महाराष्ट्र में मानसून का कहर, 62 मौतें: महाराष्ट्र में मानसून का कहर, 62 मौतें 74 लोग घायल

Sai Mehta
19 घंटे पहलेYeh samajik mudda bahut gambhir hai, dhyan dena zaroori hai.
Krishna Yadav
1 दिन पहलेJab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.
Riya Jain
1 दिन पहलेAam aadmi ki taklif samjhna aur samajhana dono zaroori hai.
Aarav Sharma
1 दिन पहलेYeh sirf ek ghar ki nahi, pure samaj ki baat hai.
Krishna Yadav
1 दिन पहलेPeedit logo ke saath poori tarah sahmat hoon.
महाराष्ट्र में लगातार हो रही भारी बारिश ने कई जिलों में जनजीवन प्रभावित कर दिया है। मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़ और पुणे समेत कई क्षेत्रों में रुक-रुक कर तेज बारिश, जलभराव और तेज हवाओं का असर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में भारी बारिश, गरज-चमक और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। मुंबई में हाई टाइड को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
1 जून से अब तक 62 लोगों की मौत
महाराष्ट्र राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) के अनुसार, 1 जून से 8 जुलाई के बीच बारिश और उससे जुड़ी घटनाओं में 62 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 74 लोग घायल हुए हैं। मृतकों में सबसे अधिक 25 लोगों की मौत इमारत और दीवार गिरने, 23 लोगों की मौत आकाशीय बिजली, 6 लोगों की मौत पेड़ गिरने, 6 लोगों की मौत भूस्खलन, और 2 लोगों की मौत बाढ़ की घटनाओं में हुई है।
भारी बारिश से कई जिले प्रभावित
पिछले 24 घंटों में ठाणे, पालघर, रायगढ़, मुंबई उपनगर और पुणे में अत्यधिक वर्षा दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण कई नदियां खतरे के निशान के करीब या उससे ऊपर बह रही हैं। निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनने पर प्रशासन ने कई स्थानों पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई शुरू की है।
पशुधन और बुनियादी ढांचे को भी नुकसान
बारिश से इंसानों के साथ-साथ पशुधन पर भी बड़ा असर पड़ा है। राज्य में अब तक लगभग 200 पशुओं की मौत दर्ज की गई है, जिनमें अधिकांश मौतें आकाशीय बिजली गिरने के कारण हुईं। वहीं कई स्थानों पर पेड़ गिरने, भूस्खलन और दीवार ढहने की घटनाओं से संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है।
समुद्री तट और रेलवे पर प्रशासन की नजर
भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (INCOIS) ने महाराष्ट्र के समुद्री तट के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। मछुआरों और छोटी नौकाओं को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। वहीं पश्चिम रेलवे के अनुसार, फिलहाल उपनगरीय लोकल ट्रेन सेवाएं सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं और किसी भी रेलखंड पर जलभराव के कारण परिचालन बाधित नहीं हुआ है।
उत्तराखंड में भी भारी बारिश का असर
महाराष्ट्र के साथ-साथ उत्तराखंड में भी भारी बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया है। उत्तरकाशी, टिहरी, पौड़ी और अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, बाढ़ और सड़कें बंद होने की घटनाएं सामने आई हैं। कई जिलों में रेड अलर्ट जारी है और प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य चला रहा है। आपदा प्रबंधन विभाग ने दोनों राज्यों के लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।








