Prayagraj SP Leader Murder Case: सपा नेता पवन यादव हत्याकांड का खुलासा

Myra Dubey
0 सेकंड पहलेCBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.
Nidhi kumari
0 सेकंड पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
Priya Iyer
0 सेकंड पहलेAise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.
प्रयागराज के हंडिया थाना क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के जिला सचिव और पूर्व ग्राम प्रधान पवन यादव की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लल्ला यादव, बृजेश यादव और निहाल अली के रूप में बताई गई है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच के दौरान आरोपियों तक पहुंच बनाई गई और पूछताछ में हत्या के पीछे व्यक्तिगत रंजिश की बात सामने आई। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक पवन यादव की हत्या 15 सितंबर की शाम गोली मारकर की गई थी, जिसके बाद इलाके में तनाव और आक्रोश की स्थिति बनी थी।
थाने से करीब 500 मीटर दूर हुई थी वारदात
रिपोर्टों के अनुसार पवन यादव हंडिया थाना क्षेत्र में हाईवे के पास पिलर नंबर 52 के आसपास मौजूद थे, तभी बाइक सवार हमलावरों ने उन पर फायरिंग कर दी। गोली लगने के बाद पवन यादव को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया गया कि वारदात वाली जगह हंडिया थाने से करीब 500 मीटर की दूरी पर थी। हमलावर घटना के बाद बाइक से मौके से फरार हो गए थे और पुलिस ने इसके बाद आसपास के सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य सुरागों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।
व्यक्तिगत रंजिश को बताया जा रहा हत्या का कारण
पुलिस की शुरुआती पूछताछ के हवाले से सामने आया है कि हत्या के पीछे राजनीतिक कारण के बजाय व्यक्तिगत रंजिश की बात कही गई है। रिपोर्टों के अनुसार मुख्य आरोपी बताए जा रहे लल्ला यादव की पवन यादव के साथ पुरानी दुश्मनी थी और इसी विवाद को हत्या की वजह बताया गया। पुलिस के मुताबिक तीनों आरोपी वारदात में शामिल थे और पूछताछ के दौरान घटना से जुड़े कई अहम तथ्यों की जानकारी सामने आई है। हालांकि हत्या का अंतिम कारण और आरोपियों की भूमिका अदालत में आगे होने वाली कानूनी प्रक्रिया और जांच के आधार पर ही तय होगी।
दो तमंचे और बाइक बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किए गए दो अवैध तमंचे, कारतूस और बाइक बरामद करने की बात कही है। पुलिस के अनुसार जांच में सीसीटीवी फुटेज और अन्य स्थानीय सूचनाओं की मदद ली गई, जिसके बाद आरोपियों को पकड़ा गया। मीडिया रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि वारदात के समय तीनों आरोपी एक ही बाइक पर सवार थे और गोली चलाने की भूमिका लल्ला यादव की बताई गई है। इन सभी तथ्यों की पुष्टि पुलिस की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई में होगी।
राजनीतिक और स्थानीय स्तर पर आक्रोश
पवन यादव समाजवादी पार्टी से जुड़े नेता होने के साथ पूर्व ग्राम प्रधान भी बताए जा रहे हैं। उनकी सरेशाम हत्या के बाद स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं में आक्रोश की खबर सामने आई थी। घटना को लेकर सपा नेताओं ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। दूसरी ओर पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन संदिग्ध आरोपियों की गिरफ्तारी और हथियार-बाइक की बरामदगी की जानकारी दी है। फिलहाल जांच आगे जारी है और पुलिस आरोपियों से पूछताछ तथा मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
24 घंटे में गिरफ्तारी का पुलिस का दावा
पुलिस कार्रवाई के मुताबिक हत्या के बाद जांच टीमों को सक्रिय किया गया और करीब 24 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया की जा रही है। पुलिस अब हत्या की पूरी साजिश, हथियारों के स्रोत और घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर हत्या के पीछे व्यक्तिगत रंजिश को पुलिस की शुरुआती जांच का प्रमुख कारण बताया गया है, जबकि मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।






