्षा विभाग को शिकायत करें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।







