Punjab Farmers Meeting: चंडीगढ़ में किसानों की बड़ी बैठक आज

चंडीगढ़ में किसानों की बड़ी बैठक आज
प्रतिक्रियाएँ
Sneha Menon

Sneha Menon

2 घंटे पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

Yash Kulkarni

Yash Kulkarni

3 घंटे पहले

Jai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.

Riya Jain

Riya Jain

4 घंटे पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

Kunal Rao

Kunal Rao

4 घंटे पहले

Desh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.

Dhruv Bhatt

Dhruv Bhatt

6 घंटे पहले

Bharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.

Priya Iyer

Priya Iyer

6 घंटे पहले

Hamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.

Trapti Tanwar

Trapti Tanwar

7 घंटे पहले

Bharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.

Nidhi kumari

Nidhi kumari

8 घंटे पहले

Bharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.

Yash Kulkarni

Yash Kulkarni

9 घंटे पहले

Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

Saanvi Pandey

Saanvi Pandey

9 घंटे पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

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पंजाब में किसान संगठनों की मांगों को लेकर आज 24 सितंबर को चंडीगढ़ के किसान भवन में अहम बैठक होने जा रही है। यह बैठक किसान मजदूर मोर्चा और पंजाब सरकार के बीच होने वाली बातचीत का हिस्सा है। बैठक में कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां के साथ किसान नेताओं की बातचीत प्रस्तावित है। इससे पहले किसानों ने अपनी मांगों को लेकर पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में आंदोलन और रेल रोको प्रदर्शन किया था। सरकार की ओर से बातचीत का आश्वासन मिलने के बाद 24 सितंबर की बैठक पर सहमति बनी थी। अब किसान नेताओं की नजर सरकार के रुख और मांगों पर होने वाली चर्चा के नतीजे पर है।


करीब 23 सूत्रीय मांगों पर होगी चर्चा
किसान मजदूर मोर्चा की ओर से सरकार के सामने करीब 23 सूत्रीय मांगों का मुद्दा उठाया गया है। इनमें पांच फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP की कानूनी गारंटी, किसानों और खेत मजदूरों की कर्जमाफी तथा लैंड पूलिंग नीति को वापस लेने जैसी मांगें शामिल हैं। इसके अलावा पिछले किसान आंदोलनों से जुड़े मामलों, मुआवजे और अन्य मुद्दों को लेकर भी चर्चा की जानी है। किसान नेताओं ने इन मांगों पर सरकार से ठोस रुख की अपेक्षा जताई है। बैठक में विभिन्न लंबित मुद्दों को एक-एक करके उठाए जाने की संभावना है।


MSP और कर्जमाफी प्रमुख मुद्दों में शामिल
किसानों की प्रमुख मांगों में पांच फसलों के लिए MSP की कानूनी गारंटी का मुद्दा शामिल है। किसान संगठनों ने बासमती, मक्का, मूंग, सरसों और आलू जैसी फसलों के लिए कानूनी सुरक्षा की मांग उठाई है। इसके साथ ही किसानों और खेत मजदूरों की कर्जमाफी का मुद्दा भी बातचीत में महत्वपूर्ण रहेगा। किसान संगठन लैंड पूलिंग नीति को वापस लेने की मांग भी कर रहे हैं। इन मांगों के अलावा आंदोलन से जुड़े मामलों और किसानों के जब्त किए गए वाहनों व सामान से जुड़े मुद्दे भी उठाए जाने हैं।

 

सरकार से बातचीत के बाद आगे की रणनीति
24 सितंबर की बैठक के नतीजे किसान मजदूर मोर्चा की आगे की रणनीति के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। किसान नेताओं ने कहा है कि सरकार के रुख और बातचीत में हुई प्रगति के आधार पर अगला फैसला लिया जाएगा। इससे पहले मांगों को लेकर पंजाब में कई स्थानों पर रेल रोको आंदोलन किया गया था। करीब छह घंटे चले इस प्रदर्शन के दौरान कई ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई थी। प्रशासन की ओर से बैठक का आश्वासन मिलने के बाद आंदोलन को फिलहाल खत्म किया गया। अब किसान नेता बैठक के परिणाम के आधार पर आगे की दिशा तय करेंगे।


आंदोलन से जुड़े मामलों पर भी होगी चर्चा
किसान संगठनों की मांगों में केवल कृषि और MSP से जुड़े मुद्दे ही नहीं हैं, बल्कि पिछले आंदोलनों से जुड़े मामलों का समाधान भी शामिल है। किसान मजदूर मोर्चा की ओर से पराली जलाने, पुलिस और रेलवे से जुड़े मामलों में कार्रवाई तथा लंबित केसों को लेकर भी सरकार से बातचीत की जानी है। इसके अलावा पिछले आंदोलनों के दौरान किसानों और खेत मजदूरों के परिवारों को मुआवजा और लंबित सरकारी नौकरियों से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए हैं। सरकार की ओर से इन मामलों पर बातचीत और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था। अब किसान नेता बैठक में इन मुद्दों की प्रगति पर चर्चा करेंगे।


बैठक के नतीजे पर टिकी किसानों की अगली रणनीति
चंडीगढ़ की बैठक के बाद किसान मजदूर मोर्चा अपनी अगली रणनीति पर फैसला करेगा। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार संगठन ने सरकार से बातचीत का रास्ता खुला रखा है। किसान नेताओं का कहना है कि उनकी मांगों पर सरकार के रुख और बातचीत के परिणाम के आधार पर आगे का आंदोलन तय किया जाएगा। ऐसे में 24 सितंबर की बैठक के बाद पंजाब में किसान आंदोलन की अगली दिशा स्पष्ट हो सकती है। हालांकि बैठक के अंतिम नतीजे और सरकार की ओर से लिए जाने वाले फैसलों की जानकारी सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किसानों की किन मांगों पर सहमति बनती है और किन मुद्दों पर आगे बातचीत जारी रहती है।

 

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Sneha Menon

Sneha Menon

2 घंटे पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

Yash Kulkarni

Yash Kulkarni

3 घंटे पहले

Jai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.

Riya Jain

Riya Jain

4 घंटे पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

Kunal Rao

Kunal Rao

4 घंटे पहले

Desh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.

Dhruv Bhatt

Dhruv Bhatt

6 घंटे पहले

Bharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.

Priya Iyer

Priya Iyer

6 घंटे पहले

Hamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.

Trapti Tanwar

Trapti Tanwar

7 घंटे पहले

Bharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.

Nidhi kumari

Nidhi kumari

8 घंटे पहले

Bharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.

Yash Kulkarni

Yash Kulkarni

9 घंटे पहले

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Saanvi Pandey

Saanvi Pandey

9 घंटे पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

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