Yamuna Bus Fire: यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में भीषण आग, 9 यात्रियों की मौत

Vaishali shinde
4 घंटे पहलेAise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.
Nisha Shah
5 घंटे पहलेSociety ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.
Payal jadon
6 घंटे पहलेPolice ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.
Arjun Singh
6 घंटे पहलेAise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.
Monika Das
8 घंटे पहलेPeedit ko jald se jald nyay milna chahiye.
Trapti Tanwar
8 घंटे पहलेPoori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.
Myra Dubey
10 घंटे पहलेApradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!
Monika Das
11 घंटे पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
भीषण हादसा
ग्रेटर नोएडा के पास यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात एक निजी डबल डेकर स्लीपर बस में अचानक आग लग गई। दयानतपुर गांव के पास हुए इस हादसे में नौ यात्रियों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। पुलिस और राहत दल ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान शुरू किया।
बस में करीब 35 यात्री
पुलिस के अनुसार, बस में करीब 35 यात्री सवार थे और वह ग्रेटर नोएडा से महोबा की ओर जा रही थी। आग लगने की जानकारी मिलते ही चालक ने बस को एक्सप्रेसवे के किनारे रोक दिया। इसके बाद कई यात्रियों ने दरवाजे और खिड़कियों के रास्ते बाहर निकलकर अपनी जान बचाई।
नौ यात्रियों की मौत
आग और धुआं तेजी से फैलने के कारण कुछ यात्री बस के अंदर फंस गए। सुबह करीब 3:30 बजे नौ यात्रियों की मौत की पुष्टि हुई। रिपोर्टों के अनुसार, मृतकों में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं।
घायलों का इलाज जारी
हादसे में घायल यात्रियों को नजदीकी कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मौके पर यमुना एक्सप्रेसवे की सुरक्षा टीम, पुलिस और दमकल कर्मियों ने पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए घायलों के समुचित इलाज और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता के निर्देश दिए हैं।
आग तेजी से फैली
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस में आग लगने के बाद धुआं और ऊंची लपटें उठने लगीं। कुछ लोगों ने बस के अंदर से पटाखे जैसी आवाजें सुनाई देने की बात कही है। हालांकि, इन आवाजों या किसी ज्वलनशील सामग्री की मौजूदगी को आग का कारण मानने की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ट्रैफिक कुछ देर रोका गया
आग की तीव्रता को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से जेवर टोल और फलैदा कट पर करीब 20 मिनट तक यातायात रोक दिया गया। आग पर काबू पाने के बाद एक्सप्रेसवे पर वाहनों की आवाजाही फिर सामान्य कर दी गई।
दमकल ने पाया काबू
सूचना मिलने के बाद करीब चार से पांच फायर टेंडर और पानी के टैंकर मौके पर पहुंचे। दमकल कर्मियों ने लगभग आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जांच शुरू की।
आग की वजह की जांच
पुलिस आग लगने के वास्तविक कारण का पता लगाने में जुटी है। शुरुआती रिपोर्टों में अलग-अलग संभावनाएं सामने आई हैं, लेकिन फिलहाल किसी एक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस हादसे से जुड़े सभी पहलुओं और बस में मौजूद सामग्री की भी जांच कर रही है।








