शांत झरने बने मौत का सैलाब, कुल्लू में हाहाकार: कुल्लू-मनाली में फ्लैश फ्लड, प्रशासन का हाई अलर्ट
Kunal Rao
0 सेकंड पहलेYeh samajik mudda bahut gambhir hai, dhyan dena zaroori hai.
Ayaan Khan
0 सेकंड पहलेJab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.
Aarav Sharma
0 सेकंड पहलेPeedit logo ke saath poori tarah sahmat hoon.
Navya Nair
0 सेकंड पहलेYeh sab dekh ke bahut dukh hota hai.
Dev Kapoor
0 सेकंड पहलेJab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.
Aarohi Chaudhary
0 सेकंड पहलेPeedit logo ke saath poori tarah sahmat hoon.
Anjali Patil
0 सेकंड पहलेCommunity ko mil ke aage aana hoga is mudde par.
Anjali Patil
0 सेकंड पहलेHum is cause ke saath hain, awaaz uthani chahiye.
Sneha Menon
0 सेकंड पहलेYeh samajik mudda bahut gambhir hai, dhyan dena zaroori hai.
Sonu rai
0 सेकंड पहलेJab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.
Tanya Bajaj
10 मिनट पहलेAam janta ka kya hoga? Koi nahi socha inke baare mein.
Rohan Desai
14 मिनट पहलेSamaj ke liye is khabar ka bahut mahatva hai.
Sai Mehta
52 मिनट पहलेAam aadmi ki taklif samjhna aur samajhana dono zaroori hai.
Ayaan Khan
1 घंटे पहलेPeedit logo ke saath poori tarah sahmat hoon.
Neel Saxena
1 घंटे पहलेYeh mudda rajneeti se upar hai, insaniyat ki baat hai.
Sonu rai
1 घंटे पहलेHum is cause ke saath hain, awaaz uthani chahiye.
Vaishali shinde
2 घंटे पहलेJab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.
Anika Rajput
2 घंटे पहलेJab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की मणिकर्ण और गारसा घाटी में शुक्रवार को बादल फटने के बाद अचानक आई फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचा दी। शांत बहने वाले झरने और नाले कुछ ही मिनटों में उफनती बाढ़ में बदल गए। कई पुल, सड़कें और गौशालाएं तेज बहाव में बह गईं। स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई और प्रशासन ने तुरंत राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया।
शांत झरने बने मौत का सैलाब
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहाड़ों के ऊपरी हिस्सों में हुई अत्यधिक बारिश के बाद 'देडू चो' और गारसा नदी का जलस्तर अचानक कई गुना बढ़ गया। मलबा, विशाल चट्टानें और तेज बहाव नीचे बसे इलाकों तक पहुंच गया। कई वाहन मलबे में दब गए जबकि लोग जान बचाने के लिए ऊंचे स्थानों की ओर भागते नजर आए। पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है।
100 से अधिक सड़कें बंद, यातायात ठप
लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण कुल्लू, मनाली, मंडी, चंबा और कांगड़ा सहित कई जिलों में 100 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं। कई संपर्क मार्ग पूरी तरह टूट गए हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों का संपर्क कट गया है। बीआरओ और लोक निर्माण विभाग की टीमें लगातार मलबा हटाकर रास्ते खोलने में जुटी हैं। कई पर्यटक भी अलग-अलग स्थानों पर फंस गए हैं।
कांगड़ा की बोह घाटी में भी भारी नुकसान
कुल्लू के अलावा कांगड़ा जिले की बोह घाटी में भी तेज बारिश और फ्लैश फ्लड से कई मकानों को नुकसान पहुंचा है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सतर्क रहने की सलाह दी गई है। राहत दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं।
28 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने कुल्लू सहित प्रदेश के कई जिलों में 28 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से नदी-नालों, झरनों और पहाड़ी ढलानों से दूर रहने की अपील की है। किसी भी आपात स्थिति में जिला नियंत्रण कक्ष और हेल्पलाइन 1077 पर संपर्क करने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने जारी की सख्त एडवाइजरी
जिला प्रशासन ने लोगों से सोशल मीडिया वीडियो या रील बनाने के लिए उफनती नदियों और झरनों के पास न जाने की चेतावनी दी है। लगातार हो रही बारिश के चलते भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बना हुआ है। बचाव दल हाई अलर्ट पर हैं और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी ड्रोन एवं स्थानीय प्रशासन की टीमों द्वारा लगातार की जा रही है। सरकार ने लोगों से केवल अत्यावश्यक होने पर ही यात्रा करने की अपील की है।






