Bittu Tabahi Cleans Yamuna: दिल्ली में ‘बिट्टू तबाही’ का सफाई अभियान, यमुना से 585 किलो कचरा हटाया

Monika Das
0 सेकंड पहलेJab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.
Diya Gupta
0 सेकंड पहलेYeh sirf ek ghar ki nahi, pure samaj ki baat hai.
Aditya Verma
2 मिनट पहलेYeh haalat bahut chintajanak hai, jaldi karyawahi ho.
Aarav Sharma
1 घंटे पहलेAam janta ka kya hoga? Koi nahi socha inke baare mein.
Dev Kapoor
2 घंटे पहलेYeh haalat bahut chintajanak hai, jaldi karyawahi ho.
Neha Tripathi
3 घंटे पहलेYeh sab dekh ke bahut dukh hota hai.
Simran Arora
5 घंटे पहलेYeh haalat bahut chintajanak hai, jaldi karyawahi ho.
Shruti Bajpai
5 घंटे पहलेYeh mudda rajneeti se upar hai, insaniyat ki baat hai.
दिल्ली में सफाई अभियान
मध्य प्रदेश की अजनार नदी की सफाई से चर्चा में आए सुरेंद्र सिंह चौधरी उर्फ ‘बिट्टू तबाही’ ने दिल्ली में यमुना नदी की सफाई के लिए तीन दिवसीय अभियान चलाया। 20 सितंबर को वर्ल्ड क्लीनअप डे के अवसर पर शुरू हुए इस अभियान में स्थानीय लोगों और स्वयंसेवकों ने भी हिस्सा लिया।
यमुना से 585 किलो कचरा हटाया
दिल्ली में करीब साढ़े चार घंटे चले सफाई अभियान के दौरान बिट्टू तबाही के अनुसार 585 किलो कचरा हटाया गया। इसके बाद दिल्ली और गुरुग्राम में सफाई अभियान चलाया गया, जबकि मंगलवार को नोएडा में अभियान के साथ इसका समापन हुआ।
सोशल मीडिया पर साझा की तस्वीरें
अभियान के दौरान की तस्वीरें और सफाई से जुड़े आंकड़े बिट्टू तबाही ने सोशल मीडिया पर साझा किए। उन्होंने अभियान में शामिल स्थानीय लोगों और स्वयंसेवकों का आभार जताया और अन्य लोगों से भी ऐसे सफाई अभियानों में भाग लेने की अपील की।
नोएडा में भी सफाई अभियान
अभियान के अंतिम चरण में नोएडा के सेक्टर-94 स्थित युवा शक्ति घाट पर सुबह करीब 6 बजे सफाई शुरू की गई। इस दौरान स्थानीय स्तर पर लोगों की भागीदारी भी देखने को मिली।
अजनार नदी से मिली पहचान
सुरेंद्र सिंह चौधरी इससे पहले मध्य प्रदेश की अजनार नदी और बेंगलुरु के आसपास स्थित तुरहुल्ली फॉरेस्ट में भी सफाई अभियान चला चुके हैं। अजनार नदी की सफाई से जुड़ा उनका अभियान सोशल मीडिया पर काफी चर्चित हुआ था। उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने भी उनके प्रयासों को सोशल मीडिया पर साझा किया था।
यमुना सफाई पर बड़ा खर्च
यमुना की सफाई के लिए सरकार की ओर से करीब 9 हजार करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बताई गई है। इसकी जिम्मेदारी दिल्ली जल बोर्ड को दी गई है। हालांकि, दिल्ली के सीवर नेटवर्क से जुड़े आंकड़े यमुना में प्रदूषण रोकने की चुनौती को भी सामने रखते हैं।
सीवर नेटवर्क बड़ी चुनौती
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में करीब 40 लाख घर हैं और इनसे प्रतिदिन लगभग 800 एमजीडी गंदा पानी निकलता है। इनमें करीब 16.50 लाख घर अभी सीवर नेटवर्क से जुड़े नहीं हैं। ऐसे घरों से निकलने वाला गंदा पानी नालों के जरिए यमुना तक पहुंचने की समस्या पैदा करता है।
23.50 लाख घर सीवर नेटवर्क से जुड़े
जल बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली के करीब 40 लाख घरों में से लगभग 23.50 लाख घर ही सीवर नेटवर्क से जुड़े हैं। यमुना में प्रदूषित पानी पहुंचाने वाले प्रमुख नालों में नजफगढ़ ड्रेन और उसका सप्लीमेंट्री ड्रेन भी शामिल हैं।








