जमानत पर छूटे आरोपी ने 6 लोगों की बेरहमी से हत्या: पत्नी और मासूम बच्चों तक को नहीं बख्शा आरोपी

Shruti Bajpai
0 सेकंड पहलेPolice ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.
Navya Nair
0 सेकंड पहलेPeedit ko jald se jald nyay milna chahiye.
Sneha Menon
0 सेकंड पहलेApradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!
तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले के शाबाद मंडल स्थित दैवलागुडा गांव में दिल दहला देने वाला सामूहिक हत्याकांड सामने आया। पुलिस के अनुसार, 33 वर्षीय बी. राजकुमार ने कथित तौर पर बदले की भावना में एक ही रात में 6 लोगों की हत्या कर दी। मृतकों में उस पर POCSO मामला दर्ज कराने वाली 17 वर्षीय नाबालिग, उसकी मां, नानी, आरोपी की पत्नी और उसके दो मासूम बेटे शामिल हैं।
POCSO केस के बाद रची गई साजिश
पुलिस के मुताबिक, मई 2026 में आरोपी के खिलाफ एक नाबालिग से कथित यौन उत्पीड़न के आरोप में POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था, जिसके बाद उसे जेल भेजा गया। हाल ही में जमानत पर रिहा होने के बाद उसने शिकायतकर्ता परिवार से बदला लेने की योजना बनाई और शुक्रवार देर रात इस वारदात को अंजाम दिया।
पहले पीड़िता के घर, फिर अपने ही परिवार पर हमला
जांच के अनुसार आरोपी ने सबसे पहले नाबालिग लड़की के घर पहुंचकर उसकी मां और नानी की धारदार हथियार से हत्या कर दी। इसके बाद वह कथित रूप से लड़की को सुनसान स्थान पर ले गया और उसकी भी हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी अपने घर लौटा और सो रही अपनी पत्नी तथा अपने 4 वर्षीय और 18 माह के दो बेटों की भी गला रेतकर हत्या कर दी।
पिता को फोन कर जुर्म कबूला, फिर हुआ फरार
वारदात के बाद आरोपी ने कथित तौर पर अपने पिता को फोन कर सभी हत्याओं की जानकारी दी और फरार हो गया। इसके बाद पुलिस ने पूरे इलाके में अलर्ट जारी कर दिया। साइबराबाद पुलिस की 9 विशेष टीमें जंगलों, रेलवे स्टेशनों, हाईवे और संभावित ठिकानों पर आरोपी की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं।
जांच तेज, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
घटना के बाद दैवलागुडा और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। फोरेंसिक विशेषज्ञ दोनों घटनास्थलों से साक्ष्य एकत्र कर रहे हैं। पुलिस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रही है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए व्यापक अभियान जारी है।
लापरवाही पर कार्रवाई, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस सामूहिक हत्याकांड के बाद जमानत पर रिहा संवेदनशील आरोपियों की निगरानी और पीड़ित परिवारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। प्रारंभिक प्रशासनिक कार्रवाई के तहत संबंधित क्षेत्र के एक पुलिस अधिकारी को निलंबित किया गया है। मामले की जांच जारी है और पुलिस ने दोषी को जल्द गिरफ्तार करने का भरोसा दिलाया है।








